विज्ञापन

इन म्यूचुअल फंड कंपनियों ने Gold FoF में नए निवेश पर लगाई रोक, पुराने निवेशकों के पैसे का क्या होगा?

Tata Mutual Fund, HDFC Mutual Fund और ICICI Prudential Mutual Fund में पैसे लगाने वाले लोगों को घबराने की जरूरत नहीं है. राहत की बात यह है कि चल रही एसआईपी (SIP) पर इसका कोई असर नहीं पड़ेगा, वे पहले की तरह जारी रहेंगी

इन म्यूचुअल फंड कंपनियों ने Gold FoF में नए निवेश पर लगाई रोक, पुराने निवेशकों के पैसे का क्या होगा?
फिलहाल ये रोक इन कंपनियों के गोल्ड FoF में नए निवेश पर है, सोने में निवेश के सभी तरीकों पर नहीं.
NDTV इंडिया ग्राफिक्‍स

फेस्टिजल सीजन से पहले टाटा, एचडीएफसी और आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल जैसी बड़ी म्यूचुअल फंड कंपनियों ने अपने गोल्ड फंड-ऑफ-फंड्स (FoF) में नए निवेश  पर अस्थाई रोक लगा दी है. यह फैसला 16 अक्टूबर से लागू हो चुका है. इसके बाद जिन लोगों का पैसा पहले से इन फंड्स में लगा है, और जो फ्रेश इनवेस्टमेंट करने की सोच रहे थे वे दोनों ही घबराए हुए हैं. ऐसे में सवाल है कि इस रोक की वजह क्या है और अब सोने में निवेश करने वालों के पास क्या-क्या ऑप्शन मौजूद हैं?

क्यों गोल्ड FoF में नए निवेश पर लगी रोक?

इस फैसले के पीछे सोने की बढ़ती मांग, रुपये की कमजोरी और देश के इंपोर्ट बिल को लेकर चिंता है. भारत दुनिया में सोने के बड़े आयातकों में शामिल है. ऐसे में सोने की ज्यादा खरीद से डॉलर की मांग बढ़ती है और रुपये पर दबाव पड़ सकता है.

इंडिया बुलियन एंड ज्वैलर्स एसोसिएशन (IBJA) के अध्यक्ष पृथ्वीराज कोठारी के मुताबिक, 9 अक्टूबर को रुपया डॉलर के मुकाबले करीब 96.7 के स्तर तक पहुंच गया था. वहीं, सितंबर में गोल्ड ETF में निवेश 71% बढ़कर 4,451 करोड़ रुपये हो गया.

इकोनॉमिक टाइम्स की रिपोर्ट में इंडस्ट्री से जुड़े अधिकारियों के हवाले से कहा गया है कि यह रोक SEBI के निर्देश पर AMFI के जरिए लागू की गई, ताकि त्योहारों के दौरान सोने की मांग और देश से डॉलर के बाहर जाने की रफ्तार को कम किया जा सके.

Tata Mutual Fund ने क्या बदला?

Tata Mutual Fund ने 16 अक्टूबर से Tata Gold ETF FoF में नए और अतिरिक्त एकमुश्त निवेश, स्विच-इन, टॉप-अप और नई SIP व STP रजिस्ट्रेशन पर अस्थायी रोक लगाई है.हालांकि, पहले से चल रही SIP और STP जारी रहेंगी. निवेशक अपनी यूनिट्स बेच सकते हैं, दूसरे फंड में स्विच-आउट कर सकते हैं और पहले से रजिस्टर्ड SWP के जरिए पैसा निकाल सकते हैं.

पुराने निवेशकों के पैसे का क्या होगा?

इस फैसले का मौजूदा निवेशकों की यूनिट्स पर सीधा असर नहीं पड़ेगा. पृथ्वीराज कोठारी के मुताबिक, पहले से रजिस्टर्ड SIP, STP और स्विच की प्रक्रिया तय समय पर जारी रहेगी.

Akoirah by Augmont के डायरेक्टर आरव बाफना के मुताबिक, गोल्ड FoF की नेट एसेट वैल्यू (NAV) उसके अंतर्गत आने वाले गोल्ड ETF और घरेलू सोने की कीमतों से जुड़ी होती है. इसलिए नए निवेश पर रोक लगने से पुराने निवेश की वैल्यू अपने आप नहीं बदलती.

अब सोने में निवेश कैसे करें?

आनंद राठी वेल्थ के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर आदिल चाको के मुताबिक, इस रोक का मकसद सोने की मांग को कुछ हद तक कम करना और रुपये पर दबाव घटाना हो सकता है. उन्होंने इकोनॉमिक टाइम्स को बताया कि निवेशक सीधे Gold ETF खरीद सकते हैं. ये ETF शेयर बाजार में NSE और BSE पर ट्रेड होते हैं. इसके लिए डीमैट और ट्रेडिंग अकाउंट जरूरी है.

इसके अलावा, निवेशक सेकेंडरी मार्केट से सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड, भरोसेमंद रिफाइनर से सोने के सिक्के और बार या डिजिटल गोल्ड जैसे विकल्प भी देख सकते हैं. एक्सचेंज पर इलेक्ट्रॉनिक गोल्ड रिसीट्स (EGR) को भी एक ऑप्शन के तौर पर देख सकते हैं. यानी जो नए निवेशक गोल्ड FoF में पैसा लगाना चाहते थे, वे अब सीधे गोल्ड ईटीएफ (Gold ETFs) या अन्य विकल्पों के जरिए सोने में निवेश कर सकते हैं.

यह भी पढ़ें | Gold Silver Price: नवरात्रि में सोना-चांदी हुआ सस्ता, इस हफ्ते 10,000 रुपये तक गिरे भाव, अब इतने रह गए दाम

पूरी स्टोरी पढ़ें

NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं

फॉलो करे:
Gold ETF, Gold Investment, Gold Investment Options, Gold Investment India, Gold SIP Investment
Listen to the latest songs, only on JioSaavn.com