कुछ महीने पहले ही आईटी कंपनी Oracle ने अपने हजारों कर्मचारियों को सुबह-सुबह 6 बजे एक ईमेल भेजा और उन्हें नौकरी से निकाल दिया. करीब 30 हजार लोगों को नौकरी से निकाला गया, जिनमें से लगभग 12 हजार भारतीय थे. Oracle कई बार AI की वजह से छंटनी की बात को खुलेआम मान चुकी है.
Oracle ने पिछले महीने ही अपनी सालाना रेगुलेटरी फाइलिंग में बताया था कि मई 2026 तक उसके पास 1.41 लाख कर्मचारी थे. जबकि, मई 2025 तक कंपनी में काम करने वाले कर्मचारियों की संख्या 1.62 लाख थी. यानी, एक साल में ही कंपनी के कर्मचारियों की संख्या में लगभग 13% की कमी आई है.
AI के कारण छंटनी करने वालों में Oracle अकेली कंपनी नहीं है. दुनियाभर की टेक कंपनियां अब अपना पैसा कर्मचारियों की बजाय AI पर लगा रही हैं. नतीजा- छंटनी.
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कितनी नौकरियां छीन रहा AI?
वैसे तो दुनियाभर में AI के कारण नौकरियों पर असर पड़ा है, लेकिन सबसे ज्यादा असर अमेरिका में पड़ा है. उसकी वजह भी है. क्योंकि अमेरिका में ही बड़ी-बड़ी टेक कंपनियां हैं, जो AI पर पैसा लगा रही हैं.
आउटप्लेसमेंट फर्म 'चैलेंजर, ग्रे एंड क्रिसमस' के डेटा के हिसाब से इस साल अमेरिका में छंटनी की सबसे बड़ी वजह AI है. 2026 के शुरुआती 6 महीनों में ही AI के कारण 1 लाख से ज्यादा नौकरियां जा चुकी हैं.
इसका डेटा बताता है कि अकेले जून में ही 45,849 लोगों को नौकरी से निकाला गया है. इनमें से 31% यानी 14,029 लोगों की नौकरी AI के कारण गई है. ये लगातार चौथा महीना है, जब छंटनी की सबसे बड़ी वजह AI बना है.
इससे पहले मई में अमेरिकी कंपनियों ने 97,006 लोगों को नौकरी से निकाला था. इनमें से लगभग 40% यानी 38,579 लोगों की नौकरी AI के कारण गई थी. जबकि, जनवरी में सिर्फ 7% छंटनियों की वजह AI था.
AI किस हद तक नौकरियां खा रहा है? इसका अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि 2025 में अमेरिका में 54,836 लोगों की नौकरियां AI के कारण गई थी, जबकि इस साल के 6 महीनों में ही 1.01 लाख से ज्यादा नौकरियां इसकी वजह से जा चुकी हैं. वहीं, 2024 में 12,742 लोगों की नौकरियां AI ने ले ली थी.

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भारत पर भी दिख रहा असर!
AI के कारण भारत में भी नौकरियों पर खतरा मंडरा रहा है. या यूं कहें कि अमेरिका के बाद भारत दूसरे नंबर पर है, जहां AI सबसे ज्यादा नौकरियां खा रहा है.
दुनियाभर में छंटनियों को ट्रैक करने वाली वेबसाइट layoffs.fyi के डेटा के मुताबिक, AI के कारण सबसे ज्यादा नौकरियां अमेरिका और फिर भारत में जा रही हैं. डेटा बताता है कि अमेरिकी टेक कंपनियों ने 2020 से लेकर 2 जुलाई तक जितनी छंटनियां की हैं, उनमें 70% से ज्यादा छंटनी AI के कारण ही. वहीं, इसी दौरान भारत में 7% छंटनियों का कारण AI रहा.
भारत में AI का सबसे ज्यादा असर एडटेक कंपनियों पर पड़ रहा है. सबसे ज्यादा 21% नौकरियां इसी सेक्टर में गई हैं. इसके बाद लगभग 15% नौकरियां फाइनेंस में और 12% फूड सेक्टर में गई हैं. रिटेल, कंज्यूमर और ट्रांसपोर्ट तीनों को मिलाकर 30% से ज्यादा नौकरियां गई हैं.
हालांकि, इन चिंताओं के बीच एक अच्छी खबर ये भी है कि अब कंपनियां फिर से हायरिंग बढ़ा रही हैं. 'चैलेंजर, ग्रे एंड क्रिसमस' की रिपोर्ट के मुताबिक, 2020 से 2025 के बीच अमेरिका में टेक कंपनियों ने हायरिंग घटा दी थी. लेकिन इस साल के 6 महीनों में अब तक कंपनियां 91,405 भर्तियों का ऐलान कर चुकी हैं. यह पिछले साल की तुलना में 10% ज्यादा है.
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