अबू धाबी के शेख जायद क्रिकेट स्टेडियम में बांग्लादेश-अफगानिस्तान के बीच जारी एकमात्र टेस्ट के तीसरे दिन तेज गेंदबाज हसन महमूद ने इतिहास रच दिया. उन्होंने दूसरी नई गेंद से कहर बरपाते हुए लगातार गेंदों पर इसमत आलम, क़ैस अहमद और जिया उर रहमान का शिकार किया और बांग्लादेश के टेस्ट इतिहास में हैट्रिक लेने वाले पहले तेज गेंदबाज बन गए हैं. रेड बॉल फॉर्मेट में इससे पहले बांग्लादेश के लिए आलोक कपिल और सोहाग गाजी ने हैट्रिक ली थी. लेकिन दोनों ही स्पिनर थे. बता दें, बांग्लादेश ने पहली पारी में 346 रन बनाए थे, जिसके जवाब में अफगानिस्तान ने 223 के स्कोर पर 9 विकेट गंवा दिए थे.
हसन महमूद ने ऐसे पूरी की हैट्रिक
दूसरे दिन का खेल खत्म होने के बाद रहमत शाह 84 के स्कोर पर नाबाद पवेलियन लौटे थे. जबकि बांग्लादेश को दूसरी नई गेंद के लिए 6 बॉल का इंतजार था. तीसरे दिन का पहला ओवर फेंकने मेहदी हसन आए. इसके बाद बांग्लादेश ने कप्तान ने दूसरी नई गेंद के लिए और अधिक इंतजार नहीं किया. नजमुल हसन ने एक छोर से एबादोत हुसैन को लगाया तो दूसरे छोर से हसन महमूद को. इसके बाद दिन का चौथा ओवर फेंकने आए हसन महमूद ने नई गेंद से कहर बरपा दिया.
हसन महमूद ने 83वें ओवर की तीसरी गेंद पर पहले इस्मत आलम को बैक ऑफ लेंथ थी गेंद पर बोल्ड किया. यह गेंद काफी नीची रही थी. स्टंप्स बिखरने पर आमल हैरान रह गए थे. उन्होंने गेंद को रोकने की कोशिश की थी, लेकिन गेंद उनके बल्ले के नीचे से निकलकर ऑफ-स्टंप के निचले हिस्से से टकरा गई.
अगली गेंद पर हसन महमूद से क़ैस अहमद को लिटन दास के हाथों कैच करवा पवेलियन की राह दिखाई. टप्पा खाकर कांटा बदलती गेंद को अहमद खड़े खड़े खेल गए और गेंद बल्ले के बाहरी किनारा लेकर सीधे विकेट के पीछे गई, जहां लिटन ने हवा में पूरी लंबाई में डाइव लगाई और एक हाथ से शानदार कैच लपका.
हसन महमूद ने इसके बाद ज़िया-उर-रहमान को विकेट के आगे अपने जाल में फंसाया. ऑफ स्टंप की यह गेंद पड़ने के बाद अंदर की ओर आई. लेकिन रहमान इसे डिफेंड करने में चूक गए और गेंद उनके पैड पर आकर लगी. बांग्लादेश की अपील पर अंपायर ने उंगली नहीं उठाई. जिसके बाद कप्तान ने रिव्यू का फैसला लिया. बॉल-ट्रैकिंग में तीन रेड दिखे.
खत्म किया 13 सालों का इंतजार
टेस्ट में बांग्लादेश के लिए सबसे पहली हैट्रिक आलोक कपाली ने ली थी. उन्होंने 2003 में पाकिस्तान के खिलाफ पेशावर में हुए मुकाबले में शब्बीर अहमद, दानिश कनेरिया और उमर गुल का शिकार किया था. इसके बाद सोहाग गाजी ने 2013 में चटगांव में न्यूजीलैंड के खिलाफ यह कारनामा किया था. खास बात है कि सोहाग ने इस मुकाबले में शतकीय पारी भी खेली थी.
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