सरकार अब घाटे और कर्ज से जूझ रही सरकारी कंपनियों की खाली पड़ी जमीन और इमारतों से कमाई करने की तैयारी में है. इसके लिए केंद्र सरकार वित्त वर्ष 2026-27 में 15,000 करोड़ रुपये से ज्यादा जुटाने का लक्ष्य लेकर चल रही है. इस लिस्ट में टेलीकॉम कंपनियां MTNL और BSNL के अलावा RINL, ITI और HIL जैसी सरकारी कंपनियां भी शामिल हैं. खास बात यह है कि अकेले MTNL की संपत्तियों से अगले दो साल में 4,000-5,000 करोड़ रुपये जुटाने का प्लान है.
FY27 में ₹15,000 करोड़ जुटाने का लक्ष्य
सरकारी अधिकारियों के मुताबिक, केंद्र सरकार वित्त वर्ष 2026-27 में सरकारी कंपनियों की खाली जमीन और इमारतों को बेचकर 15,000 करोड़ रुपये से ज्यादा जुटाना चाहती है. इस काम की जिम्मेदारी नेशनल लैंड मॉनेटाइजेशन कॉरपोरेशन (NLMC) को दी गई है. यह वित्त मंत्रालय के तहत काम करने वाली सरकारी कंपनी है. इसका काम केंद्र सरकार और सरकारी कंपनियों की ऐसी जमीन और इमारतों से कमाई करना है, जिनका इस्तेमाल उनके मुख्य कारोबार में नहीं हो रहा है.
MTNL की संपत्तियों से आएंगे ₹5,000 करोड़
इस पूरे प्लान में MTNL की जमीन और दूसरी संपत्तियां सबसे खास हैं. सरकार अगले दो साल में MTNL की प्रॉपर्टी बेचकर 4,000 से 5,000 करोड़ रुपये जुटाना चाहती है. कंपनी पर फिलहाल करीब 10,000 करोड़ रुपये का कर्ज है. ऐसे में संपत्तियों की बिक्री से मिलने वाली रकम का इस्तेमाल कर्ज का बोझ कम करने और कंपनी की आर्थिक स्थिति सुधारने में किया जा सकता है.
BSNL, RINL और ITI की संपत्तियां भी बिकेंगी
MTNL के अलावा BSNL, राष्ट्रीय इस्पात निगम लिमिटेड (RINL), इंडियन टेलीफोन इंडस्ट्रीज (ITI) और हिंदुस्तान इंसेक्टिसाइड्स लिमिटेड (HIL) की जमीन और इमारतें भी इस योजना में शामिल हैं. इन कंपनियों के पास ऐसी कई संपत्तियां हैं, जिनकी फिलहाल उनके मुख्य कारोबार में जरूरत नहीं है. सरकार इन्हें इस्तेमाल में लाकर पैसा जुटाना चाहती है.
अब तक ₹9,000 करोड़ की संपत्तियों का मॉनेटाइजेशन
सरकारी अधिकारी के मुताबिक, NLMC अब तक करीब 9,000 करोड़ रुपये की जमीन और संपत्तियों का मॉनेटाइजेशन पूरा कर चुका है. सरकार की इस योजना का मकसद सरकारी कंपनियों की बेकार पड़ी संपत्तियों में फंसे पैसे को बाहर निकालना है. इससे कंपनियों को कर्ज कम करने और अपनी आर्थिक स्थिति मजबूत करने के लिए अतिरिक्त पैसा मिल सकता है.
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