स्कॉटलैंड संसद के सदस्य (MSP) मार्टिन डे और केरल की रहने वाली नितिन चंद ने गुरुवायूर के प्रसिद्ध श्रीकृष्ण मंदिर में पारंपरिक हिंदू रीति-रिवाजों के साथ विवाह समारोह आयोजित कर अपनी वर्षों पुरानी इच्छा को पूरा किया. एर्नाकुलम जिले के पिरवोम की निवासी नितिन चंद वर्ष 2008 में उच्च शिक्षा के लिए ब्रिटेन गई थीं, जहां उनकी मुलाकात मार्टिन डे से हुई. दोनों ने पहले ब्रिटेन में विवाह कर लिया था, लेकिन गुरुवायूर मंदिर में वैवाहिक रस्में निभाने का सपना बाढ़ और कोविड-19 महामारी सहित कई कारणों से टलता रहा. आखिरकार इस सप्ताह यह समारोह संपन्न हुआ.
गुरुवायूर मंदिर में संपन्न हुई पारंपरिक शादी
परिवार से जुड़े सूत्रों के अनुसार स्कॉटिश नेशनल पार्टी के नेता और स्कॉटलैंड संसद के सदस्य मार्टिन डे ने केरल के प्रसिद्ध गुरुवायूर श्रीकृष्ण मंदिर में पारंपरिक धार्मिक रीति-रिवाजों के अनुसार विवाह समारोह में हिस्सा लिया. मंदिर में संपन्न रस्मों के बाद मंगलवार को गुरुवायूर स्थित एक सभागार में पारंपरिक विवाह समारोह आयोजित किया गया. इस समारोह में दंपति के करीबी रिश्तेदार, मित्र और परिवार के सदस्य शामिल हुए.
सोशल मीडिया पर साझा की तस्वीरें
मार्टिन डे ने गुरुवायूर में हुए विवाह समारोह की तस्वीरें अपने आधिकारिक पेज पर भी साझा कीं. तस्वीरों में दोनों पारंपरिक भारतीय परिधान में नजर आए और केरल की सांस्कृतिक परंपराओं के अनुसार विवाह समारोह संपन्न हुआ.
2008 में हुई थी मुलाकात, 2016 में शादी
सूत्रों के मुताबिक नितिन चंद एर्नाकुलम जिले के पिरवोम की निवासी हैं. वह वर्ष 2008 में आईटी मैनेजमेंट में उच्च शिक्षा प्राप्त करने के लिए यूनाइटेड किंगडम गई थीं. इसी दौरान उनकी मुलाकात मार्टिन डे से हुई और समय के साथ दोनों के बीच संबंध मजबूत होते गए. 2016 में दोनों ने ब्रिटेन में विवाह कर लिया.
बाढ़ और कोरोना के कारण टलता रहा सपना
परिवार के अनुसार नितिन की लंबे समय से इच्छा थी कि उनकी शादी की पारंपरिक रस्में गुरुवायूर मंदिर में आयोजित हों. हालांकि केरल में आई बाढ़ और बाद में कोविड-19 महामारी के चलते यह योजना कई वर्षों तक टलती रही. आखिरकार अब दोनों ने गुरुवायूर पहुंचकर धार्मिक परंपराओं के अनुसार विवाह समारोह आयोजित किया और अपनी अधूरी इच्छा को पूरा किया.
मार्टिन डे कौन हैं?
मार्टिन डे (55) स्कॉटिश नेशनल पार्टी (SNP) के वरिष्ठ नेता हैं और स्कॉटलैंड की राजनीति में लंबे समय से सक्रिय हैं. उन्होंने लिनलिथगो (Linlithgow) क्षेत्र का स्थानीय और राष्ट्रीय स्तर पर प्रतिनिधित्व किया है. उन्होंने अपने राजनीतिक करियर की शुरुआत 1999 में वेस्ट लोथियन काउंसिल के सदस्य के रूप में की थी. इसके बाद वर्ष 2015 में वह लिनलिथगो और ईस्ट फॉल्कर्क क्षेत्र से ब्रिटेन की संसद (हाउस ऑफ कॉमन्स) के सदस्य (MP) चुने गए.
वर्तमान में वह स्कॉटिश संसद की क्लाइमेट एक्शन कमेटी (Climate Action Committee) और इकोनॉमी, टूरिज्म एंड एनर्जी कमेटी (Economy, Tourism and Energy Committee) के सदस्य हैं. राजनीति में आने से पहले मार्टिन डे बैंकिंग क्षेत्र में काम करते थे और वेस्ट लोथियन में स्थानीय प्रशासन से भी जुड़े रहे हैं.
नितिन चंद कौन हैं?
नितिन चंद केरल के एर्नाकुलम जिले के पिरवोम क्षेत्र की रहने वाली हैं. वह नवंबर 2008 में उच्च शिक्षा के लिए यूनाइटेड किंगडम गई थीं. उन्होंने ब्रिटेन में आईटी मैनेजमेंट (IT Management) में मास्टर डिग्री हासिल की. निधिन, सेवानिवृत्त पशु चिकित्सा अधिकारी (Veterinary Officer) के.एन. चंद्रन और पूर्व पम्पाकुडा ग्राम पंचायत सदस्य राजम्मा की बेटी हैं. ब्रिटेन में पीएचडी के दौरान नए आव्रजन (इमिग्रेशन) नियम लागू किए गए, जिसके चलते हजारों विदेशी छात्रों के वीजा रद्द कर दिए गए. इनमें निधिन का वीजा भी शामिल था. ब्रिटेन छोड़ने के बजाय उन्होंने इस मुद्दे पर सक्रिय भूमिका निभाई. उन्होंने संसद में अपनी बात रखी और विभिन्न समितियों के सामने भारतीय छात्रों का प्रतिनिधित्व किया. इसी दौरान उनकी मुलाकात लिनलिथगो और ईस्ट फॉल्कर्क के तत्कालीन सांसद मार्टिन डे से हुई.
इसके बाद उन्होंने निधिन को अपने माता-पिता मार्गरेट डे और रॉन डे से मिलवाया. परिवार ने भी निधिन को पूरे स्नेह के साथ स्वीकार किया, जबकि उस समय उनके वीजा और नौकरी की स्थिति को लेकर अनिश्चितता बनी हुई थी.
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