दिल्ली मेट्रो से यात्रा करते समय स्टेशनों पर आपने छोटी-बड़ी कंपनियों के रिटेल स्टोर तो देखे ही होंगे, खानपान या शॉपिंग भी की होगी. क्या आपके भी दिमाग में कभी आइडिया आया है कि आखिर ये दुकानें मिलती कैसे हैं... क्या आप नमो भारत के स्टेशन पर ऐसा ही कोई रिटेल स्टोर खोलकर मोटी कमाई करना चाहते हैं. अगर हां तो आपके लिए NCRTC न्यू अशोक नगर नमो भारत स्टेशन पर दुकान खोलने का मौका लेकर आया है.
खास बात ये है कि नमो भारत कॉरिडोर पर एक दिन में 1.68 लाख यात्रियों की आवाजाही का रिकॉर्ड बन चुका है. यानी ग्राहकों की कमी तो होने नहीं वाली है. आप समझ रहे हैं न, हम क्या कहना चाह रहे? दुकान मिल गई तो मोटी कमाई पक्की!
दिल्ली-NCR में कारोबार करने वाली कंपनियां और रिटेल ब्रांड्स के प्रोपराइटर या संचालक भी ये मौका भुना सकते हैं. NCRTC ने न्यू अशोक नगर स्टेशन पर 2,000 वर्ग मीटर से ज्यादा कमर्शियल स्पेस लीज पर देने के लिए टेंडर मांगा है. इच्छुक कंपनियां और कारोबारी ई-टेंडरिंग प्रक्रिया के जरिए बोली लगा सकते हैं.
रिटेल और फूड बिजनेस के लिए बड़ा मौका
इस पहल का मकसद स्टेशन पर यात्रियों के लिए खरीदारी, खान-पान और दूसरी सुविधाएं विकसित करना है. इसके साथ ही NCRTC गैर-किराया राजस्व बढ़ाने की भी कोशिश कर रहा है. स्टेशन की लोकेशन और नमो भारत कॉरिडोर पर यात्रियों की बढ़ती संख्या को देखते हुए यहां रिटेल और फूड कारोबार के लिए संभावनाएं बन सकती हैं.
कहां-कहां लगा सकते हैं दुकानें?
NCRTC के मुताबिक, न्यू अशोक नगर नमो भारत स्टेशन के कॉनकोर्स लेवल पर 2,000 वर्ग मीटर से ज्यादा प्राइम रिटेल स्पेस लीज पर उपलब्ध कराया जा रहा है. कॉनकोर्स स्टेशन का वो हिस्सा होता है, जहां से यात्री प्लेटफॉर्म और दूसरी सुविधाओं तक पहुंचते हैं.
इस जगह पर रिटेल स्टोर, रेस्टोरेंट, फूड एंड बेवरेज आउटलेट, लाइफस्टाइल ब्रांड और दूसरे व्यावसायिक प्रतिष्ठान विकसित किए जा सकते हैं. इससे कारोबारियों को यात्रियों की आवाजाही वाले स्थान पर अपना कारोबार स्थापित करने का मौका मिलेगा.

दिल्ली मेट्रो से कनेक्टिविटी, नोएडा के बाजार तक पहुंच
न्यू अशोक नगर स्टेशन की लोकेशन इसे कारोबार के लिहाज से अहम बनाती है. ये दिल्ली मेट्रो के न्यू अशोक नगर स्टेशन से जुड़ा हुआ है. इसके अलावा, मयूर विहार और नोएडा जैसे रिहायशी और व्यावसायिक इलाकों के नजदीक होने से यहां यात्रियों के साथ दूसरे ग्राहकों तक पहुंचने की संभावना भी है.
स्टेशन पर दिल्ली मेट्रो के साथ इंटरचेंज की सुविधा उपलब्ध है. ई-रिक्शा और ऑटो जैसे साधनों के जरिए लास्ट-माइल कनेक्टिविटी भी मिलती है. इससे दिल्ली और नोएडा के बीच सफर करने वाले यात्रियों के लिए स्टेशन एक अहम ट्रांजिट पॉइंट बनता है.
पार्किंग और EV चार्जिंग की भी सुविधा
न्यू अशोक नगर नमो भारत स्टेशन पर यात्रियों के लिए पार्किंग की व्यवस्था भी है. यहां करीब 73 कारों और 284 दोपहिया वाहनों को खड़ा करने की क्षमता बताई गई है. इसके अलावा, इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए ईवी चार्जिंग की सुविधा भी मौजूद है.
स्टेशन का डिजाइन यूनिवर्सल एक्सेसिबिलिटी के सिद्धांत पर आधारित है, ताकि दिव्यांग यात्रियों समेत अलग-अलग जरूरतों वाले लोगों को परिसर तक पहुंचने में सुविधा हो.
इन सुविधाओं के साथ अगर स्टेशन परिसर में रिटेल और खान-पान के विकल्प विकसित होते हैं, तो यात्रियों को सफर के दौरान ही खरीदारी और खाने-पीने की सुविधा मिल सकती है.

नमो भारत कॉरिडोर पर 4.8 करोड़ से ज्यादा यात्राएं
NCRTC के मुताबिक, नमो भारत कॉरिडोर पर परिचालन शुरू होने के बाद अब तक 4.8 करोड़ से ज्यादा यात्री यात्राएं दर्ज की जा चुकी हैं. कॉरिडोर ने हाल ही में एक दिन में 1.68 लाख से ज्यादा यात्रियों के साथ अपनी अब तक की सर्वाधिक दैनिक राइडरशिप भी दर्ज की.
यात्रियों की इस आवाजाही से स्टेशन परिसरों में व्यावसायिक गतिविधियों की संभावनाएं बढ़ती हैं. NCRTC की कोशिश है कि स्टेशन पर उपलब्ध जगह का बेहतर इस्तेमाल किया जाए, जिससे यात्रियों को अतिरिक्त सुविधाएं मिलें और परिवहन व्यवस्था के लिए किराये के अलावा कमाई के दूसरे स्रोत भी विकसित हों.
कैसे लगा सकते हैं बोली?
न्यू अशोक नगर नमो भारत स्टेशन पर कमर्शियल स्पेस लेने के इच्छुक कारोबारी और कंपनियां ई-टेंडरिंग प्रक्रिया में हिस्सा ले सकती हैं. पात्रता, लीज की शर्तें, जरूरी दस्तावेज और आवेदन की अंतिम तारीख से जुड़ी जानकारी NCRTC की आधिकारिक वेबसाइट और सेंट्रल पब्लिक प्रोक्योरमेंट पोर्टल पर उपलब्ध निविदा दस्तावेजों में देखी जा सकती है.
दूसरे नमो भारत स्टेशनों पर भी कमर्शियल स्पेस की तैयारी
न्यू अशोक नगर स्टेशन के अलावा NCRTC दिल्ली-मेरठ नमो भारत कॉरिडोर के कई दूसरे स्टेशनों पर भी प्रॉपर्टी डेवलपमेंट की दिशा में काम कर रहा है. इनमें आनंद विहार, गाजियाबाद, सराय काले खां, बेगमपुल और परतापुर से मोदीपुरम के बीच स्थित स्टेशन शामिल हैं.
इन स्टेशनों पर भी कमर्शियल स्पेस लीज पर देने के लिए लाइसेंस या प्रस्ताव जारी किए गए हैं. NCRTC का लक्ष्य परिवहन सुविधाओं के साथ व्यावसायिक गतिविधियों को जोड़ना है, ताकि स्टेशनों का इस्तेमाल बेहतर हो और गैर-किराया राजस्व बढ़ सके.
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