
टीम इंडिया (फाइल फोटो)
नई दिल्ली:
एशिया कप में टीम इंडिया ने अपने अभियान का आगाज बांग्लादेश के खिलाफ 45 रन की शानदार जीत के साथ किया है। हरी घास से 'लहलहाते' विकेट पर बैटिंग करते हुए भारतीय टीम ने निर्धारित 20 ओवर्स में 166 रन का स्कोर खड़ा किया और बाद में अपनी शानदार गेंदबाजी से मेजबान टीम को 7 विकेट पर 121 तक ही सीमित कर दिया। मैच में बैटिंग में रोहित शर्मा और आलराउंडर हार्दिक पांड्या और गेंदबाजी में आशीष नेहरा (तीन विकेट) के प्रदर्शन ने इस जीत में अहम भूमिका निभाई। नजर डालते हैं उन कारणों पर जो जीत की राह में अहम साबित हुए....
रोहित शर्मा को 21 रन पर मिला 'जीवनदान'
मैच में शुरुआती पांच ओवर में ही भारत के दो विकेट गिराकर बांग्लादेशी टीम ने शानदार शुरुआत की थी। तीसरे विकेट के रूप में सुरेश रैना भी 13 रन बनाकर चलते बने। इस समय समूची भारतीय पारी रोहित शर्मा के इर्दगिर्द ही केंद्रित थी। इस लिहाज से पारी के 11 ओवर में सकील अल हसन के हाथों से रोहित का कैच छूटना भारतीय टीम के लिए फायदेमंद साबित हुआ। रोहित ने इसके बाद जोरदार बैटिंग करते हुए 83 रन बनाए और टीम को 166 के सम्मानजनक स्कोर तक पहुंचा दिया।
नेहरा-बुमराह ने गेंदबाजी में दी आदर्श शुरुआत
बांग्लादेशी पारी में भारत के लिहाज से यह जरूरी था कि तेज गेंदबाज टीम को आदर्श शुरुआत दें। आशीष नेहरा और जसप्रीत बुमराह ने यही काम किया। नेहरा ने मो. मिथुन और बुमराह ने सरकार को आउट करके मेजबान टीम को बैकफुट पर ला दिया। पारी की शुरुआत में ही विकेट गिरने से आगे के बैट्समैन दबाव में आ गए और टीम की रनगति उस गति से नहीं बढ़ पाई जिसकी दरकार थी। नेहरा तो मैच के सर्वश्रेष्ठ गेंदबाज साबित हुए। उन्होंने चार ओवर्स में 23रन देकर तीन विकेट लिए।
स्पिनरों की कसी हुई गेंदबाजी
तेज गेंदबाजी के लिहाज से आदर्श विकेट पर भारतीय स्पिन जोड़ी रविचंद्रन अश्विन ने कसी हुई गेंदबाजी की और कभी भी बांग्लादेशी बैट्समैनों को 'हाथ खोलने' की आजादी नहीं दी। इससे उसके खिलाडि़यों पर वांछित रनरेट बरकरार रखने को दबाव बढ़ता गया और हताशा में वे अपना विकेट फेंक बैठे। अश्विन ने अपने चार ओवर्स में 23 और जडेजा ने 25 रन दिए।
सकीब और महमूदुल्लाह का नहीं चलना
50 रन पर तीन विकेट गंवाने के बाद मैच में बांग्लादेश के लिए जो भी 'धूमिल' से उम्मीदें थीं, वे उसके हरफनमौला खिलाड़ी सकील अल हसन और महमूदुल्लाह पर टिकी थीं, लेकिन इन दोनों बल्लेबाजों ने बुरी तरह निराश किया। सकीब जहां 3 रन बनाकर रन आउट हो गए वहीं, मेहमूद सात रन बनाकर नेहरा के शिकार बन गए। इन दोनों के आउट होते ही बांग्लादेश की रही-सही उम्मीदें भी धराशायी हो गईं।
रोहित शर्मा को 21 रन पर मिला 'जीवनदान'
मैच में शुरुआती पांच ओवर में ही भारत के दो विकेट गिराकर बांग्लादेशी टीम ने शानदार शुरुआत की थी। तीसरे विकेट के रूप में सुरेश रैना भी 13 रन बनाकर चलते बने। इस समय समूची भारतीय पारी रोहित शर्मा के इर्दगिर्द ही केंद्रित थी। इस लिहाज से पारी के 11 ओवर में सकील अल हसन के हाथों से रोहित का कैच छूटना भारतीय टीम के लिए फायदेमंद साबित हुआ। रोहित ने इसके बाद जोरदार बैटिंग करते हुए 83 रन बनाए और टीम को 166 के सम्मानजनक स्कोर तक पहुंचा दिया।
नेहरा-बुमराह ने गेंदबाजी में दी आदर्श शुरुआत
बांग्लादेशी पारी में भारत के लिहाज से यह जरूरी था कि तेज गेंदबाज टीम को आदर्श शुरुआत दें। आशीष नेहरा और जसप्रीत बुमराह ने यही काम किया। नेहरा ने मो. मिथुन और बुमराह ने सरकार को आउट करके मेजबान टीम को बैकफुट पर ला दिया। पारी की शुरुआत में ही विकेट गिरने से आगे के बैट्समैन दबाव में आ गए और टीम की रनगति उस गति से नहीं बढ़ पाई जिसकी दरकार थी। नेहरा तो मैच के सर्वश्रेष्ठ गेंदबाज साबित हुए। उन्होंने चार ओवर्स में 23रन देकर तीन विकेट लिए।
स्पिनरों की कसी हुई गेंदबाजी
तेज गेंदबाजी के लिहाज से आदर्श विकेट पर भारतीय स्पिन जोड़ी रविचंद्रन अश्विन ने कसी हुई गेंदबाजी की और कभी भी बांग्लादेशी बैट्समैनों को 'हाथ खोलने' की आजादी नहीं दी। इससे उसके खिलाडि़यों पर वांछित रनरेट बरकरार रखने को दबाव बढ़ता गया और हताशा में वे अपना विकेट फेंक बैठे। अश्विन ने अपने चार ओवर्स में 23 और जडेजा ने 25 रन दिए।
सकीब और महमूदुल्लाह का नहीं चलना
50 रन पर तीन विकेट गंवाने के बाद मैच में बांग्लादेश के लिए जो भी 'धूमिल' से उम्मीदें थीं, वे उसके हरफनमौला खिलाड़ी सकील अल हसन और महमूदुल्लाह पर टिकी थीं, लेकिन इन दोनों बल्लेबाजों ने बुरी तरह निराश किया। सकीब जहां 3 रन बनाकर रन आउट हो गए वहीं, मेहमूद सात रन बनाकर नेहरा के शिकार बन गए। इन दोनों के आउट होते ही बांग्लादेश की रही-सही उम्मीदें भी धराशायी हो गईं।
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