Sovereign Gold Bond Premature Redemption: अगर आपने रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) का सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड (SGB 2021-22 Series V) खरीदा था, तो आपके लिए बहुत बड़ी खुशखबरी है. 17 अगस्त 2026 को इस बॉन्ड के 5 साल पूरे हो चुके हैं और आरबीआई ने इसके प्री-मैच्योर रिडेम्पशन का रास्ता साफ कर दिया है. 5 साल पहले जिस गोल्ड बॉन्ड की 1 यूनिट सिर्फ 4,740 रुपये में मिली थी, उसकी रिडेम्पशन कीमत अब 15,295 रुपये तय की गई है. यानी केवल 5 साल में निवेशकों का पैसा तिगुने से भी ज्यादा हो चुका है और उन्हें 223 फीसदी का बंपर मुनाफा मिला है.
10 यूनिट पर 1 लाख से ज्यादा की कमाई
इस स्कीम (SGB 2021-22 Series V) में ऑनलाइन आवेदन करने वाले निवेशकों को 1 यूनिट 4,740 रुपये में पड़ी थी, जबकि बिना डिस्काउंट वाले खरीदारों के लिए इश्यू प्राइस 4,790 रुपये था. अब 15,295 रुपये प्रति यूनिट की रिडेम्पशन प्राइस के हिसाब से ऑनलाइन खरीदारों को सीधे 10,555 रुपये प्रति यूनिट (223%) का कैपिटल गेन हुआ है. वहीं नॉर्मल खरीदारों को 10,505 रुपये प्रति यूनिट (219%) का शुद्ध मुनाफा मिला है.
47,400 रुपये की वैल्यू हुई1.52 लाख, 223% का तगड़ा रिट्रन
इसे आसान भाषा में समझें तो अगर किसी ने 2021 में 10 यूनिट के लिए 47,400 रुपये लगाए थे, तो आज उसकी वैल्यू 1,52,950 रुपये हो चुकी है. यानी सीधे-सीधे 1,05,550 रुपये का शुद्ध मुनाफा. सबसे खास बात यह है कि इस 223 फीसदी मुनाफे में हर साल मिलने वाला 2.5 फीसदी का पक्का ब्याज शामिल नहीं है. वह ब्याज निवेशकों को उनके बैंक खाते में अलग से मिला है.
RBI ने कैसे तय की रिडेम्पशन की कीमत?
RBI के नियमों के मुताबिक, सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड में 5 साल पूरे होने के बाद प्री-मैच्योर रिडेम्पशन का ऑप्शन मिलता है. 17 अगस्त 2026 की रिडेम्पशन कीमत तय करने के लिए आरबीआई ने 12, 13 और 14 अगस्त 2026 के 999 प्योरिटी वाले सोने के क्लोजिंग प्राइस का सिंपल एवरेज निकाला है. यह रेट इंडिया बुलियन एंड ज्वैलर्स एसोसिएशन (IBJA) द्वारा जारी किए गए आंकड़ों पर आधारित हैं.
हालांकि, आज पैसे निकालने की सोच रहे निवेशकों के लिए एक जरूरी बात जानना बहुत जरूरी है. भले ही रिडेम्पशन डेट 17 अगस्त है, लेकिन इसके लिए रिक्वेस्ट जमा करने की विंडो 17 जुलाई से 7 अगस्त 2026 तक ही खुली थी. जिन लोगों ने इस तय समय में अपनी बैंक या पोस्ट ऑफिस में रिडेम्पशन की अर्जी जमा नहीं की थी, वे आज नई रिक्वेस्ट डालकर तुरंत पैसे नहीं निकाल सकेंगे.
जानिए SGB पर नए टैक्स नियम
अगर आप सोच रहे हैं कि यह पूरा 223 फीसदी का मुनाफा आपकी जेब में बिना टैक्स के आएगा, तो नए टैक्स नियमों को जरूर समझ लें. 1 अप्रैल 2026 से लागू हुए नए नियमों के तहत टैक्स फ्री रिडेम्पशन का फायदा सिर्फ उन्हीं निवेशकों को मिलेगा जो बॉन्ड को पूरे 8 साल की मैच्योरिटी तक होल्ड रखते हैं.
चूंकि यह प्री-मैच्योर रिडेम्पशन है, इसलिए इस पर मिलने वाले 10,555 रुपये प्रति यूनिट के कैपिटल गेन पर टैक्स (Long-Term Capital Gains) लगेगा. बिना इंडेक्सेशन के इस लॉन्ग-टर्म कैपिटल गेन (LTCG) पर 12.5 फीसदी का टैक्स चुकाना होगा. इसके अलावा, हर साल मिलने वाला 2.5 फीसदी का निश्चित ब्याज भी आपकी सालाना इनकम में जुड़ेगा और उस पर आपकी टैक्स स्लैब के हिसाब से टैक्स लगेगा.
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