पिछले दिनों टीम श्रेयस अय्यर ने जापान के खिलाफ जैसी क्रिकेट खेली, वह बहुत को चुभ गई. हालांकि, इन लोगों ने न पिच देखी, न ही इस पहलू को समझा कि यह पांच ओवर का मैच था. सामने वाली टीम भले ही एसोसिएट्स थी, लेकिन खिलाड़ियों की क्षमता छिपी हुई थी. बहरहाल, बात यहीं खत्म नहीं हुई. जीत के बाद सोशल मीडिया पर बड़े वर्ग ने भारत की जीत के बाद धोखाधड़ी के आरोप लगाए थे. खासकर एक चर्चा वाइड गेंद को लेकर थी. बहरहाल, अब विवादित वाइड कॉल पर भारत के पूर्व क्रिकेटर और कमेंटेटर आकाश चोपड़ा ने बड़ा बयान देते हुए कहा है कि अंपायर का फैसला पूरी तरह सही था और इस मामले में शुरुआती समझ को लेकर वे खुद भी गलत थे.
आकाश चोपड़ा ने अपने यूट्यूब चैनल पर नियमों को समझाते हुए बताया कि नए आईसीसी नियमों के मुताबिक स्विच हिट और रिवर्स स्वीप दोनों को एक ही नजरिए से देखा जाता है और गेंद फेंके जाने से पहले या बाद में बल्लेबाज द्वारा रुख बदलने पर गेंदबाज को उसका फायदा मिलता है. उन्होंने स्पष्ट किया कि अंपायरों ने नियमों के तहत ही सही फैसला लिया था और सोशल मीडिया पर केवल अनावश्यक हंगामा खड़ा किया जा रहा है.
नियम पर डिटेल F & Q= Freqquently Asked Questions
प्र 1: एमसीसी के नियमों के अनुसार रिवर्स स्वीप खेलते समय वाइड बॉल के नियम में मुख्य प्रावधान क्या है?
उ: जब कोई बल्लेबाज रिवर्स स्वीप या स्विच-हिट शॉट खेलने का प्रयास करता है (यानी अपना स्टांस या ग्रिप बदलता है), तो अंपायर द्वारा पिच के दोनों किनारों को 'ऑफ साइड' मान लिया जाता है.इसका मतलब है कि पारंपरिक लेग-साइड वाइड का नियम वहां लागू नहीं होता, बल्कि दोनों तरफ ऑफ-साइड की निर्धारित वाइड लाइन के आधार पर ही वाइड का निर्धारण किया जाता है.
प्र 2: इस नियम के लागू होने से पहले पुरानी स्थिति क्या थी?
उ: पहले जब आधुनिक क्रिकेट में रिवर्स स्वीप और स्विच-हिट का चलन सीमित था, तब अंपायर केवल बल्लेबाज के मूल गार्ड और पारंपरिक लेग-स्टंप की स्थिति को देखकर ही लेग-साइड वाइड का फैसला करते थे. बल्लेबाज के शॉट खेलने के लिए मूव करने पर वाइड की सटीक व्याख्या न होने के कारण गेंदबाजों को कई बार अनुचित नुकसान उठाना पड़ता था.
प्र 3: क्या बल्लेबाज के शॉट मिस करने या शॉट बीच में छोड़ने पर भी यही नियम लागू होता है?
उ: हाx, यदि बल्लेबाज ने रिवर्स स्वीप या स्विच-हिट खेलने का इरादा या प्रयास किया है और गेंद विकेटकीपर के पास चली जाती है, तब भी मैदान का वह हिस्सा ऑफ-साइड की तरह ही माना जाएगा. बल्लेबाज के शॉट पूरा न कर पाने या बीच में रोकने से वाइड का पैमाना नहीं बदलता, बल्कि मुख्य आधार यह होता है कि उसने शॉट खेलने के लिए अपनी पोजीशन बदली थी या नहीं.
प्र 4: एमसीसी लॉ 22.4.1 (MCC Law 22.4.1) इस संबंध में क्या स्पष्ट करता है?
उ: इस नियम के अनुसार, यदि बल्लेबाज खुद मूव करके या शॉट खेलने के लिए पोजिशन बदलकर गेंद को ऐसी जगह ले जाता है जहाँ वह सामान्य क्रिकेट शॉट खेल सकता था, तो अंपायर उसे वाइड करार नहीं देता. रिवर्स स्वीप के मामले में बल्लेबाज का खुद मूव करना ही वाइड के दायरे और परिभाषा को बदल देता है।
प्र 5: क्या मैदान पर अंपायर द्वारा दिए गए वाइड के फैसले को बदला जा सकता है? (MCC Law 2.12)
उ: हां, एमसीसी के लॉ 2.12 के तहत अंपायर अपने फैसले को बदल सकता है, बशर्ते वह बदलाव तुरंत किया जाए और अगली गेंद फेंकी न गई हो. यदि खिलाड़ियों या साथी अंपायर से चर्चा के बाद यह स्पष्ट हो जाता है कि बल्लेबाज के रिवर्स स्वीप प्रयास के कारण गेंद तकनीकी रूप से वाइड नहीं थी, तो अंपायर अपने फैसले को वापस ले सकता है. और कुछ ऐसा ही जापान के खिलाफ अंपायरों ने अक्षर पटेल के फेंके आखिरी ओवर में किया.
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