Silver Price Update: अगर आप चांदी में निवेश करने की सोच रहे थे या पहले से निवेश कर चुके हैं, तो यह खबर आपके काम की है. भारतीय कमोडिटी मार्केट (MCX) में शुक्रवार को चांदी की कीमतों में वो हुआ जो दशकों में नहीं देखा गया. सिर्फ कुछ घंटों के अंदर चांदी के दाम 25% (करीब ₹1 लाख प्रति किलो) तक गिर गए. अभी कल तक जो चांदी 4 लाख के पार जाकर आसमान छू रही थी, वह अचानक जमीन पर आ गिरी. आइए जानते हैं इस बड़ी गिरावट की पूरी कहानी और अब आपको क्या करना चाहिए.
आखिर क्यों दिखी इतनी बड़ी गिरावट
मार्केट एक्सपर्ट के अनुसार, अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप के केविन वॉर्श को फेडरल रिजर्व का नया चेयरमैन नामित किए जाने से ग्लोबल मार्केट हिल गया, जिससे डॉलर इंडेक्स में जबरदस्त उछाल आया. इसके अलावा चांदी पिछले कुछ महीनों में 170% तक बढ़ चुकी थी. जब कीमतें 4 लाख के शिखर पर पहुंचीं, तो बड़े निवेशकों ने मुनाफा वसूली शुरू कर दी, जिससे पैनिक सेलिंग की स्थिति बन गई. कीमतों के गिरते ही एल्गोरिदम ट्रेडिंग और मार्जिन कॉल्स ट्रिगर हो गईं, जिससे बिकवाली का ऐसा दबाव बना कि सर्किट भी काम नहीं आए.
निवेशकों के लिए अब क्या है सलाह?
मार्केट एक्सपर्ट्स सभी निवेशकों को यही सलाह दे रहे हैं कि अगर आप लंबी अवधि के निवेशक हैं, तो घबराने की जरूरत नहीं है. ऐतिहासिक रूप से चांदी में ऐसी बड़ी गिरावट के बाद रिकवरी भी उतनी ही तेज होती है. अभी एक साथ सारा पैसा न लगाएं. बाजार में अभी और अस्थिरता रह सकती है, इसलिए धीरे-धीरे खरीदारी करें.
क्या चांदी फिर चमकेगी?
भले ही चांदी का रंग फीका पड़ा हो, लेकिन Citi Research जैसे बड़े संस्थानों का मानना है कि इंडस्ट्रियल डिमांड (सोलर पैनल, EV और AI) की वजह से चांदी का भविष्य अभी भी उज्ज्वल है. कुछ एनालिस्ट्स ने तो आने वाले महीनों में चांदी के इंटरनेशनल मार्केट में $150/ounce तक जाने की भविष्यवाणी भी की है.
(डिस्क्लेमर: निवेश करने से पहले अपने सलाहकार से चर्चा जरूर करें. बाजार के जोखिम आपके मुनाफे और कैपिटल दोनों पर असर डाल सकता है.)
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