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क्‍या मार्च तक होगा IDBI बैंक का प्राइवेटाइजेशन, NDTV Profit कान्‍क्‍लेव में DIPAM सचिव ने दिया बड़ा अपडेट

DIPAM सचिव डॉ अरुणेश चावला ने बताया कि IDBI बैंक के विनिवेश की प्रक्रिया अंतिम चरण में है और मार्च अंत तक नई जानकारी आएगी. बता दें कि कोटक महिंद्रा बैंक ने IDBI बैंक के विनिवेश में हिस्सा लेने से इनकार किया जबकि इस रेस में कुछ अन्‍य कंपनियों का नाम भी सामने आया है.

क्‍या मार्च तक होगा IDBI बैंक का प्राइवेटाइजेशन, NDTV Profit कान्‍क्‍लेव में  DIPAM सचिव ने दिया बड़ा अपडेट

NDTV प्रॉफिट के 'इंडिया: द रियल डील' के एक सत्र में वित्त मंत्रालय के महत्‍वपूर्ण विभाग DIPAM के सचिव डॉ अरुणेश चावला ने IDBI बैंक के विनिवेश को लेकर बड़ा अपडेट दिया. उन्‍होंने बताया कि यह प्रक्रिया अंतिम चरण में चल रही है और जल्‍द ही बड़ी जानकारी सामने आएगी. NDTV प्रॉफिट की ओर से किए गए एक सवाल पर DIPAM सचिव डॉ अरुणिश चावला ने कहा, 'हम अब अंतिम चरण में पहुंच गए हैं, जो कि मूल्यांकन और मंजूरी (evaluation and approval) का चरण है. इस बारे में आपको मार्च के अंत तक, यानी वर्तमान वित्त वर्ष 2025-26 के खत्म होने तक और जानकारी मिल जाएगी.' 

डिपार्टमेंट ऑफ इन्वेस्टमेंट एंड पब्लिक एसेट मैनेजमेंट (DIPAM) ने हाल ही में IDBI बैंक के विनिवेश के लिए फाइनेंशियल बिड्स मिलने की पुष्टि की थी. DIPAM सचिव ने 6 फरवरी को सोशल मीडिया पोस्‍ट में कहा था कि IDBI बैंक के स्ट्रेटेजिक डिसइन्वेस्टमेंट के लिए फाइनेंशियल बिड्स मिल गई हैं.

कोटक महिंद्रा समेत इन कंपनियों का नाम सामने आया

IDBI Bank के विनिवेश को लेकर कोटक महिंद्रा बैंक समेत कई कंपनियों का नाम सामने आया है. हालांकि कोटक ने ऐसी संभावना से इनकार किया है. इसने कहा है कि बैंक की फाइनेंशियल बिड में इसने हिस्‍सा नहीं लिया है. कोटक के अलावा  एमिरेट्स NBD और फेयरफैक्स इंडिया होल्डिंग्स ने फाइनेंशियल बोलियां जमा की हैं. एमिरेट्स NBD दुबई की सरकारी कंपनी है, जबकि फेयरफैक्स इंडिया भारतीय मूल के कनाडाई बिलिनयनेयर प्रेम वत्स की कंपनी है. कहा जा रहा है कि आगे के प्रोसेस के बाद फाइनल सिलेक्शन सिर्फ प्राइस के आधार पर नहीं होगा, बल्कि कई क्वालिटेटिव और रेगुलेटरी फैक्टर्स को भी ध्यान में रखा जा रहा है.  

'DIPAM का मकसद 'बेचना' नहीं, निवेश बढ़ाना है'

NDTV Profit कॉन्‍क्‍लेव में अरुणिश चावला ने साफ किया कि DIPAM का मकसद कंपनियों को बेचना नहीं, बल्कि उनमें निवेश बढ़ाना है. उन्‍होंने कहा, 'अब हम सिर्फ विनिवेश (Disinvestment) विभाग नहीं रहे. हम DIPAM हैं. हमारा काम निवेश बढ़ाना और सरकारी संपत्तियों का सही प्रबंधन करना है. हम आम निवेशकों और छोटे शेयरधारकों के जीवन में खुशहाली के दीये जला रहे हैं.

आगे उन्‍होंने कहा, 'आप जिस 80,000 करोड़ रुपये के लक्ष्य की बात कर रहे हैं, उसमें केवल पारंपरिक विनिवेश (कंपनियों की हिस्सेदारी बेचना) या पुरानी जमीन की बिक्री ही शामिल नहीं है. इसमें 'एसेट मॉनेटाइजेशन' यानी सरकारी संपत्ति से कमाई के वे सभी नए और आधुनिक तरीके शामिल हैं जिन्हें हम अपना रहे हैं.  

क्लिक कर पढ़़ें NDTV Profit के 'India: The Real Deal' कॉन्‍क्‍लेव का पूरा अपडेट

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