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सोना-चांदी ही नहीं, बिटक्वाइन भी धड़ाम, ट्रंप की जीत के बाद का सारा मुनाफा स्वाहा! $61 हजार के नीचे लुढ़की

Bitcoin Crash Explained: क्रिप्टो बाजार की इस गिरावट ने इनसे जुड़ी कंपनियों की कमर तोड़ दी है. प्रमुख क्रिप्टो एक्सचेंज 'कॉइनबेस ग्लोबल' (Coinbase) के शेयर इस साल 30% से ज्यादा गिर चुके हैं.

सोना-चांदी ही नहीं, बिटक्वाइन भी धड़ाम, ट्रंप की जीत के बाद का सारा मुनाफा स्वाहा! $61 हजार के नीचे लुढ़की
BITCOIN CRASH Explained

Bitcoin Crash Reasons and Expert View Explained: क्‍या क्रिप्टोकरेंसी बाजार के लिए 'अंधेरी रात' शुरू हो गई है? ये सवाल इसलिए मौजूं बना हुआ है, क्‍योंकि दुनिया की सबसे बड़ी और लोकप्रिय डिजिटल करेंसी माने जाने वाले बिटकॉइन (Bitcoin) की कीमतों में भारी  गिरावट देखी जा रही है.शुरुआती कारोबार में बिटकॉइन 4.8% तक टूटकर $60,033 के स्तर पर आ गया. हालांकि बाद में इसमें थोड़ी मजबूती देखी गई और coinmarketcap के अनुसार, शुक्रवार दोपहर तक ये 65,000 डॉलर के करीब था.  

जहां से चढ़ा था, वहीं आ लुढ़का बिटकॉइन 

इस गिरावट के साथ ही बिटकॉइन ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की जीत के बाद हुई अपनी सारी बढ़त खो दी है. पिछले साल जब डोनाल्ड ट्रंप की व्हाइट हाउस में वापसी तय हुई थी, तब निवेशकों ने उन्हें 'क्रिप्टो-फ्रेंडली' मानते हुए डिजिटल टोकन में जमकर पैसा लगाया था. उस समय शुरू हुई सट्टेबाजी की दौड़ ने बिटकॉइन को नई ऊंचाइयों पर पहुंचा दिया था. लेकिन अब बाजार का गणित पूरी तरह बदल गया है. महज चार महीनों के भीतर बिटकॉइन अपनी रिकॉर्ड ऊंचाई से करीब आधा (50%) टूट चुका है. यह अक्टूबर 2024 के बाद का सबसे निचला स्तर है.

क्यों हो रही है ताबड़तोड़ बिकवाली?

क्रिप्‍टो मार्केट में गिरावट के पीछे बाजार विशेषज्ञ कई कारण बता रहे हैं: 

  • लेवरेज्ड बेट्स का खत्म होना: बाजार में उधार लेकर किए गए सौदों (Leveraged bets) के तेजी से कटने और मार्जिन कॉल को पूरा करने के लिए हो रही बिकवाली ने कीमतों को नीचे धकेला है.
  • जियो-पॉलिटिकल टेंशन: वैश्विक स्तर पर बढ़ते तनाव ने निवेशकों के बीच जोखिम लेने की क्षमता (Risk-taking) को कम कर दिया है, जिससे वे सुरक्षित संपत्तियों की ओर भाग रहे हैं.
  • ETF से बाहर निकलता पैसा: ब्लूमबर्ग के आंकड़ों के अनुसार, पिछले एक महीने में ही बिटकॉइन ईटीएफ (ETFs) से लगभग 2 अरब डॉलर बाहर निकल चुके हैं. पिछले तीन महीनों में यह आंकड़ा 5 अरब डॉलर के पार है.

सुरक्षित क्रिप्‍टो का दावा फेल

एक समय में बिटकॉइन को महंगाई के खिलाफ ढाल (Inflation Hedge) या 'डिजिटल गोल्ड' कहा जा रहा था. लेकिन हालिया बाजार संकट ने इन दावों की पोल खोल दी है. वित्तीय तनाव के समय सुरक्षित निवेश बनने के बजाय, बिटकॉइन एक 'हाई-रिस्क एसेट' की तरह व्यवहार कर रहा है. जब टेक शेयरों और कीमती धातुओं में उथल-पुथल मचती है, तो बिटकॉइन और भी ज्यादा कमजोर साबित होता है.

क्या कहते हैं एक्सपर्ट?

NDTV Profit ने ब्‍लूमबर्ग की रिपोर्ट के हवाले से बताया है कि क्रिप्‍टो के अभी बुरे दिन चल रहे हैं. बिटवाइज एसेट मैनेजमेंट के रिसर्च हेड रयान रासमुसेन का कहना है कि क्रिप्टो बाजार अभी निराशा के दौर से गुजर रहा है. वहीं, कुछ रणनीतिकारों का मानना है कि लंबी अवधि के निवेशकों के लिए यह खरीदारी का अवसर भी हो सकता है, लेकिन फिलहाल बाजार का रुख नकारात्मक (Bearish) बना हुआ है.

क्रिप्टो बाजार की इस गिरावट ने इनसे जुड़ी कंपनियों की कमर तोड़ दी है. प्रमुख क्रिप्टो एक्सचेंज 'कॉइनबेस ग्लोबल' (Coinbase) के शेयर इस साल 30% से ज्यादा गिर चुके हैं. वहीं, 'जेमिनी स्पेस स्टेशन' (Gemini) ने अपने 25% वर्कफोर्स में कटौती करने और ब्रिटेन, यूरोपीय संघ व ऑस्ट्रेलिया में अपना कामकाज बंद करने की घोषणा की है.
 

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