अगर आपने अभी तक अपना इनकम टैक्स रिटर्न(Income Tax Return) फाइल नहीं किया है, तो अब ज्यादा समय नहीं बचा है. 31 जुलाई की डेडलाइन तेजी से करीब आ रही है और ऐसे समय में कई लोग जल्दबाजी में ITR तो भर देते हैं, लेकिन टैक्स बचाने वाले जरूरी डिडक्शन क्लेम करना भूल जाते हैं. इसका सीधा असर उनकी जेब पर पड़ता है और जरूरत से ज्यादा टैक्स चुकाना पड़ सकता है.
अगर आपने ओल्ड टैक्स रिजीम (Old Tax Regime) चुना है, तो ITR भरने से पहले इन 6 जरूरी डिडक्शन के बारे में जरूर जान लें. सही तरीके से क्लेम करने पर आपका अच्छा-खासा टैक्स बच सकता है.
PPF, EPF और LIC समेत इन निवेशों पर मिलती है ₹1.5 लाख तक की छूट
टैक्स बचाने के लिए सबसे ज्यादा इस्तेमाल होने वाला प्रावधान Section 80C है. इसके तहत PPF, EPF, ELSS, टैक्स सेविंग FD, NSC, सुकन्या समृद्धि योजना, LIC प्रीमियम, बच्चों की ट्यूशन फीस और होम लोन के प्रिंसिपल रिपेमेंट जैसी निवेश और खर्च की रकम पर अधिकतम ₹1.5 लाख तक का डिडक्शन मिल सकता है. यह फायदा केवल ओल्ड टैक्स रिजीम चुनने वाले टैक्सपेयर्स को मिलता है. अगर आपने इनमें निवेश किया है, तो ITR में इसका दावा करना बिल्कुल न भूलें.
NPS में निवेश करने वालों को मिलता है ₹50,000 का अतिरिक्त फायदा
अगर आपने NPS में निवेश किया है, तो आपको Section 80C के अलावा Section 80CCD(1B) के तहत अतिरिक्त ₹50,000 तक का टैक्स डिडक्शन मिल सकता है. यानी 80C के ₹1.5 लाख के अलावा भी टैक्स बचाने का मौका मिलता है. NPS में निवेश करने वाले लोग अक्सर इस अतिरिक्त छूट का दावा करना भूल जाते हैं.
हेल्थ इंश्योरेंस का प्रीमियम भी घटा सकता है आपका टैक्स
अगर आपने अपने, जीवनसाथी, बच्चों या माता-पिता के लिए हेल्थ इंश्योरेंस लिया है, तो उसके प्रीमियम पर Section 80D के तहत टैक्स छूट मिलती है. नियमों के अनुसार यह छूट ₹25,000 से लेकर ₹1 लाख तक हो सकती है. खास बात यह है कि वरिष्ठ नागरिकों के लिए छूट की सीमा अधिक है.
होम लोन के ब्याज पर ₹2 लाख तक का डिडक्शन
अगर आपके नाम पर होम लोन है, तो उसके ब्याज भुगतान पर Section 24(b) के तहत ₹2 लाख तक की टैक्स छूट मिल सकती है. ध्यान रखें कि यह राहत केवल ब्याज पर मिलती है. वहीं होम लोन के प्रिंसिपल का लाभ अलग से Section 80C के तहत लिया जाता है.
एजुकेशन लोन के ब्याज पर मिलती है पूरी टैक्स राहत
उच्च शिक्षा के लिए लिया गया एजुकेशन लोन भी टैक्स बचाने में मदद कर सकता है. Section 80E के तहत लोन पर चुकाए गए पूरे ब्याज पर डिडक्शन मिलता है. इस सेक्शन में किसी अधिकतम राशि की सीमा तय नहीं है. हालांकि यह छूट केवल ब्याज पर मिलती है, EMI के प्रिंसिपल हिस्से पर नहीं.
दान किया है तो टैक्स छूट का लाभ लेना न भूलें
अगर आपने सरकार से मान्यता प्राप्त संस्था, ट्रस्ट या राहत कोष में दान दिया है, तो Section 80G के तहत टैक्स छूट मिल सकती है. संस्था के नियमों के अनुसार 50% या 100% तक डिडक्शन का लाभ मिलता है. ITR भरते समय दान की रसीद और संस्था का रजिस्ट्रेशन नंबर जैसी जरूरी जानकारी सही-सही दर्ज करना जरूरी है.
ITR भरने से पहले ये 5 चीजें जरूर करें चेक
ITR सबमिट करने से पहले कुछ जरूरी चीजों को चेक करना भी उतना ही जरूरी है.
- सबसे पहले Form 16, AIS और Form 26AS को मैच जरूर करें, ताकि आपकी इनकम और टैक्स की जानकारी सही रहे.
- जिन डिडक्शन का दावा कर रहे हैं, उनसे जुड़े सभी डॉक्यूमेंट्स और रसीदें अपने पास रखें.
- इसके अलावा Old और New Tax Regime की तुलना करके वही ऑप्शन चुनें, जिसमें आपको ज्यादा फायदा मिल रहा हो.
- ITR में बैंक अकाउंट और दूसरी जानकारी भी ध्यान से भरें.
सबसे आखिर में रिटर्न फाइल करने के बाद ई-वेरिफिकेशन (e-Verification) करना बिल्कुल न भूलें, क्योंकि इसके बिना ITR की प्रक्रिया पूरी नहीं मानी जाती. अगर यह समय पर नहीं किया गया तो आपका रिटर्न वैलिड नहीं माना जाएगा और ऐसे में रिफंड अटक सकता है.
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