Manav Suthar's turn mystery: श्रीलंका के खिलाफ हाल ही में गॉल में पहले टेस्ट में 165 रन से मिली जीत के बाद करियर के सिर्फ दूसरे टेस्ट में लगातार पांच विकेट विकेट चटकाने वाले लेफ्टआर्म स्पिनर मानव सुथार (Manav Suthar) दुनिया भर के फैंस ही नहीं, बल्कि पूर्व दिग्गजों और पंडितों के लिए भी मानो शोध का विषय बन गए हैं. और वजह है इस लेफ्टआर्म स्पिनर को मिलने वाला उनका घुमाव. गॉल में मानव सुथार अकेले ऐसे स्पिनर थे, जिन्होंने सभी स्पिनरों में जब 74 % गेंद 4.5 डिग्री पर टर्न कराईं, तो पूर्व क्रिकेटरों ने उन्हें अलग ही 'चश्मे' से देखना शुरू कर दिया. बहरहाल, अगर किसी लेफ्टआर्म स्पिनर को इतना घुमाव हासिल करते देख लोगों का माथा ठनका है, तो वो वजह भी सामने आ गई है कि क्यों वह टप्पे से गेंद को इतना घुमा पाते है. दरअसल इसके पीछे है मानव सुथार का फिंगर-हाइपरटेंशन और 1200+ RPM (रिवॉल्यूशन प्रति मिनट) के पीछे का रहस्य. चलिए इन दोनों ही बातों को बारी-बारी से डिकोड करते हैं.
🚨If Manav Suthar had played cricket in the 1970s, he would be called a legend today.
— Mention Cricket (@MentionCricket) August 20, 2026
His deliveries can beat batters in the air before even pitching because of incredible drift, dip and revolutions he generates.
Unlike many modern spinners who rush through their action, Suthar… pic.twitter.com/ioyeIXBWA4
मानव की सामान्य से लंबी उंगलियां
दरअसल मानव सुथार की उंगलियां गेंद पर ग्रिप बनाते समय और उसे रिलीज करते समय पीछे की तरफ लगभग 15 से 20 डिग्री तक अतिरिक्त मुड़ सकती हैं. यह मानव की जन्मजात शारीरिक विशेषता है. और इसके पीछे वजह है मानव की उंगलियों का सामान्य से लंबा होना और सुथार अपनी इन उंगलियों का पूरा इस्तेमाल करते हैं. इन्हीं सामान्य से लंबी उंगलियों के कारण गेंंद के पीछे विज्ञान भी अलग तरीके से काम करता है, जो उन्हें सामान्य फिंगर स्पिनर (ऑफ या पारंपरिक लेफ्टआर्म स्पिनर) को अतिरिक्त या 4.5 डिग्री का घुमाव देता है.
सेंटर ऑफ एक्सीलेंस (COE) में पकड़ में आया केस
भारतीय टीम में शामिल होने से पहले जब मानव सुथार बेंगलुरु स्थित सेंटर ऑफ एक्सीलेंस में अभ्यास कर रहे थे, तो वहां के हाई-स्पीड 3D मोशन कैमरों ने उनकी बॉलिंग का पूरा डाटा रिकॉर्ड किया. इस दौरान हॉक-आई और स्मार्ट-बॉल ट्रैकिंग और मैच और नेट्स के दौरान इस्तेमाल की जाने वाली स्मार्ट-बॉल तकनीक ने यह रीड किया कि मानव जब भी गेंद छोड़ते हैं, तो उनकी गेंद का रोटेशन सामान्य फिंगर स्पिनरों से कहीं ज्यादा 1200 से 1300 RPM (रिवॉल्यूशन प्रति मिनट) के बीच रहता है.
यहां से एक्सपर्ट ने पकड़ा 'फिंगर हाइपरटेंशन'
जब स्पोर्ट्स साइंस विशेषज्ञों ने इस अत्यधिक स्पिन का कारण जानने के लिए उनके हाथों का शारीरिक परीक्षण किया तो पता चला कि उनकी कलाई और उंगलियों के जोड़ों में सामान्य इंसानों से अधिक लचीलापन है, जिसे मेडिकल भाषा में डिजिटल हाइपरमोबिलिटी या 'फिंगर-हाइपरटेंशन' कहा जाता है. और जब उनकी उंगलियों के जोड़ सामान्य से अधिक मुड़ते हैं, तो इसका (फिंगर हाइपरटेंशन) का उन्हें 3 अहम पहलुओं से फायदा मिलता है
ONLY HIS SECOND TEST.✊🇮🇳
— Rajat Jain (@RajatJain) August 19, 2026
Manav Suthar:
4/76 + 6/55 = 10/131🔥
Best figures by an Indian in Sri Lanka.
India's new left-arm spinner just rewrote the record books in Galle. #INDvSL #Cricket pic.twitter.com/ZpJhjMVgVC
बिना थके 1200+ RPM (रिवॉल्यूशन प्रति मिनट) पर भारी स्पिन
एक सामान्य फिंगर स्पिनर (ऑफ या लेफ्ट आर्म) को गेंद को ज्यादा घुमाने के लिए उंगलियों के साथ कलाई और पीठ की ताकत का इस्तेमाल करना होता है, लेकिन इन सामान्य स्पिनरों की तुलना में मानव बिना ताकत या अतिरिक्त जोर लगाए बिना ही 20 से 30 डिग्री का अतिरिक्त झुकाव हासिल करते हैं. उनकी उंगली आखिरी मिली सेकेंड तक सीम पर बनी रहती है. और बाकी सामान्य स्पिनरों की तरह ताकत लगाए बिना वह 1200+ RPM (रिवॉल्यूशन प्रति मिनट) पर स्पिन हासिल कर लेते हैं. सरल शब्दों में इसका मतलब यह है कि गेंदबाज के हाथ से छूटने के बाद गेंद एक मिनट में कितनी बार घूमती (रोटेटे) होती है. इसे आप गेंद की 'स्पिन की रफ्तार' कह सकते हैं. गेंद जितनी तेजी से अपने एक्सिस (धुरी) पर घूमेगी, उसका RPM उतना ही ज्यादा होगा. और इसी फिंगर हाइपरटेंशन (उंगलियों में अतिरिक्त लचीलेपन) के कारण वह हवा में गेंद को लेट ड्रिफ्ट (गेंद का दिशा बदलना) और चकमा देते हैं, तो पिच से खतरनाक उछाल भी हासिल करते है.
1200+RPM के गणित को आप समझें
कोई भी सामान्य स्पिनर 1100 RRM पर गेंदबाजी करता है, लेकिन अपनी लंबी उंगली और फिंगर हाइपरटेंशन के कारण मानव सुथार 1200+RRM पर बॉलिंग करते हैं. RRM यानी रिवॉल्यूशन प्रति मिनट को आप प्रति सेकेंड से भी निकाल सकते हैं.
RPS= 1200/60=20
यानी मानव सुथार की गेंद प्रति सेकेंड 20 चक्कर के हिसाब से घूमती है.
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