India vs New Zealand 5Th T20I: समझो आ ही गया! जी हां, अगले महीने भारत और श्रीलंका में होने जा रहे टी20 विश्व कप (T20 World Cup 2026) ने टीम सूर्यकुमार सहित तमाम टीमों के सिर पर मंडराना शुरू कर दिया है. तमाम टीमें मेगा इवेंट से ठीक पहले अपने तमाम पत्ते दुरुस्त करने में जुटी हैं. भारत के पास आज न्यूजीलैंड के खिलाफ (Ind vs Nz 5th T20I) से पहले तमाम बातों को दुरुस्त करने के लिए आखिरी मैच है. हालांकि, मेगा इवेंट से पहले भारत दो-वार्म अप मैच खेलेगा, लेकिन अंतरराष्ट्रीय मैच आखिर में अंतरराष्ट्रीय ही होते हैं, और अभ्यास मैचों से इनकी तुलना नहीं हो सकती. इस लिहाज से भारत के पास आज एक ही मैच है. और सवाल कई हैं, जिनका जवाब गंभीर को अभी भी ढूंढना बाकी है. चलिए आप उन शीर्ष 5 सवालों के बारे में बारी-बारी से जान लें, जिन्हें लेकर करोड़ों भारतीय फैंस टी20 विश्व कप से पहले खासे चिंतित हो चले हैं, जिन्हें लेकर बातें हो रही हैं.
5. तिलक/वॉशिंगटन को मिलेगी प्रैक्टिस?
ये दोनों ही टी20 विश्व कप अभियान में टीम इंडिया के दो बड़े हथियार हैं, लेकिन दोनों को लेकर ही सौ फीसद स्थिति साफ नहीं है. कुछ रिपोर्ट कह रही हैं कि वॉशिंगटन नॉकआउट राउंड से टीम के साथ जुड़ेंगे, कोई कुछ कहा रहा है. वहीं, तिलक वर्मा को भी लेकर BCCI ने कुछ साफ नहीं किया है. न्यूजीलैंड के खिलाफ तो दोनों ही जरूरी मैच प्रैक्टिस हासिल करने से चूक गए. मैच प्रैक्टिस और फॉर्म दो अलग-अलग बाते हैं. फॉर्म को छोड़ देते हैं, क्या तिलक और वॉशिंगटन को 7 फरवरी को विश्व कप अभियान का आगाज करने से पहले जरूरी प्रैक्टिस मिल पाएगी?
4. उप-कप्तान अक्षर पटेल को लेकर फैंस चिंतित
अक्षर पटेल विश्व कप में टीम के नायब है, लेकिन चोट के कारण न्यूजीलैंड के खिलाफ एक ही मैच खेले, तो उन्हें लेकर भी चाहने वालों की चिंता उसी स्तर पर पहुंच गई, जो तिलक वर्मा को लेकर बनी हुई है. हो सकता है कि अक्षर पटेल मेगा इवेंट से पहले फिट हो जाएं, लेकिन सवाल यही रहेगा कि क्या इन तमाम खिलाड़ियों का फिट होना भर काफी है? इनका फिट होना बहुत ही अच्छा होगा, लेकिन इनके साथ क्या लेकर प्रबंधन मेगा इवेंट में एंट्री करेगा? मसलब किस स्तर की फॉर्म? किस स्तर का कॉन्फिडेंस? क्या मेगा इवेंट से पहले 'जंग' पूरी तरह से हट पाएगा?
3. वरुण/कुलदीप से ज्यादा चाहिए!
भारत का हालिया सफलता में मिस्ट्री स्पिनर वरुण चक्रवर्ती की भूमिका बहुत ही अहम रही है. उन्होंने न केवल बॉलिंग में सुधार किया है, बल्कि जरूरत पर विकेट भी चटकाए. विकेट चटकाने की दर भी बढ़ी, लेकिन विश्व कप से ठीक पहले की सीरीज में वह नहीं मिला, जिसकी फैंस उम्मीद कर रहे थे. वरुण खेले 2 मैचों में सिर्फ 3 ही विकेट चटका सके, तो उनका इकॉनमी रन-रेट भी 9 का रहा. कुछ ऐसा ही कुलदीप के बारे में जा सकता है, जिन्होंने 3 मैचों में 4 विकेट लिए हैं. उनका इकॉनमी भी 9.63 का रहा.
4. पावर प्ले और डेथ ओवरों का चैलेंज!
अगर टीम इंडिया ने इन दो बड़े हिस्सों को अच्छी तरह और नियमित रूप से या सबसे बड़ी जरूरत के मौकों पर नियंत्रित कर लिया, तो फिर शायद ही कोई उसे फिर से विश्व चैंपियन बनने से रोक सके. इस मामले में टीम इंडिया की तस्वीर चमकीली कम, धुंधली ज्यादा रही है. विशाखापट्टम में चौथे टी-20 में भारतीय बॉलरों के सामने कीवी ओपनरों ने शुरुआती 6 ओवरों में बिना नुकसान के 71 रन बना डाले, तो डेथ ओवर (16-20 ओवर) यानी आखिरी 5 ओवरों में भारतीय गेंदबाज सिर्फ 2 ही विकेट ले सके, जबकि रन 63 खर्च कर डाले. प्रति ओवर दस रन से भी ज्यादा. और इसमें पकड़ बनाए रखना कोचिंग स्टॉफ के लिए बड़ा चैलेंज हो चला है. एक छोर पर बुमराह में पुराना डंक नजर नहीं आ रहा है, तो यहां से अर्शदीप और हर्षित राणा को पावर-प्ले और आखिरी ओवरों में विरोधी बल्लेबाजों पर नकेल कसने के लिए खासा काम करना होगा
5. संजू सैमसन का क्या होगा?
सच यही है कि हेड कोच गौतम गंभीर पांचवें और आखिरी मैच से पहले ही यह फैसला ले चुके होंगे कि जब भारत 7 फरवरी को विश्व कप में यूएसए के खिलाफ पहले मैच में मैदान पर उतरेगा, तो सैमसन का क्या करना है? वास्तव में न्यूजीलैंड के खिलाफ आखिरी मैच औपचारिकता भर है. बशर्ते वह कोई असाधारण पारी न खेल दें. ऐसे में फैंस के लिए सबसे बड़ा सवाल संजू सैमसन को लेकर ही हो चला है कि वह इलेवन का हिस्सा होंगे, या ईशान किशन? संजू सैमसन शुरुआती चार मैचों में नाकाम हुए, तो पूर्व क्रिकेटरों ने अपना साफ-साफ फैसला सुना दिया. भारतीय प्रबंधन का फैसला भी जल्द ही सामने आएगा, लेकिन मुश्किलें सैमसन के लिए बहुत ज्यादा हो चली हैं. खासकर तब, जब तिलक वर्मा नंबर-3 पर लौटेंगे.
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