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'एक खराब मैच करियर तय नहीं करता...' भारत की जीत के नायक अंशुल कंबोज का आलोचकों को करारा जवाब

अंशुल कंबोज ने भारत की जीत में अहम भूमिका निभाई. उन्होंने 10 ओवरों के अपने कोटे में सिर्फ 22 रन दिए और 2 विकेट झटके.

'एक खराब मैच करियर तय नहीं करता...' भारत की जीत के नायक अंशुल कंबोज का आलोचकों को करारा जवाब
जीत के नायक अंशुल कंबोज का आलोचकों को करारा जवाब

अंशुल कंबोज ने अपने शुरुआती वनडे करियर में ही उतार-चढ़ाव देख लिए हैं. बुधवार को इस भारतीय तेज गेंदबाज़ ने कहा कि 50 ओवर के फॉर्मेट में उनका खराब डेब्यू उनके लिए अपने खेल को बेहतर बनाने की प्रेरणा बन गया. पिछले महीने मुल्लानपुर में वेस्टइंडीज के खिलाफ अपने पहले वनडे मैच में कंबोज ने 9 ओवर में 82 रन दिए थे, लेकिन ईडन पार्क में न्यूजीलैंड के खिलाफ उन्होंने शानदार वापसी की. ब्लैक कैप्स के खिलाफ भारत की 5 विकेट से जीत में कंबोज ने अहम भूमिका निभाई. उन्होंने 10 ओवर में 22 रन देकर 2 विकेट लिए.

मैच के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस में कंबोज ने कहा,"एक खराब मैच किसी खिलाड़ी का करियर तय नहीं करता. मैंने हमेशा की तरह बस अपनी प्रक्रिया पर ध्यान दिया. एक मैच में अच्छा न कर पाने का मुझ पर कोई खास असर नहीं पड़ा." उन्होंने आगे कहा,"असल में, इससे मुझे और बेहतर करने की प्रेरणा मिली और मुझे समझ आया कि मुझे किन क्षेत्रों में सुधार करने की ज़रूरत है. देखिए, हर बार नतीजे आपके पक्ष में नहीं होते."

क्या वेस्टइंडीज के खिलाफ मैच के बाद सोशल मीडिया पर होने वाली ट्रोलिंग से उन्हें कोई परेशानी हुई? उन्होंने कहा,"मैं इन चीजों पर ज्यादा ध्यान नहीं देता. मेरा पूरा फोकस अपने क्रिकेट पर होता है और मैं सोचता हूं कि एक गेंदबाज़ के तौर पर मैं कैसे बेहतर बन सकता हूं. लोग मेरे बारे में क्या सोचते हैं या क्या कहते हैं, इस पर मैं ज्यादा ध्यान नहीं देता. इसलिए, इससे मुझे कोई खास फर्क नहीं पड़ता."

ऑकलैंड में कंबोज के शांत और संयमित रवैये का उन्हें अच्छा फल मिला, जहां उन्होंने न्यूज़ीलैंड के बल्लेबाजों-मिशेल सैंटनर और नाथन स्मिथ, के विकेट लिए. उन्होंने आगे कहा,"असल में, ईडन पार्क की पिच पर थोड़ी सीम थी. लेकिन यह भी ज़रूरी था कि मैं सही लेंथ और सही जगह पर गेंदबाजी करूं."

"पिच से मदद पाने का यही एकमात्र तरीका है. अगर आपकी लेंथ गलत हो गई, तो आप काफी रन लुटा सकते हैं. इसलिए, मेरी कोशिश यही थी कि मैं अधिक से अधिक गेंदें सही जगह पर डालूं." उन्होंने कहा, "वबल सीम अच्छी तरह काम कर रही थी, और मैंने इसका बखूबी इस्तेमाल किया."

क्या मैच से पहले उन्हें ईडन पार्क मैदान के अजीब डाइमेंशन (आकार) को लेकर कोई चिंता थी? इस पर तेज गेंदबाज ने कहा,"मैंने नतीजों के बारे में ज्यादा नहीं सोचा, क्योंकि विकेट से काफी मदद मिल रही थी. भारत में भी ऐसे छोटे मैदान हैं, इसलिए मैदान के आकार से कोई खास फर्क नहीं पड़ता." उन्होंने आगे कहा,"जब आप विकेट को देखते हैं, तो आप बस यह सोचते हैं कि उस पर कैसी गेंदबाजी करनी है. आप मैदान के आकार के बारे में नहीं सोचते."

कंबोज को टीम में इसलिए शामिल किया गया क्योंकि भारत ने जसप्रीत बुमराह, मोहम्मद सिराज और प्रसिद्ध कृष्णा जैसे प्रमुख गेंदबाजों को अलग-अलग कारणों से आराम दिया था. 25 वर्षीय खिलाड़ी ने कहा कि वह टीम चयन जैसी बाहरी बातों की चिंता करने के बजाय अपनी गेंदबाजी पर ध्यान देना चाहते हैं.

"मैं बस अगले मैच में - या जब भी मुझे खेलने का मौका मिले - उसी लय को बनाए रखना चाहता हूं. इसलिए, मैं किसी और चीज़ के बारे में नहीं सोच रहा हूं. मैं बस उन पहलुओं पर काम कर रहा हूं जिनमें सुधार किया जा सकता है- चाहे वह गेंदबाजी हो, बल्लेबाजी हो या फील्डिंग."

कंबोज ने कहा कि न्यूजीलैंड जैसी मजबूत टीम के खिलाफ सफलता पाने के लिए गेंदबाजी यूनिट को एक टीम के रूप में काम करना होगा. उन्होंने  आगे कहा,"अगर एक छोर से कोई अच्छी गेंदबाजी कर रहा है, तो दूसरे छोर से विकेट मिलने की संभावना बढ़ जाती है. हम लगातार दबाव बनाने की कोशिश कर रहे थे. अगर बल्लेबाज (न्यूजीलैंड के) एक जगह फंस गए हैं, तो उन्हें लंबे समय तक वहीं फंसाए रखने की कोशिश करें."

अपने बॉलिंग प्लान पर बोलते हुए उन्होंने आगे कहा,"हमारा लक्ष्य उन्हें आसानी से बाउंड्री या रन न देना था. अगर आप उन्हें आसानी से रन नहीं देंगे, तो रन बनाने के चक्कर में वे कोई गलत शॉट खेल सकते हैं. और यही रणनीति हमारे काम आई. मुझे लगता है कि वनडे क्रिकेट में, आपको एक पार्टनरशिप के रूप में मिलकर गेंदबाजी करनी चाहिए."

कंबोज ने कहा कि वनडे क्रिकेट में दोनों छोर से दो नई गेंदों का इस्तेमाल होने से गेंदबाजों को परिस्थितियों का बेहतर फायदा उठाने में मदद मिलती है. "टी20 क्रिकेट में सिर्फ एक नई गेंद होती है. इसलिए, 4-5 ओवर के बाद जब गेंद पुरानी हो जाती है, तो उसका मूवमेंट कम हो जाता है. लेकिन वनडे क्रिकेट में, दोनों तरफ से नई गेंद का इस्तेमाल होता है." "तो, हमें 10 या 15 ओवर तक स्विंग मिल सकती है, और अगर उस चरण के बाद भी मूवमेंट बनी रहती है, तो हम इसे और आगे तक खींच सकते हैं."

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