हरियाणा में दीपावली से पहले सरकारी कर्मचारियों को फेस्टिव एडवांस मिलने जा रहा है. राज्य सरकार ग्रुप-डी के पात्र कर्मचारियों को 15,000 रुपये का एडवांस देगी. ये राशि ब्याजमुक्त रहेगी. यानी कर्मचारी इसे किस्तों में चुका सकेंगे, लेकिन 15 हजार के बदले 15 हजार रुपये ही लौटाने होंगे, इस पर एक रुपया भी ब्याज नहीं देना होगा.
जिन कर्मचारियों को 15 हजार रुपये चाहिए, उन्हें 24 अक्टूबर 2026 से पहले आवेदन करना होगा. सरकार के निर्देशों के मुताबिक, इस राशि को 30 अक्टूबर तक मंजूर कर बांटा जा सकेगा.
किन कर्मियों को मिलेंगे 15-15 हजार रुपये?
इस सुविधा का लाभ सरकारी विभागों, बोर्ड-निगमों और स्वायत्त संस्थानों में काम करने वाले पात्र नियमित स्थायी और अस्थायी चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों को मिलेगा. हालांकि, सभी कर्मचारी इसके पात्र नहीं हैं. आवेदन से पहले कर्मचारियों को पात्रता और एडवांस की वापसी से जुड़े नियमों को समझ लेना चाहिए.
15,000 रुपये एडवांस लेने के लिए क्या करना होगा?
पात्र कर्मचारियों को निर्धारित समय-सीमा के भीतर आवेदन करना होगा. संबंधित विभाग के आहरण एवं वितरण अधिकारी यानी डीडीओ एडवांस मंजूर करेंगे. सरकार ने एडवांस की मंजूरी और वितरण के लिए 30 अक्टूबर 2026 तक की समय-सीमा तय की है.
इस सुविधा के लिए कर्मचारी की अगले 10 महीने तक सेवा में बने रहने की संभावना होनी चाहिए. अस्थायी कर्मचारी को किसी स्थायी राज्य सरकारी कर्मचारी की जमानत भी देनी होगी.
एडवांस से जुड़े नियम
- एडवांस की राशि: 15,000 रुपये
- ब्याज: कोई ब्याज नहीं
- आवेदन की आखिरी तारीख: 24 अक्टूबर 2026
- मंजूरी और वितरण की समय-सीमा: 30 अक्टूबर 2026 तक
- वसूली: 10 समान मासिक किस्तों में
- कौन देगा मंजूरी: संबंधित विभाग के डीडीओ
किन कर्मचारियों को नहीं मिलेगा लाभ?
हरियाणा सरकार ने इस सुविधा के लिए कुछ श्रेणियों को बाहर रखा है. कार्यभारित, आकस्मिक वेतनभोगी, दैनिक वेतनभोगी और संविदा कर्मचारी इस एडवांस के पात्र नहीं होंगे.
इसके अलावा, दूसरे सरकारी विभागों, निगमों या स्थानीय निकायों में प्रतिनियुक्त चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों को उनके मूल विभाग से ये एडवांस नहीं मिलेगा.
निलंबित कर्मचारियों और हरियाणा सिविल सेवा (दंड एवं अपील) नियम, 2016 के नियम-7 के तहत कार्रवाई का सामना कर रहे कर्मचारियों के आवेदन भी स्वीकार नहीं किए जाएंगे.
अगर पति-पत्नी दोनों सरकारी कर्मचारी हैं, तो उनमें से केवल एक ही इस सुविधा का लाभ ले सकेगा.
10 महीने में लौटाने होंगे पैसे, दुरुपयोग पर 10% दंड ब्याज
सरकार की ओर से मिलने वाली 15,000 रुपये की राशि ब्याजमुक्त होगी, लेकिन इसे वापस करना जरूरी है. एडवांस की वसूली 10 समान मासिक किस्तों में की जाएगी. इस हिसाब से हर किस्त 1,500 रुपये की होगी.
हालांकि, कर्मचारियों को ध्यान रखना होगा कि एडवांस का दुरुपयोग करने पर 10% दंडात्मक ब्याज वसूला जाएगा. अपात्र कर्मचारी को एडवांस मंजूर करने पर संबंधित डीडीओ जिम्मेदार होंगे और उनके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जा सकती है.
विभागों को रखना होगा वसूली का पूरा रिकॉर्ड
सरकार ने एडवांस के और वसूली की निगरानी के लिए भी निर्देश दिए हैं. संबंधित विभागों को वसूली का विस्तृत रिकॉर्ड रखना होगा. हर महीने प्रधान महालेखाकार (लेखा एवं हकदारी) के कार्यालय से रिकॉर्ड का मिलान करना होगा और प्रत्येक बिल के साथ जरूरी विवरण देना होगा.
इसके अलावा, कुल खर्च की जानकारी नवंबर 2026 के अंत तक निर्धारित प्रारूप में वित्त विभाग को भेजनी होगी.
पिछले साल के मुकाबले 2 हजार रुपये बढ़ी राशि
उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, वित्त वर्ष 2023-24 में चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों को 13,000 रुपये का त्योहारी एडवांस दिया जाता था. अब इसे बढ़ाकर 15,000 रुपये कर दिया गया है. यानी एडवांस की राशि में 2,000 रुपये की बढ़ोतरी हुई है.
कुल मिलाकर, हरियाणा सरकार की इस व्यवस्था से पात्र ग्रुप-डी कर्मचारियों को दीपावली से पहले अतिरिक्त आर्थिक मदद मिल सकती है. हालांकि, इसका लाभ लेने के लिए 24 अक्टूबर तक आवेदन करना और सरकार की ओर से तय सभी शर्तों को पूरा करना जरूरी है.
(चंडीगढ़ से अंकुर कपूर की रिपोर्ट)
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