Dollar vs Rupee Today: विदेशी मुद्रा बाजार (Currency Market) से आज भारत के लिए एक बहुत बड़ी और राहत भरी खबर सामने आ रही है. पिछले कई सत्रों से अमेरिकी डॉलर के आगे लगातार फिसल रहा भारतीय रुपया आज गुरुवार, 21 मई को एक नए जोश के साथ खुला है. शुरुआती कारोबार में ही रुपये ने डॉलर के मुकाबले शानदार रिकवरी दिखाते हुए अपनी लगातार 9 दिनों की ऐतिहासिक गिरावट पर ब्रेक लगा दिया है.
9 ट्रेडिंग सेशन की गिरावट के बाद पहली रिकवरी
आज करेंसी मार्केट में लगातार गिरावट के दबाव में चल रहा रुपया आखिरकार संभलता दिखा है. डॉलर के मुकाबले रुपया गुरुवार को शुरुआती कारोबार में 61 पैसे मजबूत होकर 96.25 के स्तर पर पहुंच गया. यह लगातार 9 ट्रेडिंग सेशन की गिरावट के बाद पहली रिकवरी है. इससे पहले रुपया लगातार कमजोर होकर रिकॉर्ड निचले स्तर तक पहुंच गया था. इस दौरान रुपये ने अपने मूल्य का लगभग 2.5% हिस्सा गंवा दिया था और अमेरिकी डॉलर के मुकाबले बार-बार रिकॉर्ड लो छू रहा था.
रुपये में आई मजबूती की क्या है वजह?
डॉलर के मुकाबले भारतीय करेंसी में आई यह मजबूती बाजार के लिए राहत का संकेत मानी जा रही है. सवाल यह है कि आखिर 9 दिनों की कमजोरी के बाद रुपये ने अचानक वापसी कैसे की? इसके पीछे तेल की कीमतों से लेकर RBI के कदम तक कई बड़े फैक्टर काम कर रहे हैं.
बता दें कि इस बड़ी राहत के पीछे दो सबसे मुख्य ग्लोबल कारण रहे. पहला, कच्चे तेल (Crude Oil) की कीमतों में आई भारी गिरावट और दूसरा, अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड (U.S. Treasury Yields) का नीचे आना, जो पिछले कुछ समय से रुपये के लिए सबसे बड़ा सिरदर्द बना हुआ था. इसके अलावा रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) एक ऐसा बड़ा कदम उठाने की तैयारी में है, जिसने पूरे बैंकिंग और करेंसी मार्केट में खलबली मचा दी है.
कच्चे तेल में नरमी से मिली राहत
ग्लोबल मार्केट में ब्रेंट क्रूड (Brent Crude) की कीमतों में बुधवार को 5.6% की बड़ी गिरावट दर्ज की गई, जिसके बाद यह लगभग 105 डॉलर प्रति बैरल के स्तर पर आ गया. तेल की कीमतों में आई इस नरमी से भारत जैसे बड़े तेल आयातक देश को बड़ी राहत मिली है. तेल कीमतों में नरमी से भारत के आयात बिल पर दबाव कम होने की उम्मीद बढ़ी, जिससे रुपये को सपोर्ट मिला.
इसके अलावा, निवेशक अमेरिका और ईरान के बीच चल रही बातचीत से जुड़ी खबरों पर भी पैनी नजर रख रहे हैं. माना जा रहा है कि इस संघर्ष को सुलझाने के लिए दोनों देशों के बीच बातचीत में पॉजिटिव के संकेत मिल रहे हैं, जिससे बाजार की चिंताएं कम हुई हैं.
RBI का बड़ा कदम, लिक्विडिटी मैनेजमेंट के लिए ला रहा है 5 बिलियन डॉलर का ऑक्शन
रुपये को संभालने के लिए केंद्रीय बैंक ने बुधवार को ही एक और बड़ा का ऐलान किया है. इसके तहत, बैंकिंग सिस्टम में लिक्विडिटी (नकदी) को सही बनाए रखने के लिए रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) 26 मई को 5 अरब डॉलर के डॉलर का 'डॉलर-रुपया बाय-सेल स्वैप ऑक्शन (USD INR Buy-Sell Swap Auction) आयोजित करेगा. यह तीन साल की अवधि वाला स्वैप होगा. बैंकर्स का कहना है कि इस स्वैप अरेंजमेंट से बैंकिंग सिस्टम में रुपये की लिक्विडिटी बढ़ेगी और फॉरवर्ड प्रीमियम को नीचे लाने में काफी मदद मिलेगी
क्या ब्याज दर बढ़ा सकता है RBI? ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट में बड़ा दावा
इस बीच, ब्लूमबर्ग की एक ताजा और बेहद चौंकाने वाली रिपोर्ट ने बाजार की धड़कनें बढ़ा दी हैं. रिपोर्ट के मुताबिक, रुपये की तेज गिरावट को रोकने और उसे स्थिर करने के लिए रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) ब्याज दरों में बढ़ोतरी (Interest Rate Hike) समेत अपने सभी उपलब्ध विकल्पों पर बेहद गंभीरता से विचार कर रहा है. सूत्रों के हवाले से बताया गया है कि रुपये में आई भारी गिरावट के बाद आरबीआई के शीर्ष अधिकारियों, जिनमें गवर्नर संजय मल्होत्रा भी शामिल हैं, ने स्थिति की समीक्षा करने और आगे की रणनीति तय करने के लिए कई महत्वपूर्ण इंटरनल मीटिंग्स की हैं. जिसमें जरूरत पड़ने पर ब्याज दर बढ़ाने जैसे कदम भी शामिल हो सकते हैं. अब बाजार की नजर RBI की अगली रणनीति पर रहेगी.
फिलहाल रुपये की यह रिकवरी राहत जरूर है, लेकिन आगे इसकी दिशा कच्चे तेल की कीमतों, अमेरिकी बॉन्ड यील्ड, डॉलर की चाल और RBI के फैसलों पर निर्भर करेगी.
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