अमेरिका और ईरान के बीच शांति समझौते की उम्मीद में इस हफ्ते लगातार दो दिनों तक तेजी के साथ खुले भारतीय शेयर बाजार में आज 17 जून, बुधवार को थोड़ी सुस्ती देखी जा रही है. ग्लोबल मार्केट से मिले-जुले संकेतों के बीच आज शेयर बाजार फ्लैट खुले हैं. सेंसेक्स में मामूली शुरुआत के बाद हल्की बढ़त देखी गई. 30 शेयरों वाला बेंचमार्क इंडेक्स BSE Sensex आज 271 अंकों की बढ़त के साथ 77,080 पर खुला. वहीं NSE का 50 शेयरों वाला इंडेक्स Nifty50 आज 52 प्वाइंट ऊपर 24,041 पर खुला.
शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स 8.58 अंक या 0.01 प्रतिशत की मामूली बढ़त के साथ 76,817.58 पर कारोबार कर रहा था, जबकि निफ्टी 1 अंक की गिरावट के साथ 23,988 पर था. इससे पहले दिन में, 30 शेयरों वाला सूचकांक (सेंसेक्स) बढ़त के साथ खुला था और 284.69 अंक या 0.37 प्रतिशत की तेजी के साथ 77,093.17 के इंट्राडे (कारोबार के दौरान) उच्च स्तर पर पहुंच गया था. वहीं, 50 शेयरों का बास्केट (निफ्टी) 58.89 अंक या 0.24 प्रतिशत की बढ़त के साथ 24,044.50 पर खुला था.
कमोडिटी मार्केट में सोने-चांदी का हाल
सोने-चांदी की बात करें तो कमोडिटी मार्केट में भी नरमी ही दिख रही है. सोना 0.29 फीसदी या 441 रुपये की गिरावट के साथ 1,52,650 रुपये के लेवल पर ट्रेड करता दिखा. वहीं चांदी 0.16 फीसदी या 393 रुपये की गिरावट के साथ 2,49,712 रुपये के भाव पर कारोबार करता दिखा.
कमोडिटी बाजार में अंतरराष्ट्रीय बेंचमार्क ब्रेंट क्रूड 0.72 प्रतिशत गिरकर 78.39 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया, जबकि अमेरिकी वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (WTI) क्रूड लगभग 1 प्रतिशत की गिरावट के साथ 75.35 डॉलर पर कारोबार कर रहा था.
सेक्टर वाइज कैसा प्रदर्शन?
सेक्टोरल मोर्चे पर, निफ्टी कंज्यूमर ड्यूरेबल्स 1.26 प्रतिशत की बढ़त के साथ सबसे अच्छा प्रदर्शन करने वाला सेक्टर रहा, जिसके बाद निफ्टी आईटी और निफ्टी मीडिया का नंबर रहा. इसके अलावा, हेल्थकेयर और फार्मा शेयरों की मांग बनी रही, जिसमें निफ्टी फार्मा 0.24 प्रतिशत और निफ्टी हेल्थकेयर 0.18 प्रतिशत मजबूत हुआ.
इसके विपरीत, मेटल और रियल्टी शेयरों में बिकवाली का दबाव देखा गया. निफ्टी मेटल में 0.87 प्रतिशत और निफ्टी रियल्टी में 0.68 प्रतिशत की गिरावट आई. निफ्टी ऑटो, प्राइवेट बैंक और पीएसयू बैंक इंडेक्स भी लाल निशान में (गिरावट के साथ) कारोबार कर रहे थे.
निफ्टी 50 के शेयरों में हिंडाल्को इंडस्ट्रीज, एनटीपीसी, ट्रेंट, ओएनजीसी, भारती एयरटेल, डॉ. रेड्डीज लैबोरेटरीज और एक्सिस बैंक सबसे ज्यादा टूटने वाले शेयरों में शामिल थे.
मार्केट एक्सपर्ट्स ने क्या कहा?
समाचार एजेंसी IANS ने बाजार विशेषज्ञों के हवाले से बताया कि आने वाले समय में दो फैक्टर बाजार के रुझान को प्रभावित कर सकते हैं, एक सकारात्मक और दूसरा नकारात्मक. विशेषज्ञों ने कहा, पॉजिटिव फैक्टर- कच्चे तेल की कीमतों में लगातार और तेज गिरावट है. ब्रेंट क्रूड पिछले पांच दिनों में लगभग 16 प्रतिशत गिरकर करीब 79 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया है, जिससे भारत में भुगतान संतुलन (balance of payments) का घाटा बढ़ने की चिंताएं कम हो गई हैं."
वहीं निगेटिव फैक्टर, कमजोर मानसून है, जो खाद्य महंगाई को लेकर चिंताएं बढ़ा रहा है. हालांकि, विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले दिनों में मानसून की गतिविधि में सुधार हो सकता है, जैसा कि अतीत में भी हुआ है, जिससे ये चिंताएं कम हो सकती हैं.
विशेषज्ञों ने आगे कहा कि यह सकारात्मक रुझान जारी रहने की उम्मीद है क्योंकि रुपया लगातार मजबूत हो रहा है और इसमें आगे भी तेजी आ सकती है.
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