चेन्नई के एमए चिदंबरम स्टेडियम में हो दलीप ट्रॉफी फाइनल में ईशान किशन की 270 रनों की धमाकेदार पारी के दम पर ईस्ट जोन ने इतिहास रचते हुए पहली पारी में 708 रन बनाए. यह टूर्नामेंट के इतिहास में पहला मौका है जब ईस्ट जोन 700 का आंकड़ा पार कर पाई है. इससे पहले ईस्ट जोन का सबसे बड़ा स्कोर 1986 में आया था, जब उन्होंने पुणे में वेस्ट जोन के खिलाफ 561 रन बनाए थे. बात अगर दलीप ट्रॉफी के सबसे बड़े स्कोर की करें तो इसका रिकॉर्ड नॉर्थ जोन के नाम है. कप्तान मदन लाल की अगुवाई में ईस्ट जोन ने रमन लांबा के तीसरे शतक के दम पर पहली पारी में 868 रन बनाए थे. ईस्ट जोन के 708 रन, दलीप ट्रॉफी के इतिहास का सातवां सबसे बड़ा टोटल है.
दलीप ट्रॉफी के 10 सबसे बड़े टोटल
- नॉर्थ जोन- 868 (साल 1987)
- वेस्ट जोन- 769 (साल 2010)
- वेस्ट जोन- 747 (साल 1991)
- साउथ जोन- 740 (साल 1986)
- नॉर्थ जोन- 729/9d (साल 1991)
- नॉर्थ जोन-716 (साल 1994)
- ईस्ट जोन- 708 (साल 2026)
- नॉर्थ जोन-708/8d (साल 2001)
- नॉर्थ जोन- 708/9d (साल 1993)
- इंडिया ब्लू- 707 (साल 2016)
'तिहरा शतक' चूके कप्तान ईशान
साउथ जोन के खिलाफ एमए चिदंबरम स्टेडियम में जारी दलीप ट्रॉफी 2026 के फाइनल मैच में कप्तान ईशान किशन ने 270 रनों की पारी खेली, जिसके दम पर ईस्ट जोन का पलड़ा काफी भारी नजर आ रहा है. दूसरे दिन की समाप्ति तक टीम 708 के स्कोर पर सिमट गई. इस पारी में ईस्ट जोन ने कुल 163 ओवरों का सामना किया.
रविवार को टॉस जीतकर बल्लेबाजी करने उतरी ईस्ट जोन को सलामी जोड़ी ने शानदार शुरुआत दिलाई. वैभव सूर्यवंशी ने अभिमन्यु ईश्वरन के साथ पहले विकेट के लिए 88 गेंदों में 100 रन की साझेदारी की. वैभव 37 गेंदों में 1 छक्के और 5 चौकों के साथ 44 रन बनाकर बनाकर आउट हुए, जिसके बाद ईश्वरन ने शिखर मोहन के साथ दूसरे विकेट के लिए 33 रन जुटाए.
ईश्वरन 86 गेंदों में 11 बाउंड्री के साथ 72 रन बनाकर आउट हुए. कुछ देर बाद टीम ने 147 के स्कोर पर सुदीप कुमार (6) के रूप में तीसरा विकेट भी गंवा दिया. यहां से कप्तान ईशान किशन ने मोर्चा संभाला. उन्होंने शिखर मोहन के साथ चौथे विकेट के लिए 94 रन की साझेदारी की. शिखर 3 छक्कों और 9 चौकों के साथ 85 रन बनाकर आउट हुए, जिसके बाद ईशान ने कुमार कुशाग्र के साथ पांचवें विकेट के लिए 230 रन की साझेदारी की.
कुमार कुशाग्र 132 गेंदों में 5 छक्कों और 8 चौकों के साथ 101 रन बनाकर आउट हुए. टीम ने 471 के स्कोर पर अपना पांचवां विकेट गंवाया, जिसके बाद ईशान ने अनुकूल रॉय के साथ 140 रन जुटाकर टीम को 600 के पार पहुंचा दिया. ईशान 250 रन की पारी खेलकर रिटायर्ड हर्ट होकर ड्रेसिंग रूम लौटे. उन्होंने 301 गेंदों में 27 चौके और 7 छक्के लगाए थे.
इसके बाद मोहम्मद शमी (28) ने कुनैन कुरैशी (40) के साथ 54 रन की साझेदारी करते हुए टीम को 650 के पार पहुंचाया. टीम को 680 के स्कोर पर सातवां झटका लगा, जिसके बाद कप्तान ईशान एक बार फिर से बल्लेबाजी के लिए उतरे. टीम ने कप्तान के रूप में अपना नौवां विकेट गंवाया, जिन्होंने 334 गेंदों में 7 छक्कों और 30 चौकों के साथ 270 रन की पारी खेली. त्रिपुरण विजय ने पारी के 163वें ओवर में ईशान किशन के साथ मुकेश कुमार (0) का विकेट भी चटकाया.
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