- डोभाल का यह दौरा अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के बीच मिडिल ईस्ट की सुरक्षा स्थिति पर चर्चा के लिए है
- अमेरिका ने यूएसएस अब्राहम लिंकन विमानवाहक पोत को अरब सागर में तैनात कर पश्चिम एशिया में सैन्य दबाव बढ़ाया है
- भारत और संयुक्त अरब अमीरात भी सैन्य समझौते पर सहमत हुए हैं जबकि सऊदी और यूएई के बीच तनाव बना हुआ है
मिडिल ईस्ट में हलचल है. पाकिस्तान और सऊदी अरब ने सैन्य समझौता कर लिया है तो ईरान और अमेरिका में तनाव चरम पर है. ऐसे में भारत के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल सऊदी अरब पहुंच गए हैं. डोभाल रियाद में अपने सऊदी वार्ताकारों के साथ बातचीत करेंगे. सऊदी अरब स्थित भारतीय दूतावास ने सोशल मीडिया पर उनके दौरे के बारे में जानकारी दी है.
दूतावास ने क्या बताया
दूतावास ने बताया कि डोभाल आधिकारिक दौरे पर रियाद पहुंचे हैं. हवाई अड्डे पर भारतीय राजदूत सुहेल एजाज खान और सऊदी अरब के राजनीतिक मामलों के उप मंत्री सऊद अल-साती ने उनका स्वागत किया. साती इससे पहले भारत में सऊदी अरब के राजदूत थे. डोभाल का यह दौरा अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनावपूर्ण संबंधों के कारण मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव के बीच हो रहा है.
Hon'ble NSA Shri Ajit Doval arrived in Riyadh on an official visit. He was received at the Airport by Ambassador Dr Suhel Ajaz Khan and H.E Deputy Minister for Political Affairs @KSAmofaEN Ambassador Dr. Saud Al-Sati@MEAIndia@IndianDiplomacy pic.twitter.com/LLarW06r5Z
— India in Saudi Arabia (@IndianEmbRiyadh) February 3, 2026
मिडिल ईस्ट में भयंकर तनाव
अमेरिका ने पहले ही पश्चिम एशिया में अपना सैन्य दबाव बढ़ा दिया है और उसने यूएसएस अब्राहम लिंकन विमानवाहक पोत को अरब सागर में तैनात किया है. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ईरान से उसके परमाणु कार्यक्रम पर अमेरिका के साथ समझौता करने के लिए कह रहे हैं. डोभाल और उनके वार्ताकार द्विपक्षीय संबंधों की स्थिति के साथ-साथ क्षेत्रीय सुरक्षा स्थिति पर भी चर्चा कर सकते हैं.
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पाकिस्तान का एंगल
सऊदी अरब और पाकिस्तान द्वारा अपने दशकों पुराने रक्षा संबंधों को मजबूत करने के लिए एक रक्षा समझौते पर हस्ताक्षर करने के कुछ महीनों बाद डोभाल का यह दौरा हो रहा है. साथ ही भारत और संयुक्त अरब अमीरात भी एक सैन्य समझौते पर सहमत हुए हैं. वहीं सऊदी और संयुक्त अरब अमीरात के संबंध इन दिनों तनावपूर्ण हैं. ऐसे समय में डोभाल का सऊदी दौरा बेहद महत्वपूर्ण लग रहा है. हालांकि, भारत सरकार की तरफ से इस बारे में अन्य कोई सूचना साझा नहीं की गई है.
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