अगर आप भी आईपीओ (IPO) में दांव लगाकर कमाई करने का सोच रहे हैं तो आपके पास बड़ा मौका है.अगले हफ्ते 9 सितंबर को एक ही दिन में रिकॉर्ड 6 कंपनियां अपना IPO लेकर आ रही हैं. यह पहली बार होगा, जब इतनी बड़ी संख्या में IPO एक दिन में सब्सक्रिप्शन के लिए खुल रहे हैं. इस साल 2026 की शुरुआत में अमेरिका-ईरान तनाव के चलते बाजार में जो सुस्ती छाई थी, उसकी भरपाई के लिए अब कंपनियां बाजार से पैसे जुटाने की होड़ में उतर चुकी हैं.
9 सितंबर को खुलेंगे 6 IPO
फर्नीचर रेंटल स्टार्टअप Rentomojo, एसेट रिकंस्ट्रक्शन कंपनी और मनिपाल पेमेंट जैसी 6 बड़ी कंपनियां मिलकर 9 सितंबर को 45.11 अरब रुपये यानी लगभग 4,511 करोड़ रुपये जुटाने जा रही हैं.
1. रेंटोमोजो IPO
फर्नीचर और होम अप्लायंसेज किराए पर देने वाली कंपनी रेंटोमोजो (Rentomojo Ltd) का ₹1,256 करोड़ का आईपीओ 9 से 11 सितंबर तक खुलेगा. इसके लिए शेयर का प्राइस बैंड ₹384 से ₹404 तय किया गया है. इस आईपीओ में ₹150 करोड़ के नए शेयर जारी होंगे, जबकि ₹1,106 करोड़ का 'ऑफर फॉर सेल' (OFS) होगा, जिसके जरिए पुराने निवेशक अपने शेयर बेचेंगे. कंपनी नए शेयरों से मिलने वाले पैसों का इस्तेमाल कर्ज चुकाने और वेयरहाउस के किराए के भुगतान में करेगी. इसके शेयर 17 सितंबर कोBSE और NSE में लिस्ट होंगे.
2. मनिपाल पेमेंट IPO
डिजिटल पेमेंट और स्मार्ट कार्ड सॉल्यूशन देने वाली कंपनी मनिपाल पेमेंट (Manipal Payment and Identity Solutions Ltd) का ₹805 करोड़ का आईपीओ भी 9 से 11 सितंबर तक दांव लगाने के लिए खुलेगा. इसका प्राइस बैंड ₹322 से ₹339 प्रति शेयर रखा गया है. इस इश्यू में ₹320 करोड़ के फ्रेश शेयर और ₹485 करोड़ का 'ऑफर फॉर सेल' (OFS) शामिल है. कंपनी नए फंड का इस्तेमाल अपने मणिपाल, चेन्नई, नवी मुंबई जैसे अलग-अलग प्लांट्स में नए उपकरण और मशीनें लगाने के लिए करेगी. इसके शेयर भी 17 सितंबर को बाजार में लिस्ट होंगे.
इतना ही नहीं, पूरे सितंबर महीने में शेयर बाजार से करीब 4 अरब डॉलर यानी लगभग 33,000 करोड़ रुपये. जुटाने की तैयारी है, जिसमें हीरो मोटर्स और एनएसई (NSE) जैसी दिग्गज कंपनियों के आईपीओ भी लाइन में हैं.
NSE के ₹30,000 करोड़ के IPO की भी मंजूरी
मार्केट रेगुलेटर SEBI ने नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) के IPO को मंजूरी दे दी है. करीब ₹30,000 करोड़ का यह आईपीओ भारतीय शेयर बाजार के इतिहास का अब तक का सबसे बड़ा पब्लिक इश्यू होने जा रहा है, यह पूरा आईपीओ 'ऑफर फॉर सेल' (OFS) होगा, जिसके तहत मौजूदा शेयरधारक अपनी 6% हिस्सेदारी लगभग 14.89 करोड़ शेयर बेचेंगे.इस आईपीओ के साथ NSE का मार्केट कैप ₹5 लाख करोड़ के पार पहुंचने का अनुमान है.
अगले हफ्ते सिर्फ 6 IPO ही नहीं खुलेंगे. कम से कम 5 और कंपनियां भी IPO लाने की तैयारी में हैं. ऐसे में सितंबर का पहला हफ्ता प्राइमरी मार्केट के लिए काफी व्यस्त रहने वाला है.
कंपनियां क्यों जल्दी ला रही हैं IPO?
कंपनियों के IPO लाने की रफ्तार बढ़ने की एक बड़ी वजह बाजार का बेहतर होता माहौल है. साल की शुरुआत में अमेरिका और ईरान के बीच संघर्ष के कारण निवेशकों का भरोसा कुछ कमजोर हुआ था. इसका असर IPO मार्केट पर भी पड़ा.हालांकि, अब बाजार में फिर से हलचल बढ़ी है. ऐसे में कंपनियां इस मौके का फायदा उठाना चाहती हैं.
इसकी एक और वजह IPO की मंजूरी की समयसीमा है. SEBI ने कई कंपनियों को IPO लाने की मंजूरी दी थी. इनमें से कुछ मंजूरियों की समयसीमा 30 सितंबर तक बढ़ाई गई थी. ऐसे में कंपनियां इस तारीख से पहले बाजार में उतरने की कोशिश कर रही हैं.
नए IPO में बढ़ी निवेशकों की दिलचस्पी
नए IPO में निवेशकों की दिलचस्पी भी बढ़ी है. आंकड़ों के मुताबिक, अप्रैल से जून के बीच IPO को औसतन 24.5 गुना सब्सक्रिप्शन मिला था.जुलाई और अगस्त में यह आंकड़ा बढ़कर 59.1 गुना हो गया. यानी निवेशकों ने नए IPO में पहले के मुकाबले काफी ज्यादा आवेदन किए.लिस्टिंग के बाद शेयरों के प्रदर्शन में भी सुधार हुआ है. अप्रैल-जून में औसत लिस्टिंग गेन 5.7% था. जुलाई-अगस्त में यह बढ़कर 19.5% हो गया.
2026 में भारत सबसे बिजी IPO मार्केट
आंकड़ों के मुताबिक, 26 अगस्त तक भारत में 165 IPO आ चुके थे. इनसे करीब 8.61 अरब डॉलर जुटाए गए. IPO की संख्या के लिहाज से भारत 2026 में दुनिया का सबसे व्यस्त बाजार बना हुआ है. हालांकि, जानकारों का कहना है कि बाजार में तेजी का मतलब यह नहीं है कि हर IPO में निवेश करना सही होगा.
जानकारों का मानना है कि IPO मार्केट में यह तेजी साल के बाकी महीनों में भी जारी रह सकती है. आने वाले समय में बड़े IPO बाजार में हलचल बढ़ा सकते हैं.
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