जैसा साल 2018 में धर्मशाला में देखने को मिला था, लगभग वैसी ही तस्वीर अफगानिस्तान की सोमवार को मुल्लनपुर में भारत के खिलाफ इकलौते टेस्ट में देखने को मिली. टीम गिल ने करीब ढाई दिन के भीतर ही मेहमान टीम को पारी और 300 रन से मात देकर बड़ी जीत हासिल की, लेकिन इस विशाल जीत के बावजूद भारत को WTC प्वाइंट टेबल में कोई फायदा नहीं हुआ. चलिए डिटेल से जानिए कि भारत को जीत का फायदा क्यों नही हुआ. और भारत की डब्लूटीसी प्वाइंट्स टेबल में क्या स्थिति है.
इस वजह से नहीं हुआ भारत की स्थिति में बदलाव
आईसीसी वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप (2025-27) चक्र में 9 ही पूर्णकालिक टेस्ट दर्जा प्राप्त देश हैं. इनमें ऑस्ट्रेलिया, भारत, इंग्लैंड, दक्षिण अफ्रीका, न्यूजीलैंड, श्रीलंका, बांग्लादेश, पाकिस्तान और बांग्लादेश हैं. लेकिन टेस्ट दर्जा हासिल करने के बावजूद अफगानिस्तान सीमित रेड-बॉल मैचों के कारण WTC चक्र का हिस्सा नहीं है.
WTC मैचों में जीत के लिए 12, ड्रॉ के लिए 4 और टाई के लिए 6 अंक मिलती हैं. वहीं, धीमी ओवर गति के कारण प्वाइंट्स काटे भी जीता हैं. भारत के खिलाफ मुल्लनपुर में खेला गया इकलौता टेस्ट मैच WTC चक्र से अलग एक द्विपक्षीय सीरीज रही. यही वजह है कि इस मैच से हासिल जीत के प्वाइंट्स का प्वाइंट्स टेबल पर कोई असर नहीं पड़ता है. फिर आप चाहे मैच हारें, या जीतें. फिलहाल भारत ने तालिका में स्थिति के अनुसार 4 जीत के साथ 4 हार का भी सामना किया है. उसने 1 मैच ड्रॉ खेला है. और 52 प्वाइंट्स के साथ उसका जीत प्रतिशत 48.15 है.
टीम गिल की अगली सीरीज
भारत की अगली डब्लूटीसी टेस्ट सीरीज इस साल अगस्त में श्रीलंका के खिलाफ उसी की धरती पर 2 मैचों की सीरीज है. अंक तालिका में अपनी स्थिति सुधारने के लिए भारत के लिए ये दोनों ही मैच बेहद महत्वपूर्ण हैं. श्रीलंका के बाद भारतीय टीम नवंबर 2026 में दो और टेस्ट मैचों के लिए न्यूजीलैंड का दौरे पर जाएगी. और ये चारों टेस्ट मैच टीम गिल के डब्ल्यूटीसी प्वाइंटस और रैकिंग तय करने में बहुत ही अहम भूमिका निभाएगा.
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