श्रीलंका बनाम भारत के बीच दूसरा टेस्ट मैच 23 अगस्त को सुबह 10 बजे से खेला जाएगा. दूसरे टेस्ट के लिए भारत ऑफ-स्पिनर सारांश जैन और रिस्ट-स्पिनर कुलदीप यादव में से किसे चुनेगा, यह पूरी तरह से सिंहालीज स्पोर्ट्स क्लब की पिच की हालत पर निर्भर करेगा. श्रीलंका के पूर्व क्रिकेटर रसेल अर्नोल्ड ने सुझाव दिया कि भारतीय टीम मैनेजमेंट को शुक्रवार को प्रैक्टिस सेशन के दौरान पिच देखने के बाद ही कुलदीप की जगह जैन को खिलाने का फैसला करना चाहिए.
सारांश जैन को मिल सकता है डेब्यू का मौका
गॉल में खेले गए सीरीज के पहले मैच में भारत ने 165 रनों से जीत हासिल की थी, लेकिन कुलदीप सिर्फ एक विकेट ही ले पाए थे. गॉल में शानदार जीत के बाद भारत अभी दो मैचों की सीरीज में 1-0 से आगे है. रविवार को शुरू होने वाले कोलंबो टेस्ट में भारतीय टीम अपनी बढ़त को और मजबूत करने की कोशिश करेगी, लेकिन अगर कुलदीप की जगह जैन को मौका मिलता है, तो इंदौर के रहने वाले जैन का यह टेस्ट डेब्यू होगा. उन्होंने अब तक फर्स्ट-क्लास क्रिकेट में 181 विकेट लिए हैं और बल्ले से 2,223 रन बनाए हैं.
ऑफ-स्पिनर को शामिल करना सही फैसला
उन्होंने कहा कि, 'श्रीलंका के लिए बाएं हाथ के बल्लेबाजों ने बहुत अच्छा प्रदर्शन किया है, इसलिए ऑफ-स्पिनर को टीम में शामिल करना सही फैसला हो सकता है. लेकिन यह फैसला कल तक के लिए टाल देना चाहिए, क्योंकि पिच को देखने के बाद ही यह तय हो पाएगा. ऐसा इसलिए है क्योंकि अगर पिच सूखी लगती है और स्टंप्स की सीध में जल्दी टर्न ले सकती है, तो सारांश जैन एक अच्छा विकल्प हो सकते हैं.'
टीम इंडिया को कुलदीप की जरूरत
गुरुवार को सोनी स्पोर्ट्स नेटवर्क द्वारा आयोजित एक वर्चुअल बातचीत में अर्नोल्ड ने IANS से कहा, 'अगर पिच सपाट दिखती है और गेंद के और अंदर जाने की गुंजाइश है, तो श्रीलंकाई बल्लेबाजी लाइन-अप में हलचल पैदा करने के लिए आपको कुलदीप और उनकी चालाकी की जरूरत होगी.'
भारत के सामने टीम चुनने की दुविधा के अलावा, श्रीलंका को भी अपनी स्ट्रक्चरल समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है, क्योंकि गाले में शुरुआती टॉप-ऑर्डर के लड़खड़ाने से उन्हें हार का सामना करना पड़ा था. पहली पारी में श्रीलंका का स्कोर 90/5 हो गया था और दूसरी पारी में वे 47/4 पर संघर्ष कर रहे थे.
ओपनिंग पार्टनरशिप में श्रीलंका का बुरा हाल
श्रीलंका के लिए यह भी मुश्किल रही कि गाले में चोट के कारण पथुम निसंका और कुसल मेंडिस जैसे खिलाड़ी उपलब्ध नहीं थे, और अब कोलंबो में भी उन्हें दिनेश चंडीमल की कमी खलेगी क्योंकि उन्हें सिर में चोट (कनकशन) लगी है. अर्नोल्ड ने कहा, 'श्रीलंका के लिए यह समस्या कुछ समय से बनी हुई है. टेस्ट खेलने वाले सभी देशों में, पिछले कुछ वर्षों में श्रीलंका की ओपनिंग पार्टनरशिप सबसे खराब रही है. उनके आंकड़े वास्तव में बहुत अच्छे नहीं रहे हैं.'
उन्होंने कहा कि, 'हालांकि पथुम निसंका टीम में रहे हैं और बेहतर खिलाड़ियों में से एक रहे हैं, लेकिन उनके साथ ओपनिंग करने वाले खिलाड़ी बदलते रहे हैं. निशान मदुष्का, जिन्होंने अब तक लगभग 12-13 टेस्ट मैच खेले हैं, 200 रन की पारी के अलावा, वास्तव में बहुत अच्छा प्रदर्शन नहीं कर पाए हैं. इसलिए मुझे लगता है कि यह एक ऐसा क्षेत्र है जिस पर उन्हें वास्तव में ध्यान देने की जरूरत है.'
टॉप-ऑर्डर के लड़खड़ाने की बताई वजह
उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि गाले में टॉप-ऑर्डर के लड़खड़ाने के पीछे नई गेंद के खिलाफ जल्दबाजी में आक्रामकता दिखाना एक कारण था. 'जब टॉप-ऑर्डर की बात आती है, तो जब गेंद नई और सख्त होती है, तो वह थोड़ा हरकत करती है. ऐसे में अपने शॉट्स खेलना आसान नहीं होता. मुझे लगता है कि श्रीलंकाई टॉप-ऑर्डर ने बहुत जल्दी शॉट्स खेलने की गलती की. यहां तक कि कामिंदु मेंडिस, जो अनुभवी हैं और जिन्होंने बहुत सारे रन बनाए हैं, वे भी इस जाल में फंस गए.'
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(आईएएनएस इनपुट के साथ)
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