एडिलेड:
रिकी पोंटिंग और कप्तान माइकल क्लार्क के दोहरे शतकों से विशाल स्कोर खड़ा करने के बाद ऑस्ट्रेलिया ने पहली पारी में 61 रन तक भारत के दो विकेट चटकाकर चौथे और अंतिम क्रिकेट टेस्ट के दूसरे दिन अपनी स्थिति मजबूत कर ली।
पोटिंग ने एडिलेड ओवल की बल्लेबाजी की अनुकूल पिच पर 221 जबकि क्लार्क ने 210 रन की पारी खेली जिससे ऑस्ट्रेलिया ने पहली पारी चार विकेट पर 604 रन बनाकर घोषित की। इन दोनों ने चौथे विकेट के लिए उस समय रिकार्ड 386 रन की साझेदारी की जब ऑस्ट्रेलिया 84 रन पर तीन विकेट गंवा चुका था। पहले तीन टेस्ट में शिकस्त के साथ सीरीज गंवा चुके भारत की शुरुआत काफी खराब रही और उसने 31 रन तक ही सलामी बल्लेबाज वीरेंद्र सहवाग (18) और राहुल द्रविड़ (01) के विकेट गंवा दिए।
सलामी बल्लेबाज गौतम गंभीर (नाबाद 30) और सचिन तेंदुलकर (नाबाद 12) ने इसके बाद तीसरे विकेट के लिए 30 रन की अटूट साझेदारी करके पारी को संभालने की कोशिश की। गंभीर शुरुआत से ही लय में दिखे और उन्होंने अब तक 56 गेंद की अपनी पारी में चार चौके जड़े। भारत अब भी ऑस्ट्रेलिया से 543 रन से पिछड़ रहा है जबकि उसके आठ विकेट शेष हैं। टीम को पारी की हार टालने के लिए अब भी 344 रन की दरकार है।
भारत को सहवाग और गंभीर की सलामी जोड़ी से अच्छी शुरुआत की उम्मीद थी लेकिन सहवाग ने एक बार फिर निराश किया। सहवाग को हिलफेंहास की गेंद पर एड कोवान ने जीवनदान दिया लेकिन वह इसका फायदा नहीं उठा पाए और छठे ओवर में पीटर सिडल की पहली गेंद पर ही उन्हें वापस कैच दे बैठे। सहवाग ने मौजूदा सीरीज के चार टेस्ट की सात पारियों में अब तक केवल 19.42 की औसत से 136 रन बनाए हैं।
इससे पहले पोंटिंग और क्लार्क की जोड़ी ने भारतीय गेंदबाजों को तीन सत्र से भी अधिक समय तक विकेट से महरूम रखा। पोंटिंग ने अपनी पारी में 404 गेंद का सामना करते हुए 21 चौके जड़े जबकि क्लार्क ने अपनी प्रवाहमय पारी में 275 गेंद खेलते हुए 26 चौके और एक छक्का मारा।
ऑस्ट्रेलिया की इस अनुभवी जोड़ी की यह साझेदारी इस मैदान पर रिकॉर्ड है। इससे पहले यहां दक्षिण अफ्रीका के ग्रीम पोलाक और एडी बारलो ने 1963-64 सीरीज में तीसरे विकेट के लिए 341 रन जोड़े थे। यह जोड़ी हालांकि चौथे विकेट के ऑस्ट्रेलियाई रिकॉर्ड को तोड़ने से चूक गई जो सर डान ब्रैडमैन और बिल पोन्सफोर्ड के नाम है जिन्होंने 1934 में हेडिंग्ले में इंग्लैंड के खिलाफ 388 रन जुटाए थे।
क्लार्क के लिए यह सीरीज काफी अच्छी रही है और सिडनी में इस महीने की शुरुआत में नाबाद 329 रन के बाद यह उनकी दूसरी बड़ी पारी है। पोंटिंग ने भी सिडनी में शतक जमाया था और आज अपने कैरियर का छठा और भारत के खिलाफ तीसरा शतक पूरा किया।
ऑस्ट्रेलिया ने तीन विकेट पर 335 रन से आगे खेलना शुरू किया और जहीर खान तथा ईशांत शर्मा की गेंदबाजी जोड़ी के खिलाफ सात रन प्रति ओवर से अधिक की दर से रन जुटाए। पहले सत्र में ऑस्ट्रेलिया ने 30 ओवर में बिना विकेट खोए 134 रन जोड़े। भारत ने दूसरे सत्र में 30 ओवर में 100 रन देकर चार विकेट के साथ वापसी की कोशिश की लेकिन तब तक मेजबान टीम विशाल स्कोर खड़ा कर चुकी थी।
ईशांत ने सुबह अपने पहले तीन ओवर में 20 रन के दिए जिसके बाद कप्तान सहवाग ने उन्हें गेंदबाजी से हटा दिया लेकिन पोंटिंग और क्लार्क ने उमेश यादव के खिलाफ भी आसानी से रन बनाए। क्लार्क ने रविचंद्रन अश्विन की गेंद पर दो रन के साथ 255 गेंद में अपने कैरियर का दूसरा दोहरा शतक पूरा किया। पोंटिंग 186 रन के निजी स्कोर पर भाग्यशाली रहे जब इशांत ने अपनी ही गेंद पर उनका कैच छोड़ दिया।
क्लार्क लंच के बाद दूसरे सत्र की तीसरी गेंद पर ही पवेलियन लौट गए। यादव की अंदर की ओर आती गेंद उनके पैड से टकराकर विकेटों में समा गई। पोंटिंग ने इसके बाद यादव की गेंद को स्क्वायर लेग पर पुल करके चार रन के लिए भेजकर 357 गेंद में अपने कैरियर का छठा और भारत के खिलाफ तीसरा दोहरा शतक पूरा किया। लक्ष्मण ने अश्विन की गेंद पर पोंटिंग का कैच छोड़ा। माइकल हसी (25) ने अश्विन की गेंद को स्लिप और गली के बीच से चार रन के लिए भेजकर टीम का स्कोर 500 रन के पार पहुंचाया लेकिन वह इसी ऑफ स्पिनर के अगले ओवर में पोंटिंग के साथ गलतफहमी का शिकार होकर रन आउट हो गए। हैडिन ने अश्विन की गेंद को मिड आन के उपर से छह रन के लिए भेजकर खाता खोला लेकिन जहीर ने अगले ओवर में पोटिंग को सचिन तेंदुलकर के हाथों कैच कराकर उनकी साढ़े आठ घंटे से अधिक की पारी का अंत किया। अश्विन ने पीटर सिडल (02) को विकेटकीपर रिद्धिमान साहा के हाथों कैच कराकर ऑस्ट्रेलिया को सातवां झटका दिया।
हैडिन (नाबाद 42) और रेयान हैरिस (नाबाद 35) ने आठवें विकेट के लिए तेजी से 71 रन जोड़े। हैरिस ने यादव पर डीप स्क्वायर लेग के उपर से छक्का जड़कर टीम का स्कोर 600 रन पार पहुंचाया जिसके एक गेंद बाद कप्तान क्लार्क ने पारी घोषित कर दी।
पोटिंग ने एडिलेड ओवल की बल्लेबाजी की अनुकूल पिच पर 221 जबकि क्लार्क ने 210 रन की पारी खेली जिससे ऑस्ट्रेलिया ने पहली पारी चार विकेट पर 604 रन बनाकर घोषित की। इन दोनों ने चौथे विकेट के लिए उस समय रिकार्ड 386 रन की साझेदारी की जब ऑस्ट्रेलिया 84 रन पर तीन विकेट गंवा चुका था। पहले तीन टेस्ट में शिकस्त के साथ सीरीज गंवा चुके भारत की शुरुआत काफी खराब रही और उसने 31 रन तक ही सलामी बल्लेबाज वीरेंद्र सहवाग (18) और राहुल द्रविड़ (01) के विकेट गंवा दिए।
सलामी बल्लेबाज गौतम गंभीर (नाबाद 30) और सचिन तेंदुलकर (नाबाद 12) ने इसके बाद तीसरे विकेट के लिए 30 रन की अटूट साझेदारी करके पारी को संभालने की कोशिश की। गंभीर शुरुआत से ही लय में दिखे और उन्होंने अब तक 56 गेंद की अपनी पारी में चार चौके जड़े। भारत अब भी ऑस्ट्रेलिया से 543 रन से पिछड़ रहा है जबकि उसके आठ विकेट शेष हैं। टीम को पारी की हार टालने के लिए अब भी 344 रन की दरकार है।
भारत को सहवाग और गंभीर की सलामी जोड़ी से अच्छी शुरुआत की उम्मीद थी लेकिन सहवाग ने एक बार फिर निराश किया। सहवाग को हिलफेंहास की गेंद पर एड कोवान ने जीवनदान दिया लेकिन वह इसका फायदा नहीं उठा पाए और छठे ओवर में पीटर सिडल की पहली गेंद पर ही उन्हें वापस कैच दे बैठे। सहवाग ने मौजूदा सीरीज के चार टेस्ट की सात पारियों में अब तक केवल 19.42 की औसत से 136 रन बनाए हैं।
इससे पहले पोंटिंग और क्लार्क की जोड़ी ने भारतीय गेंदबाजों को तीन सत्र से भी अधिक समय तक विकेट से महरूम रखा। पोंटिंग ने अपनी पारी में 404 गेंद का सामना करते हुए 21 चौके जड़े जबकि क्लार्क ने अपनी प्रवाहमय पारी में 275 गेंद खेलते हुए 26 चौके और एक छक्का मारा।
ऑस्ट्रेलिया की इस अनुभवी जोड़ी की यह साझेदारी इस मैदान पर रिकॉर्ड है। इससे पहले यहां दक्षिण अफ्रीका के ग्रीम पोलाक और एडी बारलो ने 1963-64 सीरीज में तीसरे विकेट के लिए 341 रन जोड़े थे। यह जोड़ी हालांकि चौथे विकेट के ऑस्ट्रेलियाई रिकॉर्ड को तोड़ने से चूक गई जो सर डान ब्रैडमैन और बिल पोन्सफोर्ड के नाम है जिन्होंने 1934 में हेडिंग्ले में इंग्लैंड के खिलाफ 388 रन जुटाए थे।
क्लार्क के लिए यह सीरीज काफी अच्छी रही है और सिडनी में इस महीने की शुरुआत में नाबाद 329 रन के बाद यह उनकी दूसरी बड़ी पारी है। पोंटिंग ने भी सिडनी में शतक जमाया था और आज अपने कैरियर का छठा और भारत के खिलाफ तीसरा शतक पूरा किया।
ऑस्ट्रेलिया ने तीन विकेट पर 335 रन से आगे खेलना शुरू किया और जहीर खान तथा ईशांत शर्मा की गेंदबाजी जोड़ी के खिलाफ सात रन प्रति ओवर से अधिक की दर से रन जुटाए। पहले सत्र में ऑस्ट्रेलिया ने 30 ओवर में बिना विकेट खोए 134 रन जोड़े। भारत ने दूसरे सत्र में 30 ओवर में 100 रन देकर चार विकेट के साथ वापसी की कोशिश की लेकिन तब तक मेजबान टीम विशाल स्कोर खड़ा कर चुकी थी।
ईशांत ने सुबह अपने पहले तीन ओवर में 20 रन के दिए जिसके बाद कप्तान सहवाग ने उन्हें गेंदबाजी से हटा दिया लेकिन पोंटिंग और क्लार्क ने उमेश यादव के खिलाफ भी आसानी से रन बनाए। क्लार्क ने रविचंद्रन अश्विन की गेंद पर दो रन के साथ 255 गेंद में अपने कैरियर का दूसरा दोहरा शतक पूरा किया। पोंटिंग 186 रन के निजी स्कोर पर भाग्यशाली रहे जब इशांत ने अपनी ही गेंद पर उनका कैच छोड़ दिया।
क्लार्क लंच के बाद दूसरे सत्र की तीसरी गेंद पर ही पवेलियन लौट गए। यादव की अंदर की ओर आती गेंद उनके पैड से टकराकर विकेटों में समा गई। पोंटिंग ने इसके बाद यादव की गेंद को स्क्वायर लेग पर पुल करके चार रन के लिए भेजकर 357 गेंद में अपने कैरियर का छठा और भारत के खिलाफ तीसरा दोहरा शतक पूरा किया। लक्ष्मण ने अश्विन की गेंद पर पोंटिंग का कैच छोड़ा। माइकल हसी (25) ने अश्विन की गेंद को स्लिप और गली के बीच से चार रन के लिए भेजकर टीम का स्कोर 500 रन के पार पहुंचाया लेकिन वह इसी ऑफ स्पिनर के अगले ओवर में पोंटिंग के साथ गलतफहमी का शिकार होकर रन आउट हो गए। हैडिन ने अश्विन की गेंद को मिड आन के उपर से छह रन के लिए भेजकर खाता खोला लेकिन जहीर ने अगले ओवर में पोटिंग को सचिन तेंदुलकर के हाथों कैच कराकर उनकी साढ़े आठ घंटे से अधिक की पारी का अंत किया। अश्विन ने पीटर सिडल (02) को विकेटकीपर रिद्धिमान साहा के हाथों कैच कराकर ऑस्ट्रेलिया को सातवां झटका दिया।
हैडिन (नाबाद 42) और रेयान हैरिस (नाबाद 35) ने आठवें विकेट के लिए तेजी से 71 रन जोड़े। हैरिस ने यादव पर डीप स्क्वायर लेग के उपर से छक्का जड़कर टीम का स्कोर 600 रन पार पहुंचाया जिसके एक गेंद बाद कप्तान क्लार्क ने पारी घोषित कर दी।
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