सोशल मीडिया पर नेताओं के बीच अक्सर बहस देखने को मिलती है. अब ऐसी ही एक बहस कांग्रेस प्रवक्ता सुप्रिया श्रीनेत और बीजेपी सांसद सुष्मिता देव के बीच देखने को मिली. दोनों के बीच X पर जोरदार बहस देखने को मिली. इसकी शुरुआत सुष्मिता देव की एक पोस्ट से हुई जिसमें उन्होंने राहुल गांधी को चुनौती दी थी.
हुआ ये कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की हैदराबाद मार्च की तस्वीरें शेयर करते हुए सुष्मिता देव ने राहुल गांधी को चुनौती दी कि अगर उनमें हिम्मत है तो असम आकर ऐसा ही जनसमर्थन दिखाइए.

इस पर सुप्रिया श्रीनेत ने जवाब दिया. उन्होंने लिखा, 'लगता है आप 'भारत जोड़ो न्याय यात्रा' को भूल गए हैं, जो असम से गुजरी थी, जिसमें लाखों लोग शामिल हुए थे, जबकि आपका डरपोक मुख्यमंत्री धमकियां दे रहा था और पुलिस केस दर्ज करवा रहा था.'
उन्होंने लिखा, 'आपकी पार्टी कितनी मूर्ख है जो ऐसे मार्च निकालती है. आखिर आपकी यह नासमझ टोली किसके खिलाफ और किस बात का विरोध कर रही है? इसलिए, चुपचाप बैठ जाइए.'

सुप्रिया की इस पोस्ट पर सुष्मिता देव का भी जवाब आया. उन्होंने लिखा, 'मैं उस यात्रा और 2026 के विधानसभा चुनावों पर उसके असर को कैसे भूल सकती हूं? असम के इतिहास में कांग्रेस का अब तक का सबसे खराब प्रदर्शन और ऊपर से हाल ही के उपचुनावों के नतीजे. लोगों की भारी मांग है - 2029 से पहले एक और यात्रा हो जाए.'
इसके बाद सुप्रिया श्रीनेत ने जवाब देते हुए लिखा, 'अब जब आप 'वोट चोर' ब्रिगेड के साथ हैं, तो मुझे यकीन है कि आप अच्छी तरह जानते होंगे कि जनादेश कैसे चुराया जाता है. आपको एक ट्रोल बनते देखकर दुख होता है. कभी आपमें काफी संभावनाएं थीं. लेकिन सत्ता की एक कीमत चुकानी पड़ती है. और हां, लोगों की मांग पर एक बात- 2029 के बाद अपना पाला मत बदल लेना.'

दोनों की यह बहस यहीं खत्म नहीं हुई. सुप्रिया श्रीनेत की पोस्ट पर सुष्मिता देव ने फिर जवाब दिया. उन्होंने लिखा, 'आपको पता है कि जनादेश क्या होता है, क्योंकि आप 2019 में यूपी के महाराजगंज से चुनाव लड़ चुकी हैं. आप बैठिए मत, बल्कि खड़े होइए और यूपी विधानसभा चुनाव लड़िए (लोगों की यही मांग है). आखिरकार, आप 'लड़की हूं, लड़ सकती हूं' गैंग का हिस्सा हैं. अलविदा!'

कुछ समय बाद सुप्रिया श्रीनेत ने फिर जवाब दिया. उन्होंने लिखा, 'पूरी दुनिया में, आप जैसे राजनीतिक गिरगिट से करियर की सलाह लेना तो दूर की बात है. आप बस एक तुच्छ और घटिया ट्रोल बने रहिए. आपका बस यही एक काम है. लेकिन चूंकि आप हिमंता के लिए एक क्षेत्रीय ट्रोल हैं, तो बेहतर होगा कि असम के लोग ही इस मामले को आगे बढ़ाएं.'
सुप्रिया की इस पोस्ट पर सुष्मिता देव ने कोई जवाब नहीं दिया. इसके बाद दोनों के बीच चल रही बहस यहीं खत्म हो गई.
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