Aravinda de Silva on Vaibhav Sooryavanshi: वैभव सूर्यवंशी हाल के समय में पूरे विश्व क्रिकेट में छाए हुए हैं. विश्व क्रिकेट में उनकी लगातार बात हो रही है. पूर्व दिग्गज वैभव का काबिलियत को देखकर हैरान हैं, कई लोगों ने उन्हें भविष्य का सबसे बड़ा बल्लेबाज करार दे दिया है. वहीं, श्रीलंका के विश्व चैंपियन पूर्व खिलाड़ी अरविंद डी सिल्वा ने वैभव सूर्यवंशी को उन महान खिलाड़ियों की लिस्ट में शामिल कर लिया जिन्होंने अपने खेल से क्रिकेट को बदलना का काम किया है. अरविंद डी सिल्वा ने माना है कि हर युग में ऐसे खिलाड़ी आते हैं जो अपने खेल से क्रिकेट खेलने के तरीके को बदल देते हैं. चाहे वो विवियन रिचर्ड्स हों या फिर सनथ जयसूर्या हों.
अरविंद डी सिल्वा ने वैभव सूर्यवंशी को लेकर अपनी राय दी है और कहा है कि "भारत में यह काबिलियत है वो युवा खिलाड़ियों को मौका देते हैं और उन्होंने पिछले कुछ सालों में इसे बखूबी साबित भी किया है. अगर आप विराट कोहली जैसे खिलाड़ी को देखें, जिन्होंने बहुत कम उम्र में ही शानदार प्रदर्शन किया, तो वे काफी आत्मविश्वास से भरे हुए थे. उस समय मैं श्रीलंका की अंडर-19 टीम के साथ कंसल्टेंट कोच के तौर पर काम कर रहा था. उनमें खुद पर कितना भरोसा था, उस वर्ल्ड कप फाइनल में उन्होंने कैसा प्रदर्शन किया और किस तरह जिम्मेदारी उठाई. जब आप ऐसे खिलाड़ियों को देखते हैं, तो आपको पता चल जाता है कि वे अपने देश की क्रिकेट का भविष्य बनने वाले हैं.
वैभव को लेकर उन्होंने आगे कहा, "आत्मविश्वास और खुद पर भरोसा होना जरूरी है, लेकिन एक इंसान के तौर पर कुछ बातें अहम होती हैं, अगर वे उन लोगों की बात मानें और उनका सम्मान करें जो उन्हें सही राह दिखा सकते हैं, तो मुझे लगता है कि उनका करियर लंबा और सफल होगा, आप किसकी बात सुनते हैं और किससे सलाह लेते हैं, यह बहुत जरूरी है."

टी-20 को बदलने वाला खिलाड़ी, जैसे जयसूर्या और कालुविथराना ने वनडे में किया
श्रीलंका के पूर्व क्रिकेटर अरविंद डी सिल्वा ने वैभव सूर्यवंशी को टी-20 क्रिकेट को पूरी तरह से बदलना वाला खिलाड़ी करार दिया है. पूर्व लंकन खिलाड़ी ने माना है कि जिस तरह से वनडे में सनथ जयसूर्या और कालुविथराना ने क्रिकेट को बदला है, वही बात अब वैभव टी-20 में कर रहे हैं.
विव रिचर्ड्स मेरे आदर्श
स्पोर्ट्स स्टार के साथ बात करते हुए अरविंद डी सिल्वा ने कहा, "मुझे लगता है कि छोटा फॉर्मेट इन युवा खिलाड़ियों को खुलकर खेलने और खुद को जाहिर करने का मौका देता है, इससे मदद मिलती है क्योंकि आप इन युवाओं को बेफ्रिक होकर क्रिकेट खेलने देते हैं.. और मुझे लगता है कि खेल का असली मकसद यही है.अपने समय में, मैंने हमेशा इसी बात को माना और खुद से यही कहा. भले ही जल्दबाजी में शॉट खेलकर आउट होने पर मेरी काफी आलोचना होती थी, फिर भी मैं पॉजिटिव रहना और चुनौती स्वीकार करना चाहता था. मेरे आदर्श विव रिचर्ड्स थे, जब भी मैं बल्लेबाजी करने जाता था, तो हमेशा उनकी तरह खेलने की कोशिश करता था"
श्रीलंका के विश्व विजेता पूर्व दिग्गज ने अपनी बात आगे ले जाते हुए कहा, "सनथ जयसूर्या और कालू रोमेश कालुविथराना भी ऐसे ही थे, टीम का फाकस उन्हें मैदान पर जाकर अपना नैचुरल गेम खेलने देने पर था, उन्हें मैच की पहली दो गेंदों पर आउट होने की भी चिंता नहीं करनी पड़ती थी, और उन्हें 15वें ओवर तक नैचुरल तरीके से खेलने की आजादी मिलती थी, इसीलिए मुझे हमेशा लगता है कि उस फॉर्मेट को शुरू करने के लिए श्रीलंका को IPL से रॉयल्टी लेनी चाहिए . यह उसी शुरुआती 15-ओवर वाले अप्रोच का बढ़ा हुआ रूप है और दिखाता है कि कैसे उन दोनों ने वनडे क्रिकेट का पूरा मोमेंटम बदल दिया.

अरविंद डी सिल्वा ने अपनी बात ले जाते हुए कहा, "असल में, यह सब अप्रोच की बात है.. उस अप्रोच में काफी एंटरटेनमेंट था, और यह टूर्नामेंट के स्ट्रक्चर में भी आगे बढ़ा, यहांटी-20 में हमें वही झलक मिलती है जो 50-ओवर के गेम के शुरुआती 15 ओवरों में देखने को मिलती है. दुनिया भर में चीजें बदल गई हैं, अब खिलाड़ी जरूरी नहीं कि पारंपरिक फर्स्ट-क्लास स्ट्रक्चर से ही आएं.. फ़ंडिंग फ़्रैंचाइज़ी क्रिकेट से आती है. इसलिए, हर देश के लिए एक अच्छा स्ट्रक्चर्ड फ़्रैंचाइज़ी मॉडल होना बहुत ज़रूरी है ताकि यह पक्का किया जा सके कि खिलाड़ियों को बढ़ावा मिले और वे उस प्रोसेस से आगे बढ़ें। जो देश ऐसा कर रहे हैं, वे ही आज सफल हैं."
बता दें कि वैभव का चयन भारतीय टीम में हुआ है. आयरलैंड के खिलाफ पहले टी-20 में वैभव को डेब्यू का मौका नहीं मिला है लेकिन उम्मीद है कि दूसरे टी-20 में वैभव सूर्यलवंशी का डेब्यू होगा, 28 जून को भारत और आयरलैंड के बीच सीरीज का दूसरा और आखिरी मैच खेला जाएगा. पहले टी-20 में भारत को 34 रन से हार का सामना करना पड़ा है.
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