अगर आपने 2020 में सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड (Sovereign Gold Bonds-SGB) में निवेश किया था, तो अब आपके लिए बड़ी खुशखबरी है. सोने की कीमतों में तेजी ने निवेशकों को जबरदस्त फायदा दिया है. भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने SGB 2020-21 Series-I के लिए नई रिडेम्पशन कीमत तय कर दी है, जिससे करीब 5 साल में निवेश पर लगभग 230% का रिटर्न मिल रहा है. यानी ₹1 लाख का निवेश अब करीब ₹3.30 लाख बन गया है.
RBI ने तय की SGB की नई रिडेम्पशन प्राइस
RBI के मुताबिक, 28 अप्रैल 2026 को इस सीरीज के लिए प्री-मैच्योर रिडेम्पशन कीमत ₹15,124 प्रति यूनिट तय की गई है. निवेशक इस तारीख से अपने गोल्ड बॉन्ड को रिडीम कर सकते हैं.
यह SGB सीरीज 28 अप्रैल 2020 को जारी हुई थी.बता दें कि ऑनलाइन निवेश करने वालों को ₹50 प्रति ग्राम का डिस्काउंट मिला था, जिससे उनका इश्यू प्राइस ₹4,589 रहा. वहीं ऑफलाइन निवेश करने वालों के लिए यह कीमत ₹4,639 प्रति ग्राम थी. ऑनलाइन निवेश करने वालों के लिए जो इश्यू प्राइस ₹4,589 प्रति ग्राम था.अब यही कीमत बढ़कर ₹15,124 हो गई है, जिससे निवेशकों को भारी मुनाफा मिला है.
5 साल में 230% रिटर्न, ₹1 लाख बने ₹3.30 लाख
अगर किसी निवेशक ने उस समय ₹1 लाख लगाए थे, तो अब उसकी वैल्यू करीब ₹3.30 लाख हो गई है. यहां जानिए कैसे...
- निवेश: ₹1,00,000
- रिटर्न: 230%
- मुनाफा: ₹2,30,000
- कुल वैल्यू: लगभग ₹3,30,000
बता दें कि इसमें 2.5% सालाना ब्याज शामिल नहीं है, जो अलग से मिलता है.
कैसे तय होती है SGB की रिडेम्पशन प्राइस?
RBI के नियमों के अनुसार, रिडेम्पशन कीमत 999 प्योरिटी वाले सोने के पिछले 3 वर्किंग डे के एवरेज क्लोजिंग प्राइस के आधार पर तय होती है.यह डेटा इंडियन बुलियन एंड ज्वैलर्स एसोशिएशन (IBJA) द्वारा जारी किया जाता है.इस बार कीमत 23, 24 और 27 अप्रैल 2026 के औसत भाव के आधार पर तय हुई है.
प्री-मैच्योर रिडेम्पशन कब और कैसे कर सकते हैं?
SGB को जारी होने के 5 साल बाद प्री-मैच्योर रिडेम्पशन की अनुमति मिलती है.निवेशक इसे उसी तारीख पर रिडीम कर सकते हैं, जब ब्याज का भुगतान होता है. इस सीरीज के लिए प्री-मैच्योर रिडेम्पशन विंडो 28 अप्रैल 2026 से खुल चुकी है.
Sovereign Gold Bond (SGB) क्या होता है?
सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड (SGB) एक सरकारी सिक्योरिटी होती है, जो सोने (ग्राम में) के रूप में जारी की जाती है.यह फिजिकल गोल्ड खरीदने का विकल्प है. इसमें निवेशक कैश में पैसा लगाते हैं और मैच्योरिटी पर पैसा कैश में ही वापस मिलता है. इसे RBI, भारत सरकार की ओर से जारी करता है.
SGB में निवेश की लिमिट क्या है?
SGB में निवेश करने के लिए सरकार ने कुछ नियम और सीमाएं तय की हैं, जिन्हें जानना हर निवेशक के लिए जरूरी है. इस स्कीम के तहत आप कम से कम 1 ग्राम सोने से अपना निवेश शुरू कर सकते हैं, जो इसे छोटे निवेशकों के लिए भी एक बेहतरीन विकल्प बनाता है.वहीं, अधिकतम निवेश की बात करें तो एक व्यक्तिगत निवेशक (Individual) और हिंदू अविभाजित परिवार (HUF) के लिए एक वित्त वर्ष में 4 किलो (4,000 ग्राम) तक की सीमा तय की गई है.
इसके अलावा, ट्रस्ट और संस्थाओं के लिए यह लिमिट और भी ज्यादा है, जहां वे एक साल में 20 किलो (20,000 ग्राम) तक सोना खरीद सकते हैं. यह है कि निवेश जान लें कि ये सभी लिमिट एक वित्त वर्ष यानी अप्रैल से मार्च के लिए लागू होती हैं और सरकार द्वारा समय-समय पर जारी किए गए अलग-अलग ट्रेंच (Tranches) को मिलाकर गिनी जाती हैं.
SGB पर कितना मिलता है ब्याज?
SGB पर 2.5% सालाना फिक्स्ड ब्याज मिलता है.यह ब्याज हर 6 महीने में निवेशक के बैंक अकाउंट में ट्रांसफर किया जाता है और आखिरी ब्याज मैच्योरिटी के समय मिलता है. इसके साथ ही SGB खरीदने पर निवेशक को एक ‘सर्टिफिकेट ऑफ होल्डिंग' दिया जाता है.यह सर्टिफिकेट बैंक, पोस्ट ऑफिस, स्टॉक एक्सचेंज या सीधे RBI से ईमेल के जरिए भी प्राप्त किया जा सकता है.
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