वेस्टइंडीज के दिग्गज सलामी बल्लेबाज क्रिस गेल ने आधुनिक क्रिकेट में युवा बल्लेबाजों के आक्रामक और निडर रवैये की सराहना की है. उनका मानना है कि नई पीढ़ी के खिलाड़ी जोखिम लेने से नहीं घबराते और इसी सोच ने क्रिकेट को पहले से अधिक रोमांचक बना दिया है. गेल के अनुसार, आज के बल्लेबाज शुरू से ही बड़े शॉट खेलने का प्रयास करते हैं और तेज गति से रन बनाने पर जोर देते हैं. उनकी यह सकारात्मक और बेखौफ मानसिकता खेल में नई ऊर्जा लेकर आई है, जिससे दर्शकों को लगातार आक्रामक बल्लेबाजी और शानदार छक्के-चौके देखने को मिलते हैं.
उन्होंने कहा कि आधुनिक क्रिकेट में बल्लेबाजों का आत्मविश्वास काफी बढ़ा है और वे मुश्किल परिस्थितियों में भी अपने स्वाभाविक खेल पर भरोसा रखते हैं. गेल का मानना है कि इसी निडर रवैये की वजह से टी20 और सीमित ओवरों के क्रिकेट में रन बनाने की रफ्तार पहले के मुकाबले काफी तेज हो गई है, जिससे खेल और अधिक मनोरंजक बन गया है.
शारजाह क्रिकेट स्टेडियम में वर्ल्ड चैंपियनशिप ऑफ लेजेंड्स' के दौरान बात करते हुए 47 वर्षीय गेल ने दुनिया भर में खेल के बदलते तरीकों का स्वागत किया, जहां बल्लेबाज बिना किसी हिचकिचाहट के पहली ही गेंद से गेंदबाजों पर हावी हो जाते हैं. वेस्टइंडीज के दिग्गज बल्लेबाज क्रिस गेल ने कहा कि उन्हें खुशी है कि मौजूदा दौर में बल्लेबाज लगातार रिकॉर्ड तोड़ रहे हैं. उनके मुताबिक, इसकी सबसे बड़ी वजह युवा खिलाड़ियों का निडर रवैया है, जो बिना किसी डर के पहली ही गेंद से आक्रामक बल्लेबाजी करना पसंद करते हैं.
गेल ने कहा, 'मुझे खुशी है कि अब बल्लेबाज रिकॉर्ड तोड़ रहे हैं, न कि गेंदबाज. इसकी वजह यह है कि आजकल हमारे युवा निडर होकर क्रिकेट खेल रहे हैं. वे पहली ही गेंद से अटैक करते हैं. खिलाड़ी बिना किसी डर या पक्षपात के खेलते हैं.'
'यूनिवर्स बॉस' के नाम से मशहूर गेल का मानना है कि क्रिकेटरों की सोच में आए बदलाव ने खासतौर पर व्हाइट-बॉल क्रिकेट की तस्वीर बदल दी है. उनका कहना है कि आज के बल्लेबाज शुरुआत से ही रन बनाने के लिए तैयार रहते हैं और जोखिम लेने से नहीं घबराते.
उन्होंने कहा, 'खेल बदल गया है. खिलाड़ी बदल गए हैं. बल्लेबाज अब रन बनाने के लिए बेताब रहते हैं और पहली ही गेंद से निडर होकर खेलते हैं. वे पूरी तरह से बेखौफ हैं, और यह खेल के लिए अच्छा है.'
वेस्टइंडीज के पूर्व ऑलराउंडर ड्वेन ब्रावो ने खेल के बदलते समीकरणों पर एक गेंदबाज के नजरिए से बात की. उनका मानना था कि जहां जबरदस्त बल्लेबाजी ने खेल को नई ऊंचाइयों पर पहुंचाया है, वहीं अगर गेंदबाजों को नए दौर के साथ चलना है तो उन्हें अपने खेल को बेहतर बनाना होगा.
ब्रावो ने कहा, 'मैं दुनिया भर में हो रही बल्लेबाजी को देख रहा हूं, और मुझे खुशी है कि मेरे खेलने के दिन अब बीत चुके हैं. बल्लेबाजों की स्किल्स में जबरदस्त सुधार हुआ है. खेल में हो रहे बदलावों के साथ बने रहने के लिए गेंदबाजों को अपनी स्किल्स बढ़ानी होंगी और नए तरीके अपनाने होंगे.'
उन्होंने आगे कहा, 'विश्व क्रिकेट में हो रहे बदलावों के साथ तालमेल बिठाने के लिए उन्हें अपनी स्किल्स को काफी बेहतर करना होगा.' इसके साथ ही उन्होंने कहा कि वनडे मैचों में 400 और यहां तक कि 500 रन बनना भी अब कोई हैरानी की बात नहीं होगी.
उन्होंने कहा, 'मेरा समय बीत चुका है और खेल बदल रहा है. खेल का तेज रफ्तार की ओर बढ़ना अच्छी बात है. हालांकि, गेंदबाजों को सुधार करने और नए तरीके अपनाने की रूरत है.'
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