- मोर्ने मोर्केल भारत के बॉलिंग कोच हैं जबकि उनके बड़े भाई एल्बी दक्षिण अफ्रीका के कोचिंग कंसल्टेंट हैं
- 22 फरवरी को सुपर आठ मुकाबले में दोनों भाई अलग-अलग टीमों के ड्रेसिंग रूम में रहेंगे
- मोर्ने और एल्बी मोर्केल 2015 में वनडे में साथ खेलकर दक्षिण अफ्रीका के पहले भाई की जोड़ी बने थे
ये कहानी है मोर्ने मोर्केल (Morne Morkel) और एल्बी मोर्केल (Albie Morkel) की. ये कहानी है दो भाइयों की जो दक्षिण अफ्रीका के रहने वाले हैं और अपना पूरा क्रिकेट करियर दक्षिण अफ्रीका के लिए लगा दिया. मौजूदा समय में वह कोच की भूमिका में है, मगर अलग-अलग खेमे में हैं. मोर्ने मोर्केल छोटे हैं और 2024 से भारत के बॉलिंग कोच हैं, जबकि एल्बी मोर्केल बड़े हैं और दक्षिण अफ्रीका के कोचिंग कंसल्टेंट हैं. 22 फरवरी को सुपर आठ में जब दक्षिण अफ्रीका और भारत का मैदान पर मुकाबला होगा तब दो सगे भाई दो अलग-अलग टीम के ड्रेसिंग रूम में मौजूद होंगे. 22 फरवरी को दक्षिण अफ्रीका पिछले टी20 वर्ल्ड कप के फाइनल में अपनी हार का बदला लेने उतरेगा. उस वक्त जहां एल्बी मोर्केल अपनी टीम दक्षिण अफ्रीका को जीतने का गुर बता रहे होंगे. वही मोर्ने मोर्केल भारत को दक्षिण अफ्रीकी खिलाड़ियों को आउट करने की टिप्स दे रहे होंगे.
दिल्ली के अरुण जेटली स्टेडियम में दक्षिण अफ्रीका और संयुक्त अरब अमीरात मैच के दौरान जब दोनों भाईयों के बारे में पूछा गया तो एल्बी मोर्केल ने कहा था कि सबसे ज्यादा तनाव में हमारी मां होंगी कि किसे सपोर्ट किया जाए. मोर्ने के भारतीय गेंदबाजी कोच बनने पर एल्बी ने कहा था कि यह एक ऐसा काम है जिसमें गलती की कोई गुंजाइश नहीं है. एल्बी मोर्केल चेन्नई सुपरकिंग्स के लिए 2007 से 20013 तक लगातार धोनी की कप्तानी में खेले हैं. जबकि मोर्ने मोर्केल 2009 से 2016 के बीच राजस्थान, दिल्ली और कोलकाता नाइट राइडर्स के लिए खेले.
दोनों भाई 2015 में एक साथ दक्षिण अफ्रीका के लिए वनडे में गेंदबाजी की शुरुआत करने वाले पहले भाई की जोड़ी बने थे. मोर्ने और एल्बी के पिता भी दक्षिण अफ्रीका में स्थानीय स्तर का क्रिकेट खेल चुके हैं. जबकि सबसे बड़े भाई मालन भी क्रिकेट खेल चुके हैं. मोर्ने मोर्केल 86 टेस्ट, 117 वनडे और 44 टी20 खेल चुके हैं, जबकि एल्बी मोर्केल एक टेस्ट, 58 वनडे और 50 टी20 खेल चुके हैं. 22 फरवरी को जब भारत और दक्षिण अफ्रीका के खिलाड़ी मैदान पर उतरेंगे तो इन मोर्केल बंधुओं का भी इम्तिहान होगा.
वैसे तो दुनिया भर में कई भाईयों की जोड़ी ने सफलता के कई रिकॉर्ड बनाए हैं. जैसे आस्ट्रेलिया के चैपल बंधुओं से लेकर वॉ बंधु तक, न्यूजीलैंड के ब्रेंडन बंधु, केरन बंधु इंग्लैंड में,जिंबाब्वे के फ्लावर बंधु नामी नाम हैं.. जबकि भारत में भी लाला अमरनाथ के बेटे मोहिंदर और सुरेन्द्र, युसुफ और इरफान पठान, हार्दिक और क्रुणाल पांड्या हैं उसी तरह घरेलू क्रिकेट में सरफराज खान और मुशीर खान खेल रहे हैं और क्रिकेट के मैदान पर लाखों लोगों के दिल जीत रहे है.
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