नोएडा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे (Jewar International Airport) से आज सोमवार, 15 जून से कमर्शियल उड़ान सेवा शुरू हो गई है. पहले दिन लखनऊ, हैदराबाद, बेंगलुरु और अमृतसर के लिए उड़ान सेवाएं शुरू हुई. इसी के साथ ये उत्तर प्रदेश का पांचवां अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा बन गया. यूपी में पहले से लखनऊ , वाराणसी, अयोध्या और कुशीनगर इंटरनेशनल एयरपोर्ट है. हालांकि, लखनऊ और वाराणसी ही फुल्ली ऑपरेशनल हैं. केवल दिल्ली-NCR की बात करें तो ये दिल्ली-NCR का तीसरा एयरपोर्ट होगा जबकि दूसरा अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट होगा.
मथुरा, आगरा, अलीगढ़, बुलंदशहर समेत कई जिलों के लोगों के लिए कनेक्टिविटी के लिहाज से बहुत बड़ा फायदा होने वाला है. वहीं देश-दुनिया के अलग-अलग हिस्सों से इन क्षेत्रों के धार्मिक और पर्यटन स्थलों तक पहुंचना आसान होगा
ये पर्यटन स्थल हैं पास
यमुना एक्सप्रेसवे के जरिए आगरा, मथुरा और वृंदावन तक पहुंचना बेहद आसान हो जाएगा. कई सारे पर्यटन स्थल दुनिया भर के देशों के लिए अब और नजदीक हो गए हैं. नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट उतरकर वे इन जगहों पर सीधे पहुंच पाएंगे.
ताजमहल (139 किमी), फतेहपुर सीकरी (153 किमी), प्रेम मंदिर वृंदावन (87.2 किमी), बांके बिहारी मंदिर (87.1 किमी), श्रीकृष्ण जन्मभूमि (97.1 किमी), गोवर्धन (89 किमी), केवलादेव नेशनल पार्क राजस्थान (143 किमी), अक्षरधाम (71.2 किमी), क़ुतुब मीनार (81.9 किमी)
जेवर एयरपोर्ट से बदलेगी पश्चिमी यूपी की तस्वीर

कनेक्टिविटी में बड़ा बदलाव
- यमुना एक्सप्रेसवे, ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे और दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे से सीधा जुड़ाव
- आने वाले समय में मेट्रो, नमो भारत रैपिड रेल, रेल और बस टर्मिनल का मल्टी-मॉडल हब बनेगा
- दिल्ली, गुरुग्राम, फरीदाबाद, आगरा, अलीगढ़, मथुरा, बुलंदशहर और हाथरस की पहुंच बेहतर होगी
जेवर और टप्पल बनेंगे नया ग्रोथ सेंटर
- एयरपोर्ट के आसपास होटल, वेयरहाउस, लॉजिस्टिक्स पार्क, कार्गो हब और एविएशन सर्विसेज विकसित होंगी.
- हजारों प्रत्यक्ष और लाखों अप्रत्यक्ष रोजगार पैदा होंगे.
- जमीन और कमर्शियल प्रॉपर्टी की मांग तेजी से बढ़ेगी.
- फॉक्सकॉन और HCL ग्रुप ने मिलकर क्षेत्र में एक बड़ा सेमीकंडक्टर प्लांट लगाने की घोषणा की है.
अलीगढ़ को मिलेगा फायदा
- अलीगढ़ का हार्डवेयर, डिफेंस कॉरिडोर और MSME सेक्टर अंतरराष्ट्रीय बाजारों तक जल्दी पहुंच पाएगा
- निर्यात की लागत कम होगी
- अलीगढ़-टप्पल-जावर बेल्ट में नए औद्योगिक निवेश आने की संभावना बढ़ेगी
मथुरा-वृंदावन का धार्मिक पर्यटन बढ़ेगा
- विदेशी पर्यटक सीधे जेवर उतरकर 1-2 घंटे में मथुरा-वृंदावन पहुंच सकेंगे
- होटल, ट्रैवल, टैक्सी और स्थानीय कारोबार को फायदा होगा
बुलंदशहर को मिलेगा लॉजिस्टिक्स हब का लाभ
- एयर कार्गो और वेयरहाउसिंग गतिविधियां बढ़ेंगी
- कृषि उत्पाद, डेयरी और MSME उत्पादों की तेज आवाजाही संभव होगी
रियल एस्टेट सेक्टर को मिलेगा लाभ
- एयरपोर्ट के कारण आवासीय, कमर्शियल और औद्योगिक जमीनों की मांग लगातार बढ़ रही है
- निवेशकों की नजर अब नोएडा-ग्रेटर नोएडा से आगे जेवर और टप्पल पर है
- ऐसे में जेवर, टप्पल, यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक क्षेत्र, ग्रेटर नोएडा, नोएडा एक्सटेंशन, दादरी और बुलंदशहर रोड कॉरिडोर में जमीन के दाम बढ़ेंगे
इंडस्ट्री के लिहाज से सबसे बड़ा फायदा
- एयर कार्गो हब,
- ई-कॉमर्स वेयरहाउस
- कोल्ड स्टोरेज
- फार्मा लॉजिस्टिक्स
- इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग
- डिफेंस और एयरोस्पेस
- विमान मरम्मत उद्योग
ये विशाल प्रोजेक्ट कुल 10,000 हेक्टेयर से ज्यादा क्षेत्र में फैला होगा, जिसमें बड़े विमानों के रख-रखाव की सुविधाएं, आधुनिक कार्गो हब और विशाल इंडस्ट्रियल पार्क शामिल होंगे.
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