- MCX पर सोना आज 1,47,504 रुपये प्रति 10 ग्राम और चांदी 2,37,334 रुपये प्रति किलोग्राम पर ट्रेड कर रही है
- डॉलर कमजोर होने, अमेरिकी जॉब डेटा कमजोर आने से सोने की कीमतों में तेजी आई है जो निवेशकों को आकर्षित कर रही है
- फेडरल रिजर्व की ब्याज दरों में बढ़ोतरी कम होने की संभावना की वजह से सोने की मांग में इजाफा हुआ है
Gold-Silver Price: एक बार फिर सोने-चांदी ने कीमतों को लेकर सुस्ती तोड़ दी है. एक बार फिर हमने इसलिए कहा क्योंकि इससे पहले भी बीच-बीच में सोना-चांदी भागे हैं, पर जल्द ही फिर गिरावट देखने को मिली. हालांकि जुलाई का महीना अभी शुरू ही हुआ है तो ये महीना निवेशकों के लिए अच्छी खबर लेकर आया है. दरअसल अंतरराष्ट्रीय बाजार में आई तेजी का असर अब देश के एमसीएक्स मार्केट पर भी साफतौर पर देखने को मिल रहा है.
ना सिर्फ सोना बल्कि चांदी भी पेस पकड़ते हुए नजर आ रही है. लेकिन बड़ा सवाल यही है कि अचानक सोने की कीमतों में इतना उछाल क्यों आया? क्या ये तेजी बरकरार रहेगी और एक निवेशक को इस स्थिति में क्या रणनीति अपनानी चाहिए? इन सवालों के जवाब कमोडिटी मार्केट के एक्सपर्ट और केडिया एडवाइजरी के डायरेक्टर अजय केडिया ने दिए.
क्या हैं ताजा भाव?
आज 3 जुलाई 2026 के आंकड़ों पर नजर डालें तो खबर लिखे जाने तक एमसीएक्स पर सोने के भाव 1748 रुपये बढ़त के साथ 1,47,504 रुपये प्रति 10 ग्राम पर ट्रेड कर रहा है. वहीं, चांदी की चमक भी कम नहीं है, चांदी का भाव 4 हजार रुपये चढ़कर 2,37,334 रुपये प्रति किलो पर पहुंच गए हैं. साथ ही अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी सोना 4,194 डॉलर प्रति औंस के करीब कारोबार कर रहा है.
सोने में तेजी की असली वजह क्या?
- डॉलर हुआ कमजोर
सोने की कीमतों में इस अचानक आई तेजी के पीछे कोई एक वजह नहीं है, बल्कि ये कई इंटरनेशनल मार्केट में हुई घटनाओं का परिणाम है. केडिया एडवाइजरी के अनुसार सोना और डॉलर का रिश्ता सी-सॉ जैसा है. यानी जब डॉलर कमजोर होता है, तो सोना मजबूत होता है. आंकड़ों के अनुसार, डॉलर इंडेक्स 101 के स्तर से नीचे फिसला है. डॉलर की इस गिरावट ने अंतरराष्ट्रीय निवेशकों का भरोसा सोने की ओर मोड़ दिया है, जिससे कीमतों को सपोर्ट मिला.
- कमजोर अमेरिकी जॉब डेटा
केडिया एडवाइजरी ने बताया कि अमेरिकी में जून के समय सिर्फ 57,000 नई नौकरियां ही जुड़ीं, जो उम्मीद से कहीं कम हैं. ये डेटा संकेत देता है कि दुनिया की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था में सुस्ती आ रही है. आर्थिक अनिश्चितता के दौर में निवेशक हमेशा सेफ हेवन को देखते हुए सोने-चांदी में निवेश करना शुरु कर देते हैं.
- फेडरल रिजर्व की ब्याज दरों में राहत की उम्मीद
केडिया एडवाइजरी के अनुसार बाजार में अब इस बात की चर्चा तेज है कि अमेरिकी फेडरल रिजर्व सितंबर में ब्याज दरों में बढ़ोतरी नहीं करेगा. ब्याज दरों में बढ़ोतरी की संभावना कम होकर सिर्फ 50% रह गई है. जब ब्याज दरें नहीं बढ़तीं, तो सोने की मांग बढ़ जाती है क्योंकि इसमें निवेश करना ज्यादा फायदेमंद होता है.
अब कहां तक जा सकता है सोना-चांदी?
केडिया एडवाइजरी के अनुसार सोने के लिए निचला लेवल 1,43,000 रुपये प्रति 10 ग्राम और रेजिस्टेंस 1,51,000 रुपये प्रति 10 ग्राम पर दिख सकता है. वहीं चांदी में लोअर लेवल 2,18,000-2,20,000 रुपये प्रति किलोग्राम और रेजिस्टेंस 2,54,000 से लेकर 2,55,000 रुपये प्रति किलोग्राम पर दिख सकता है.
निवेशकों के लिए क्या हो आगे की प्लानिंग?
केडिया एडवाइजरी ने बताया कि बाजार में चल रही इस तेजी को देखकर कई निवेशक एकदम से अलर्ट मोड में आ जाते हैं कि क्या अब खरीदना सही है? या क्या हमें अभी मुनाफा बुक कर लेना चाहिए? तो देखिए सोने की कीमतें जब अपने हाई पर हों, तो एक साथ निवेश करने से बचें. बाजार में उतार-चढ़ाव आते रहते हैं, इसलिए हमेशा जब दाम थोड़े गिरें तब खरीदारी करने की सोचें. साथ ही सोने में निवेश आपके पोर्टफोलियो को स्टेबिलिटी देता है. इसे कम से कम 5-10% के वेटेज के साथ अपने पोर्टफोलियो में जरूर रखें.
साथ ही केडिया एडवाइजरी ने बताया, जो निवेशक लंबे समय के लिए सोना जमा करना चाहते हैं, तो फिजिकल गोल्ड के बजाय डिजिटल गोल्ड, सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड या गोल्ड ETF की तरफ जा सकते हैं. इसमें मेकिंग चार्ज और सेफ्टी का कोई इश्यू नहीं होता.
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