भारत के पहले कप्तान थे कर्नल सीके नायडू. कोट्टारी कनकैया नायडू, जिन्होंने साल 1932 में भारत के लिए पहला टेस्ट मैच खेला. देश के लिए सीके नायडू उस दौर में खेले, जब भारतीय खिलाड़ियों को ऐतिहासिक दस्तावेजों के अनुसार 1930 के दशक में विदेशी दौरों के लिए प्रतिदिन लगभग 10 शिलिंग से 1 ब्रिटिश पाउंड का भत्ता प्राप्त होता था. साल 1932 में 1 ब्रिटिश पाउंड की विनिमय दर लगभग 13.33 भारतीय रुपये (INR) के बराबर निश्चित थी. इस दर के हिसाब से 5 दिनी टेस्ट मैच की अवधि के दौरान एक खिलाड़ी को लगभग 5 पाउंड, यानी लगभग 65 से 70 रुपये की कुल राशि भत्ते के रूप में मिलती थी. वहीं, आजादी के बाद 1950 के दशक में आधिकारिक तौर पर प्रति टेस्ट मैच फीस ₹250 निर्धारित की गई, जो 1960 के दशक में बढ़कर ₹400 तथा 1970 के दशक में ₹500 से ₹2,500 तक पहुंच चुकी थी. भारत के लिए सिर्फ 7 टेस्ट मैच में 25.00 के औसत से 350 रन बनाने वाले कर्नल सीके नायडू ने एक मैच में 140 मीटर का छ्क्का लगाया था. यह वह बात है, जो आज या पूर्व के बड़े से बड़े भारतीय दिग्गज हासिल नहीं कर सके हैं.
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साल 1932 के भत्ते का वर्तमान मुद्रा के आधार पर मूल्य
साल 1932 में प्राप्त लगभग ₹65 से ₹100 के प्रति टेस्ट मैच भत्ते को 2026 के भारतीय रुपये में परिवर्तित करने के लिए आर्थिक क्रय शक्ति सूचकांक (Purchasing Power Parity) और स्वर्ण मूल्य सूचकांक (Gold Standard Baseline) एक आधार है. 1932 के समय भारत में 10 ग्राम सोने का औसत मूल्य लगभग ₹18 से ₹20 के बीच हुआ करता था. वर्तमान वर्ष 2026 में 10 ग्राम सोने का बाजार मूल्य बढ़कर लगभग ₹75,000 से ₹80,000 के स्तर पर है. इस आधार पर 1932 से अब तक 3,800 से 4,000 गुना की ऐतिहासिक वृद्धि हुई है.
यदि 1932 के टेस्ट भत्ते की औसतन राशि ₹66.65 में 3,900 गुना मानक का प्रयोग किया जाए, तो तब खेले गए टेस्ट मैच का भत्ता आज के समय में लगभग ₹2.50 लाख से ₹3.50 लाख रुपये बराबर बैठता है. पूरे पां दिनी मैच, यात्रा भत्ते को मिलाकर यह क्रय शक्ति मूल्य आज के लगभग ₹3.50 लाख से ₹4.50 लाख रुपये के बराबर बैठता है. और वर्तमान खिलाड़ियों को प्रति टेस्ट 3 लाख रुपये प्रति दिन और पूरे मैच के लिए 15 लाख रुपये मिलते है.
चलिए जानिए कि अलग-अलग दौर में भारतीय खिलाड़ियों की कितनी फीस रही
| साल या दशक | प्रति टेस्ट मैच फीस / भत्ता राशि | 2026 के अनुसार अनुमानित क्रय शक्ति मूल्य (INR) |
| 1932 (इंग्लैंड दौरा - टेस्ट भत्ता) | £5 (लगभग ₹65 – ₹70) | ₹2.50 लाख – ₹3.50 लाख |
| 1950 का दशक (निश्चित टेस्ट फीस) | ₹250 प्रति टेस्ट | ₹4.50 लाख – ₹6.00 लाख |
| 1970 का दशक (निश्चित टेस्ट फीस) | ₹500 – ₹2,500 प्रति टेस्ट | ₹8.00 लाख – ₹12.00 लाख |
| 2026 (वर्तमान BCCI टेस्ट मैच फीस) | ₹15,000,000 (15 लाख रुपये आधार फीस) | ₹15.00 लाख (निश्चित आधार फीस) |
आईपीएल के हिसाब सीके नायडू की वर्तमान वेल्यू
यदि कर्नल सी.के. नायडू आधुनिक टी20 युग की इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) नीलामी का हिस्सा होते, तो उनकी असाधारण खेल क्षमता, शैली और व्यक्तित्व के कारण फ्रेंचाइजियों के बीच उन्हें हासिल करने के लिए जबर्दस्त होड़ देखने को मिलती. नायडू अपनी आक्रामक बल्लेबाजी शैली के लिए प्रसिद्ध थे, जिसे आज की टी20 क्रिकेट की प्राथमिक आवश्यकता माना जाता है. साल 1926 में बॉम्बे जिमखाना में मैरीलेबोन क्रिकेट क्लब (MCC) के विरुद्ध खेलते हुए उन्होंने मात्र 116 मिनट में 153 रनों की आतिशी पारी खेली थी. इसमें 11 गगनचुंबी छक्के शामिल थे.इसके अलावा, मद्रास के चेपॉक मैदान पर बाउंड्री से 50 गज दूर 140 मीटर से लंबा छक्का मारना तथा वॉरविकशायर में स्टेडियम पार करके दो काउंटियों को अलग करने वाली नदी के पार छक्का भेजना उनके असाधारण पावर-हिटिंग कौशल को साबित करता है.
एक ऑलराउंडर के रूप में उनकी क्षमता उन्हें टी20 प्रारूप का एक पूर्ण खिलाड़ी बनाती है. वह न केवल मध्यक्रम में आकर फिनिशर की भूमिका निभाने में सक्षम थे, बल्कि अपनी सटीक ऑफ-ब्रेक और मध्यम गति की गेंदबाजी से बीच के ओवरों में महत्वपूर्ण विकेट निकालने में भी माहिर थे. आईपीएल की नीलामी में भारतीय स्पिन-ऑलराउंडरों की मांग हमेशा चरम पर रहती है.उनकी करिश्माई शख्सियत और जनमानस में व्यापक लोकप्रियता फ्रेंचाइजी के लिए ब्रांड मूल्य और स्पॉन्सरशिप राजस्व में अच्छी-खासी वृद्धि लाती वर्तमान आईपीएल नीलामी व्यवस्था में प्रत्येक टीम का पर्स लगभग ₹120 करोड़ होता है. इस दौर में ऋषभ पंत, श्रेयस अय्यर, हार्दिक पांड्या और वेंकटेश अय्यर जैसे शीर्ष भारतीय ऑलराउंडरों और कप्तानों पर ₹18 करोड़ से ₹27 करोड़ की बोलियां लगती हैं. सी.के. नायुडू की आक्रामक बल्लेबाजी, विकेट निकालने की ऑलराउंड क्षमता, भारतीय कप्तान की उपलब्धता और अद्वितीय ब्रांड वैल्यू के संयुक्त प्रभाव को देखते हुए, आईपीएल नीलामी में उन पर ₹19.50 करोड़ से ₹25.00 करोड़ (INR 19.50 Cr - 25.00 Cr) के बीच की रिकॉर्ड-तोड़ बोली लगती.
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