Scotland replaces Bangladesh: शनिवार को अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट काउंसिल (ICC) द्वारा बांग्लादेश की टी20 विश्व कप से बाहर किए जाने के फैसले से पाकिस्तान भी बौखला सा गया है. बौखलाहट ऐसी कि 'ट्रॉफी चोर' PCB चेयरमैन मोहसिन नकवी ने पाकिस्तान के मेगा इवेंट में भाग लेने को लेकर ही गीदड़ भभकी दे डाली है! वह भी तब, जब पीसीबी के फाके पड़े हुए हैं. अक्सर ही खबरें आती रहती हैं कि खिलाड़ियों को फीस देने के लिए खाते में पैसे नहीं हैं, उसका बोर्ड अक्सर विदेशी टीमों को अपने यहां आने के लिए गिड़गिड़ाता रहता है, जिससे खर्चा-पानी के खाते में कुछ पैसा आ जाए लेकिन अकड़ ऐसी कि भारत या ICC को आंखे दिखाने में पीछे नहीं रहता. और वह भी गलत मांग के कारण. इसका नतीजा यह रहता कि पीसीबी की दुनिया भर में जगह हंसाई होती रहती है. बहरहाल, हालांकि, बीसीसीआई से इसकी तुलना करना हाथी बनाम चूहे जैसा या कहां राजा भोज, कहां गंगू तेली जैसी ही बात है! लेकिन आप आंकड़ों से समझें कि अगर हम पाकिस्तान को गंगू तेली कह रहे हैं तो क्यों कह रहे हैं. और वह बीसीसीआई के आगे कहां खड़ा हुआ है.
1. BCCI की रिकॉर्ड कमाई
साल 2023-24 में बीसीसीआई ने भारतीय रुपये में 974 1 करोड़ रुपये की कमाई की. इसमें आईपीएल का योगदान ही 60% रहा, जो इसे दुनिया का सबसे अमीर क्रिकेट बोर्ड बनाता है. वहीं, साल 2023-27 तक पांच साल के लिए आईपीएल मीडिया राइट्स 48,390 करोड़ रुपये में बिके, तो पाकिस्तानियों की मानो सांसें ही गले में अटक गई. प्रति मैच वेल्यू के हिसाब से आईपीएल NFL के बाद दुनिया की सबसे बड़ी लीग है. वहीं, गंगू तेली यानी पाकिस्तान ने दो साल के लिए अपने टीवी अधिकार (1950 करोड़) और डिजिटल अधिकार (560 करोड़) भारतीय मुद्रा में मिलाकर करीब 2520 करोड़ रुपये में बेचे. आप कमाई का अंतर देखें और गंगू तेली की अकड़ देंगे
2. ICC रेवेन्यू में सबसे बड़ा हिस्सा
आईसीसी की 2024-27 की तीन साल की कमाई में BCCI ने 38.5 प्रतिशत का योगदान दिया. यह रकम हर साल करीब 230 मिलियन डॉलर रही. यह किसी बोर्ड द्वारा आईसीसी को सबसे ज्यादा योगदान देने वाली रकम है. वहीं, इसके उलट पीसीबी आए दिन खाली खजाने का रोना रोता रहता है. और पाकिस्तान बोर्ड का icc मॉडलन में योगदान सिर्फ 5.75 प्रतिशत का है. मतलब BCCI पाक बोर्ड की तुलना में छह गुना से भी ज्यादा का योगदान देता है.
3. मजबूत कैश रिजर्व और तूफानी ब्याज
भारतीय बोर्ड के पास बीस हजार करोड़ रुपये से ज्यादा का कैश रिजर्व है, तो उसे हर साल सिर्फ और सिर्फ ब्याज से ही 900-1000 करोड़ रुपये आते हैं. इससे बोर्ड अपने खिलाड़ियों को सालाना मोटी फीस और एसोसिएशनों को अच्छा पैसा देता है. वहीं, पाकिस्तान के पास भारतीय मुद्रा में 1200 से 1500 करोड़ रुपये का कैश रिजर्व है, जो बीसीसीआई की तुलना में दस प्रतिशत से भी कम है, लेकिन आप मोहसिन नकवी और राशिद लतीफ की अकड़ देखिए मानो वह कद या पैसे में भारत से दो गुनी हैसियत रखते हों.
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