Gold Silver Price Drop: त्योहारी सीजन से ठीक पहले सोने और चांदी की चमक फीकी पड़ी है. नवरात्रि के दौरान सोना 3,000 रुपए और चांदी 10,000 रुपए से अधिक सस्ती हो गई है. सोने और चांदी की कीमतों में गिरावट के बीच भारतीय निवेशकों का सोना खरीदने का तरीका भी बदल रहा है. अब लोग सिर्फ गहने खरीदने के बजाय गोल्ड ETF और डिजिटल गोल्ड में ज्यादा पैसा लगा रहे हैं. ऐसे में अगर आप इस त्योहारी सीजन में सोने-चांदी कीखरीदारी की सोच रहे हैं तो जान लें कि कीमतें अब घटकर कितनी रह गई हैं और एक्सपर्ट क्या सलाह दे रहे हैं.
चांदी 10,000 रुपए लुढ़की, 22 कैरेट और 24 कैरेट सोना भी सस्ता
इंडिया बुलियन ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) के मुताबिक,
- 24 कैरेट सोने का दाम इस हफ्ते 3,004 रुपए कम होकर 1,46,426 रुपए प्रति 10 ग्राम हो गया है, जबकि पहले यह 1,49,430 रुपए प्रति 10 ग्राम पर था.
- 22 कैरेट सोने की कीमत कम होकर 1,34,126 रुपए प्रति 10 ग्राम हो गई है, जो कि पहले 1,36,878 रुपए प्रति 10 ग्राम थी.
- 18 कैरेट सोने का दाम कम होकर 1,09,820 रुपए प्रति 10 ग्राम हो गया है, जो कि पहले 1,12,073 रुपए प्रति 10 ग्राम था.
इस हफ्ते सोने के साथ चांदी की कीमत में भी गिरावट देखने को मिली है.चांदी का दाम 10,191 रुपए कम होकर 2,10,918 रुपए प्रति किलो हो गया है, जो कि पहले 2,21,109 रुपए प्रति किलो था.
सोने-चांदी की कीमतों में गिरावट की वजह
एक्सपर्ट्स के मुताबिक, कच्चे तेल की कीमतें बढ़ने से डॉलर महंगा हो रहा है. इससे सोने और चांदी की कीमतों पर दबाव बढ़ रहा है. महंगाई बढ़ने की आशंका के बीच ब्याज दरें बढ़ने की संभावना से भी निवेशकों बिकवाली कर रहे हैं.
जनवरी 2026 में सोने की कीमत करीब 1.75 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम तक पहुंची थी. अगस्त में भी तेजी के बाद सितंबर में 11 तारीख तक घरेलू सोने की कीमत 4.6% गिर गई. अमेरिकी फेडरल रिजर्व की ब्याज दरों को लेकर बदलती उम्मीदें भी इसकी वजह रहीं. अगस्त के ऊंचे भाव पर सोना खरीदने वाले निवेशक फिलहाल नुकसान में हो सकते हैं.
गहनों के बजाय गोल्ड ETF में बढ़ा निवेश
अगस्त में घरेलू बाजार में सोने की कीमत 12% बढ़कर 1,58,854 रुपये प्रति 10 ग्राम पहुंच गई थी. इसी दौरान अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने का भाव 13% बढ़कर 4,386 डॉलर प्रति औंस हो गया. यह करीब तीन दशक में सोने की सबसे बड़ी मासिक बढ़त में से एक थी. इस तेजी के बीच गोल्ड ETF में निवेश बढ़ा. अगस्त में गोल्ड ETF में 2,596.70 करोड़ रुपये का शुद्ध निवेश आया, जबकि जुलाई में यह रकम 1,559 करोड़ रुपये थी. यह लगातार तीसरा महीना था, जब गोल्ड ETF में पैसा आया. भारत में गोल्ड ETF की कुल संपत्ति करीब 1.91 लाख करोड़ रुपये हो गई, जिसके पीछे 121.3 टन सोना था. इस साल अब तक भारतीय गोल्ड ETF में 4.22 अरब डॉलर का निवेश आया है.
डिजिटल गोल्ड में 110% उछाल
जून से अगस्त के बीच डिजिटल गोल्ड की खरीद औसतन 2,500 करोड़ रुपये प्रति महीने रही. अगस्त में इसकी खरीद एक साल पहले के मुकाबले 110% बढ़ गई. MCX पर गोल्ड फ्यूचर का औसत रोजाना कारोबार भी महीने-दर-महीने 38% बढ़कर करीब 29,500 करोड़ रुपये पहुंच गया. यह पांच महीने का सबसे ऊंचा स्तर था. दूसरी तरफ अगस्त में भारत का सोना आयात घटकर 2.3 अरब डॉलर रह गया. यह जुलाई से 45% और एक साल पहले के मुकाबले 58% कम था. 11 सितंबर तक घरेलू सोने की कीमत अंतरराष्ट्रीय कीमत के मुकाबले 78 डॉलर प्रति औंस कम थी. इसकी एक वजह पुराने गहने देकर नए गहने खरीदने का चलन भी है.
सोने-चांदी को लेकर एक्सपर्ट क्या कह रहे हैं?
एक्सपर्ट का कहना है कि सोना को पोर्टफोलियो में बैलेंस बनाने वाला एक मजबूत ऑप्शन है, जो शेयर बाजार के उतार-चढ़ाव में निवेशकों की मदद करता है. हालांकि, इसे रातों-रात या तेजी से पैसा बढ़ाने का जरिया नहीं समझना चाहिए. भारतीय निवेशकों के लिए सोना खरीदने का तरीका बदल रहा है और पारंपरिक गहनों के साथ-साथ अब गोल्ड ईटीएफ (ETF) र दूसरे निवेश विकल्पों की तरफ दिलचस्पी बढ़ रही है. ऐसे में निवेशकों के लिए यही समझदारी है कि वे केवल बाजार की तेजी देखकर नहीं, बल्कि अपने कुल पोर्टफोलियो को बैलेंस करने के इरादे से सोने में पैसा लगाएं.
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