- केयरएज रेटिंग्स के अनुसार वित्त वर्ष 2026-27 में भारत की जीडीपी 7 प्रतिशत की दर से बढ़ने की संभावना है
- घटती महंगाई, ब्याज दरों में कमी और मजबूत सर्विस सेक्टर भारत की आर्थिक वृद्धि का मुख्य आधार हैं
- रिपोर्ट में कमजोर होते रुपये के बारे में सतर्क रहने की सलाह दी गई है
Indian GDP Growth Forecast: दुनिया में चल रही उथल-पुथल और बाजार की अनिश्चितताओं के बाद भी भारतीय अर्थव्यवस्था अपनी चमक बिखेर रही है. रेटिंग एजेंसी केयरएज की रिपोर्ट के अनुसार, वित्त वर्ष 2026-27 में भारत की जीडीपी 7% की शानदार दर से बढ़ सकती है. जहां दुनिया के कई बड़े देश आर्थिक सुस्ती और महंगाई से जूझ रहे हैं, वहीं भारत की यह ग्रोथ दुनिया के लिए एक मिसाल पेश कर रही है.
केयरएज रेटिंग्स के चीफ रेटिंग ऑफिसर, सचिन गुप्ता ने बताया, भारत की घरेलू बुनियाद काफी मजबूत है. बैंकिंग सेक्टर पिछले एक दशक में अपने सबसे शानदार दौर में है."
ये चुनौतियां बढ़ा सकती हैं सिरदर्द
भले ही देश की ग्रोथ रेट के अनुमान अच्छे हों पर रिपोर्ट में तीन बड़ी चुनौतियाों की भी बात कही है.
- कमजोर होता रुपया
भारतीय रुपया सिर्फ डॉलर के मुकाबले ही नहीं, बल्कि पाउंड और यूरो के मुकाबले भी 15% तक लुढ़क चुका है. इससे इंपोर्ट महंगा होने का खतरा है.
- विदेशी निवेश में गिरावट
FDI की बात करें तो 2021-22 में जहां 44 बिलियन डॉलर का निवेश आया था, वहीं 2024-25 में यह 0.5 बिलियन डॉलर रह गया है.
- टैरिफ वॉर
वैश्विक स्तर पर बढ़ते टैरिफ वॉर ने भारतीय एक्सपोर्टर्स की चिंताएं बढ़ा दी है.
बजट 2026 से क्या हैं उम्मीदें?
1 फरवरी 2026 को पेश होने वाले बजट पर सभी की निगाहें टिकी हैं. केयरएज की अर्थशास्त्री रजनी सिन्हा का सुझाव है कि सरकार को अब विकसित भारत के सपने को पूरा करने के लिए इनोवेशन के साथ रिसर्च, युवाओं के लिए नौकरी, किसानों को आधुनिक तकनीक देने पर फोकस करना होगा.
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