IND vs PAK U19 World Cup 2026: अंडर-19 वर्ल्ड कप का सबसे बड़ा मुकाबला और क्वींस स्पोर्ट्स क्लब, बुलावेयो में भारत और पाकिस्तान की अंडर-19 टीमें आमने-सामने होंगी. यह सिर्फ दो टीमों की भिड़ंत नहीं, बल्कि उस भविष्य की झलक होगी, जो आने वाले वर्षों में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट पर राज कर सकता है. भारतीय टीम के लिए यह मैच बेहद खास है क्योंकि इस टूर्नामेंट में कुछ ऐसे खिलाड़ी हैं जिनका प्रदर्शन सिर्फ स्कोरकार्ड तक सीमित नहीं, बल्कि पूरी टीम की दिशा तय करता है. आइए जानते हैं उन 5 भारतीय खिलाड़ियों के बारे में, जिन पर इस महामुकाबले में सबसे ज्यादा उम्मीदें टिकी होंगी.
वैभव सूर्यवंशी भविष्य का स्टार
महज 14 साल की उम्र में वैभव सूर्यवंशी जिस आत्मविश्वास के साथ बल्लेबाज़ी कर रहे हैं, वह उन्हें भीड़ से अलग खड़ा करता है. टूर्नामेंट में अब तक उन्होंने 166 रन (औसत 41.50) बनाए हैं, जिसमें ज़िम्बाब्वे के खिलाफ 24 गेंदों में 53 रन की विस्फोटक पारी शामिल है.
वैभव की सबसे बड़ी ताकत उनका शॉट सिलेक्शन है. वह सिर्फ छक्के मारने पर निर्भर नहीं रहते, बल्कि गैप निकालकर रन लेते हैं और गेंदबाज़ों की रणनीति बिगाड़ देते हैं. पाकिस्तान के खिलाफ यह मुकाबला उनके लिए खुद को बड़े मंच पर साबित करने का सुनहरा मौका होगा.
आयुष म्हात्रे कप्तान की अहम जिम्मेदारी
हर सफल टीम के पीछे एक शांत लेकिन सटीक सोच वाला कप्तान होता है, और भारत के लिए यह भूमिका निभा रहे हैं आयुष म्हात्रे. न्यूजीलैंड के खिलाफ 27 गेंदों में 53 रन और टूर्नामेंट में 99+ रन उनके फॉर्म की गवाही देते हैं. आयुष सिर्फ रन नहीं बनाते, बल्कि हालात के हिसाब से खेल को कंट्रोल करते हैं. पाकिस्तान जैसे दबाव वाले मैच में उनका अनुभव भारतीय पारी की रीढ़ साबित हो सकती है.
संकट में भरोसे की दीवार अभिज्ञान कुंडू
अभिज्ञान कुंडू ने इस टूर्नामेंट में साबित किया है कि वह सिर्फ विकेटकीपर नहीं, बल्कि मैच संभालने वाले बल्लेबाज़ भी हैं. बांग्लादेश के खिलाफ 80 रन और ज़िम्बाब्वे के खिलाफ 61 रन उनकी निरंतरता को दिखाते हैं. अगर भारत का टॉप ऑर्डर लड़खड़ाता है, तो अभिज्ञान वही खिलाड़ी हैं जो पारी को संभाल सकते हैं. और अगर मंच तैयार है, तो स्कोर को बड़े आंकड़े तक ले जाने की क्षमता भी रखते हैं.
मिडिल ओवर्स का मास्टरमाइंड कनिष्क चौहान
वनडे क्रिकेट में 11 से 40 ओवर का फेज़ अक्सर मैच तय करता है, और कनिष्क चौहान इसी दौर के सबसे अहम खिलाड़ी हैं. टूर्नामेंट से पहले उनके नाम 22 विकेट थे और गेंद के साथ वह लगातार प्रभाव छोड़ते आ रहे हैं. बांग्लादेश के खिलाफ बल्ले से 28 रन बनाकर उन्होंने यह भी दिखाया कि जरूरत पड़ने पर वह स्कोर को “सुरक्षित” से “खतरनाक” बना सकते हैं. पाकिस्तान के खिलाफ उनकी स्पिन अहम हथियार होगी.
तेज रफ्तार से कहानी बदलने वाला नाम डी. दीपेश
हर बड़ी टीम को एक ऐसा तेज़ गेंदबाज़ चाहिए होता है जो शुरुआत में झटका दे सके, और भारत के लिए यह जिम्मेदारी निभा रहे हैं डी. दीपेश. एशिया कप में 14 विकेट लेने के बाद, अब वह वर्ल्ड कप में 135 किमी/घंटा की रफ्तार से बल्लेबाज़ों को परेशान कर रहे हैं. नई गेंद से स्विंग और डेथ ओवर्स में सटीक लाइन अगर दीपेश यह दोनों जोड़ लेते हैं, तो पाकिस्तान की बल्लेबाजी के लिए मुश्किलें खड़ी हो सकती हैं.
बुलावेयो में खेला जाने वाला यह मुकाबला सिर्फ भारत बनाम पाकिस्तान नहीं होगा, बल्कि यह उस अगली पीढ़ी का इम्तिहान होगा, जो आने वाले सालों में भारतीय क्रिकेट की पहचान बनेगी. इन सबके बीच वैभव सूर्यवंशी इस मैच की धड़कन होंगे, लेकिन आयुष, अभिज्ञान, कनिष्क और दीपेश ये सभी मिलकर भारत की कहानी लिख सकते हैं.
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