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NPS Swasthya: अब पेंशन से होगा इलाज! पेंशन फंड से सीधे भरेगा अस्पताल का बिल, जानिए किसे मिलेगा फायदा

PFRDA की नई 'NPS Swasthya' योजना के तहत अब NPS के सब्सक्राइबर्स अपनी पेंशन सेविंग्स का इस्तेमाल इलाज और मेडिकल खर्चों के लिए भी कर सकते हैं. जानिए इस योजना में शामिल होने की पात्रता, शुरुआती निवेशऔर इमरजेंसी फंड निकालने का पूरा तरीका.

NPS Swasthya: अब पेंशन से होगा इलाज! पेंशन फंड से सीधे भरेगा अस्पताल का बिल, जानिए किसे मिलेगा फायदा
NPS Swasthya: अब रिटायरमेंट की बचत से होगा इलाज भी, अस्पताल का बिल सीधे पेंशन फंड से भरने की सुविधा

अगर आप नेशनल पेंशन सिस्टम (NPS) में निवेश करते हैं, तो यह खबर आपके लिए काम की है. अब आपकी पेंशन की बचत सिर्फ रिटायरमेंट के लिए ही नहीं, बल्कि जरूरत पड़ने पर इलाज के खर्च में भी काम आ सकती है. पेंशन फंड रेगुलेटरी एंड डेवलपमेंट अथॉरिटी (PFRDA) ने बीते महीने'NPS स्वास्थ' (NPS Swasthya) का दूसरा प्रूफ ऑफ कॉन्सेप्ट (PoC 2) शुरू किया है. इसका मकसद NPS सब्सक्राइबर्स को मेडिकल जरूरतों के समय अपनी पेंशन सेविंग्स का इस्तेमाल करने की सुविधा देना है. फिलहाल इसे सीमित स्तर पर टेस्ट किया जा रहा है.

क्या है NPS Swasthya योजना?

NPS स्वास्थ में आपकी रिटायरमेंट सेविंग्स और हेल्थकेयर को एक साथ जोड़ा गया है. यानी भविष्य के लिए पेंशन की बचत करने के साथ-साथ जरूरत पड़ने पर उसी फंड का एक हिस्सा इलाज के खर्च के लिए भी इस्तेमाल किया जा सकेगा. इसका नया वर्जन पहले की तुलना में ज्यादा आसान और उपयोगी बनाया गया है ताकि आम लोगों को मेडिकल खर्च के समय आर्थिक मदद मिल सके.

अब हेल्थ इंश्योरेंस लेना होगा जरूरी

इस योजना में शामिल होने के लिए हेल्थ इंश्योरेंस कवर अनिवार्य कर दिया गया है. यानी NPS Swasthya का लाभ लेने वाले हर व्यक्ति के पास हेल्थ इंश्योरेंस होना जरूरी होगा. इस इंश्योरेंस का प्रीमियम आपकी पेंशन सेविंग्स से ही लिया जाएगा, ताकि बीमारी के समय एक्स्ट्रा फाइनेंशियल हेल्प  मिल सके.

NPS Swasthya से जुड़ने के लिए कम से कम ₹25,000 का शुरुआती निवेश करना जरूरी है. इसके बाद ही योजना के तहत मिलने वाली सुविधाओं का लाभ लिया जा सकेगा.

इलाज के लिए कितना पैसा निकाल सकते हैं?

इस योजना के तहत सब्सक्राइबर अपनी कुल जमा राशि(Net Eligible Balance) का 25% तक मेडिकल जरूरतों के लिए निकाल सकते हैं. यह रकम ओपीडी (OPD), दवाइयों, अस्पताल में भर्ती होने और दूसरे मेडिकल खर्चों के लिए इस्तेमाल की जा सकती है. डिजिटल माध्यम से MAven ऐप के जरिए भी यह सुविधा उपलब्ध कराई गई है, जिसे सेंट्रल रिकॉर्डकीपिंग एजेंसी सिस्टम से जोड़ा गया है.

गंभीर बीमारी में क्या मिलेगी राहत?

अगर किसी गंभीर बीमारी या मेडिकल इमरजेंसी के दौरान अस्पताल का खर्च बहुत ज्यादा हो जाता है, तो ऐसी स्थिति में सब्सक्राइबर अपने जमा फंड की पूरी राशि भी इलाज के लिए निकाल सकते हैं. यह सुविधा छोटे बैलेंस वाले खातों पर भी लागू होगी. इससे अचानक आने वाले बड़े मेडिकल खर्च का बोझ कम करने में मदद मिलेगी.

अस्पताल के खाते में सीधे जाएगा पैसा

इस योजना की एक बड़ी खासियत यह है कि इलाज का पैसा सीधे अस्पताल या संबंधित सर्विस प्रोवाइडर के खाते में ट्रांसफर किया जाएगा. अगर अस्पताल का पूरा बिल भरने के बाद कुछ रकम बच जाती है, तो वह वापस आपके NPS खाते में निवेश हो जाएगी. यानी बची हुई राशि आपकी रिटायरमेंट सेविंग्स का हिस्सा बनी रहेगी और उस पर बाजार आधारित रिटर्न मिलता रहेगा.

किन मेडिकल खर्चों को किया गया है शामिल?

एनपीएस स्वास्थ के दूसरे प्रूफ ऑफ कॉन्सेप्ट में दायरा पहले से बढ़ा दिया गया है. अब सिर्फ ओपीडी सेवाएं ही नहीं, बल्कि अस्पताल में भर्ती होने (Hospitalisation), इनपेशेंट ट्रीटमेंट, दवाइयों और कैशलेस अस्पताल सेवाओं का खर्च भी इस योजना के तहत कवर किया जा सकता है.

कौन-कौन ले सकता है इस योजना का फायदा?

इस योजना का लाभ 18 से 85 वर्ष तक का कोई भी भारतीय नागरिक ले सकता है. योजना में शामिल होने के समय हेल्थ डिक्लेरेशन देना जरूरी होगा. फिलहाल इसे सीमित संख्या में लोगों के लिए पायलट प्रोजेक्ट के रूप में लागू किया गया है और सफल परीक्षण के बाद इसे बड़े स्तर पर लागू किया जा सकता है.

इस योजना से जुड़े कौन-कौन से संस्थान हैं?

NPS Swasthya कई संस्थानों की साझेदारी से तैयार किया गया है. मेडी असिस्ट हेल्थकेयर सर्विसेज डिजिटल प्लेटफॉर्म और क्लेम प्रोसेस संभाल रही है. CAMS KRA ऑनबोर्डिंग और KYC की जिम्मेदारी निभा रही है. टाटा पेंशन फंड मैनेजमेंट और Axis Pension Fund पेंशन फंड का प्रबंधन कर रहे हैं. वहीं आदित्य बिड़ला हेल्थ इंश्योरेंस ग्रुप हेल्थ सुपर टॉप-अप कवर उपलब्ध करा रही है. Medi Assist का नेटवर्क देश के 1,264 शहरों में 15,500 से ज्यादा अस्पतालों तक फैला हुआ है.

मेडिकल सुरक्षा कवच NPS से कितने लोग जुड़े?

भारत में इलाज का खर्च लगातार बढ़ रहा है. उद्योग के अनुमान के मुताबिक 2026 में हेल्थकेयर कॉस्ट 11.5% से 14% तक बढ़ सकती है. ऐसे में NPS Swasthya का मकसद लोगों को ऐसी सुविधा देना है, जिसमें रिटायरमेंट की बचत जरूरत पड़ने पर मेडिकल सुरक्षा कवच का भी काम कर सके.

29 मार्च 2026 तक के आंकड़ों के मुताबिक, NPS और इससे जुड़े सिस्टम के कुल 9.64 करोड़ सब्सक्राइबर हैं. वहीं इनके तहत प्रबंधन वाली कुल संपत्ति (Assets Under Management) लगभग ₹16.55 लाख करोड़ तक पहुंच चुकी है. ऐसे में NPS Swasthya भविष्य में करोड़ों लोगों के लिए रिटायरमेंट और हेल्थ सिक्योरिटी, दोनों को एक साथ जोड़ने का काम कर रही है.

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