ITR Filing 2026: अगर वित्त वर्ष 2025-26 के दौरान आपको माता-पिता, पति-पत्नी, भाई-बहन, दोस्तों या किसी रिश्तेदार से कैश, ज्वेलरी, प्रॉपर्टी या कोई महंगा गिफ्ट मिला है, तो इस बार इनकम टैक्स रिटर्न (Income Tax Return) भरते समय भरते समय थोड़ा ज्यादा सावधान रहने की जरूरत है. कई गिफ्ट्स पर टैक्स नहीं लगता, लेकिन अब उन्हें सही जगह पर बताना जरूरी हो सकता है. आयकर विभाग ने असेसमेंट ईयर 2026-27 (AY 2026-27) के ITR यूटिलिटी में एक नया कॉलम जोड़ा है, जिससे टैक्सपेयर्स को ऐसे गिफ्ट्स की जानकारी देने का विकल्प मिला है.
आइए आसान भाषा में समझते हैं कि नया नियम क्या है और इनकम टैक्स रिटर्न भरते समय किन बातों का ध्यान रखना जरूरी है.
ITR में क्यों जोड़ा गया नया कॉलम?
इस बार ITR यूटिलिटी में 'Receipts not in the nature of income' नाम से नया कॉलम जोड़ा गया है. यह उन रकम या गिफ्ट्स की जानकारी देने के लिए है, जिन्हें आयकर कानून के तहत आय (Income) नहीं माना जाता.इसका मतलब यह नहीं है कि पहले से टैक्स-फ्री गिफ्ट्स पर अब टैक्स लगने लगेगा. बल्कि आयकर विभाग ने ऐसे लेनदेन की जानकारी देने के लिए अलग जगह उपलब्ध कराई है, ताकि भविष्य में जरूरत पड़ने पर उनका रिकॉर्ड मौजूद रहे.
किन रिश्तेदारों से मिले गिफ्ट पर नहीं लगता टैक्स?
इनकम टैक्स कानून के मुताबिक कुछ तय रिश्तेदारों से मिला गिफ्ट पूरी तरह टैक्स-फ्री होता है, चाहे उसकी कीमत कितनी भी हो.इनमें माता-पिता, पति या पत्नी, भाई-बहन, बच्चे, दादा-दादी, नाना-नानी और कानून में तय अन्य करीबी रिश्तेदार शामिल हैं.
इसके अलावा शादी के मौके पर मिला गिफ्ट, वसीयत (Will) के जरिए मिली संपत्ति और विरासत (Inheritance) में मिली संपत्ति भी टैक्स से पूरी तरह छूट के दायरे में आती है.
दोस्तों से मिले गिफ्ट पर कब लगता है टैक्स?
अगर गिफ्ट किसी गैर-रिश्तेदार यानी दोस्त या अन्य व्यक्ति से मिला है, तो नियम अलग हैं.इनकम टैक्स एक्ट की धारा 56(2)(x) के तहत अगर पूरे वित्त वर्ष में ऐसे गिफ्ट्स की कुल कीमत ₹50,000 से ज्यादा हो जाती है, तो वह टैक्स के दायरे में आ जाती है. वहीं कुल राशि ₹50,000 तक रहने पर उस पर टैक्स नहीं लगता.
क्या हर गिफ्ट की जानकारी ITR में देनी होगी?
टैक्स एकस्पर्ट का कहना है कि कानून हर टैक्स-फ्री गिफ्ट की अलग से जानकारी देना अनिवार्य नहीं करता, जब तक संबंधित ITR फॉर्म इसकी मांग न करे.हालांकि, अगर आपको बड़ी रकम, महंगी ज्वेलरी, प्रॉपर्टी या हाई-वैल्यू गिफ्ट मिला है, तो उसे नए कॉलम में दिखाना बेहतर माना जा रहा है. इससे भविष्य में आयकर विभाग की ओर से पूछताछ या स्क्रूटनी होने पर जवाब देना आसान रहेगा.
गिफ्ट मिलने पर रिकॉर्ड संभालकर रखना भी जरूरी
भले ही कोई गिफ्ट टैक्स-फ्री हो, लेकिन जरूरत पड़ने पर आपको यह साबित करना पड़ सकता है कि गिफ्ट किसने दिया, क्यों दिया और पैसा कहां से आया.इसलिए गिफ्ट से जुड़े दस्तावेज, बैंक रिकॉर्ड, गिफ्ट डीड या अन्य जरूरी प्रमाण संभालकर रखना समझदारी होगी. सही दस्तावेज और उचित खुलासा भविष्य में टैक्स विवाद से बचा सकता है.
गलत जानकारी या गिफ्ट छिपाने पर क्या हो सकता है?
अगर किसी टैक्सेबल गिफ्ट की जानकारी नहीं दी जाती या आय कम दिखाई जाती है, तो आयकर विभाग की ओर से मामला जांच के दायरे में आ सकता है.ऐसी स्थिति में अंडर-रिपोर्टेड या मिस-रिपोर्टेड इनकम पर टैक्स के अलावा Section 270A के तहत टैक्स देनदारी का 50% से 200% तक जुर्माना भी लगाया जा सकता है. इसलिए सही जानकारी देना और रिकॉर्ड सुरक्षित रखना बेहद जरूरी है.
क्या टैक्स-फ्री गिफ्ट भी इस बार बताने होंगे?
हां, AY 2026-27 के लिए ITR यूटिलिटी में जो नया 'Receipts not in the nature of income' कॉलम जोड़ा गया है, उसके बाद टैक्स विशेषज्ञ सलाह दे रहे हैं कि रिश्तेदारों से मिले बड़े गिफ्ट या अन्य टैक्स-फ्री प्राप्तियां भी जहां लागू हों, वहां इस सेक्शन में बताई जाएं.ध्यान रहे, इससे इन गिफ्ट्स पर टैक्स नहीं लगेगा. यह सिर्फ बेहतर रिपोर्टिंग और पारदर्शिता के लिए किया गया बदलाव है.
बता दें कि यह नया कॉलम आधिकारिक नोटिफाई किए गए ITR फॉर्म या PDF वर्जन का हिस्सा नहीं है. इसे फिलहाल ऑनलाइन ITR फाइलिंग यूटिलिटी और JSON स्कीमा में जोड़ा गया है. इसलिए ITR भरते समय ऑनलाइन यूटिलिटी में दिखाई देने वाले इस नए सेक्शन पर जरूर ध्यान दें. ITR-1 और ITR-2 दाखिल करने की आखिरी तारीख (ITR Filing Deadline) फिलहाल 31 जुलाई 2026 है और अभी तक इसकी समयसीमा बढ़ाने का कोई ऐलान नहीं किया गया है.
ये भी पढ़ें- ITR Deadline: क्या इनकम टैक्स रिटर्न फाइल करने की डेडलाइन बढ़ने वाली है? एक्सपर्ट ने क्या बताया
NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं