आज, 31 जुलाई, इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) भरने की आखिरी तारीख है. करोड़ों टैक्सपेयर्स अपना रिटर्न दाखिल कर चुके हैं, लेकिन बड़ी संख्या में लोग आखिरी दिन ITR फाइल कर रहे हैं. ऐसे में लाखों टैक्सपेयर्स के मन में सबसे बड़ा सवाल टैक्स रिजीम को लेकर होता है.ITR फाइल करते वक्त अगर गलत टैक्स रिजीम चुन लिया, तो जेब पर हजारों रुपये की चपत लग सकती है.कई लोग आखिरी समय तक यह तय नहीं कर पाते कि ओल्ड टैक्स रिजीम (Old Tax Regime) चुनें या न्यू टैक्स रिजीम (New Tax Regime). अगर आपके मन में भी यही सवाल है कि ITR भरते समय टैक्स रिजीम बदला जा सकता है या नहीं, तो ये खबर आपके लिए है.
क्या ITR फाइल करते समय Tax Regime बदल सकते हैं?
सैलरीड क्लास टैक्सपेयर्स ITR भरते समय अपनी जरूरत के हिसाब से ओल्ड (Old) या न्यू (New) टैक्स रिजीम चुन सकते हैं.यानी अगर एम्प्लॉयर ने न्यू रिजीम से TDS काटा है, तब भी ITR दाखिल करते समय आपके पास बाजी पलटने का मौका है. अगर ऑफिस में आपने न्यू टैक्स रिजीम (New Tax Regime) चुन ली थी, लेकिन अब ओल्ड में टैक्स बचता दिख रहा है, तो फॉर्म सबमिट करने की बटन दबाने से पहले ओल्ड टैक्स रिजीम चुन सकते हैं. इसी तरह जरूरत पड़ने पर न्यू टैक्स रिजीम भी चुन सकते हैं.
फिर टैक्स और रिफंड का क्या होगा?
ITR दाखिल करने के बाद आपका अंतिम टैक्स उसी टैक्स रिजीम के आधार पर तय होगा, जिसे आपने रिटर्न में चुना है. अगर आपने सही तरीके से सभी छूट (Deductions) और आय की जानकारी दी है, तो उसी के आधार पर यह तय होगा कि आपको टैक्स रिफंड मिलेगा या फिर अतिरिक्त टैक्स जमा करना होगा.
ओल्ड टैक्स रिजीम चुन रहे हैं तो इन बातों का रखें ध्यान
अगर आप ओल्ड टैक्स रिजीम चुनते हैं, तो आपको उन सभी टैक्स छूट और कटौतियों के लिए एलिजिबल भी होना चाहिए, जिनका दावा कर रहे हैं. साथ ही जरूरत पड़ने पर उनके डॉक्यूमेंट्स भी आपके पास होने चाहिए. गलत क्लेम करने पर बाद में परेशानी हो सकती है.
बिजनेस करने वालों के लिए अलग नियम
बता दें कि टैक्स रिजीम बदलने की सुविधा सभी के लिए एक जैसी नहीं है. अगर आपकी आय बिजनेस या प्रोफेशन से होती है, तो टैक्स रिजीम बदलने के नियम अलग हैं. ऐसे मामलों में बार-बार टैक्स रिजीम बदलने की अनुमति नहीं होती. इसलिए बिजनेस करने वाले लोग ओल्ड और न्यू टैक्स रिजीम को लेकर फैसला लेने से पहले नियमों को अच्छी तरह समझ लें.
ITR भरते समय Tax Regime कैसे बदलें?
टैक्स रिजीम बदलने के लिए आपको इनकम टैक्स के ई-फाइलिंग पोर्टल पर ITR भरते समय ही अपना ऑप्शन चुनना होता है.
- सबसे पहले अपने अकाउंट में लॉग-इन करें और सही ITR फॉर्म चुनें.
- इसके बाद Tax Regime वाले सेक्शन में जाकर अपनी पसंद का ऑप्शन चुनें.
- फिर अपनी आय की जानकारी भरें और चुने गए Regime के अनुसार मिलने वाली छूट या कटौतियों का दावा करें.
- जहां जरूरी हो, वहां Form 10-IEA जैसी औपचारिकताएं भी पूरी करनी पड़ सकती हैं.
आखिरी समय में न करें जल्दबाजी
अगर आपने अभी तक ITR दाखिल नहीं किया है, तो सिर्फ जल्दी करने के लिए कोई भी टैक्स रिजीम न चुनें. पहले यह जरूर देख लें कि किस रिजीम में आपका टैक्स कम बन रहा है. कई बार सही ऑप्शन चुनने से हजारों रुपये की टैक्स बचत हो सकती है. इसलिए रिटर्न सबमिट करने से पहले एक बार सभी जानकारी और चुने गए टैक्स रिजीम को अच्छे से जरूर चेक कर लें.
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