दिवाली के त्योहार पर देशभर के बाजारों में जमकर खरीदारी हुई. सोने-चांदी के आभूषणों से लेकर मोबाइल, टीवी, कपड़े, मिठाइयां और सजावट के सामान तक की खूब बिक्री हुई. कारोबारियों के संगठन कन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (CAIT) के मुताबिक, इस बार दिवाली पर दिल्ली में कारोबार 1 लाख करोड़ रुपये के आंकड़े को पार कर गया है. वहीं, देशभर में दिवाली से जुड़ा कारोबार 6 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा हो चुका है. कैट का अनुमान है कि खरीदारी का यह आंकड़ा बढ़कर 7 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच सकता है.
कैट ने दिवाली पर बाजारों में खरीदारी के लिए पहुंचने वाले ग्राहकों का आभार जताया है. संगठन का कहना है कि इस बार लोगों ने पूरे उत्साह के साथ बाजारों में खरीदारी की. इससे छोटे-बड़े व्यापारियों के कारोबार को अच्छा सहारा मिला है.
स्वदेशी सामानों की बढ़ी मांग
कैट ने कहा कि इस बार बाजारों में स्वदेशी प्रोडक्ट्स की मांग में खास तेजी देखने को मिली है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 'वोकल फॉर लोकल', 'आत्मनिर्भर भारत' और स्वदेशी अपनाने के अभियान का असर खरीदारी में दिखाई दिया है. ग्राहकों ने स्थानीय दुकानदारों, भारतीय कंपनियों, छोटे उद्योगों और कारीगरों के बनाए सामानों को प्राथमिकता दी. संगठन के मुताबिक, इस ट्रेड से देश के छोटे कारोबारियों, लोकल मैन्युफैक्चरर और हस्तशिल्प से जुड़े लोगों को फायदा मिल रहा है. इससे भारतीय प्रोडक्ट्स को बाजार में अपनी जगह बनाने का मौका भी मिल रहा है.
इन सामानों की खूब हुई खरीदारी
इस दिवाली बाजारों में कई तरह के चीजों की मांग रही. सोने-चांदी के आभूषण, चांदी के सिक्के और मूर्तियों की अच्छी बिक्री हुई. इसके अलावा मोबाइल फोन, एलईडी टीवी, फ्रिज, वॉशिंग मशीन और दूसरे इलेक्ट्रॉनिक सामान खरीदने वालों की भी अच्छी संख्या रही. कपड़ों और फैशन से जुड़ी दुकानों पर भी ग्राहकों की भीड़ देखने को मिली. साड़ी, सूट, कुर्ते, रेडीमेड कपड़े और बच्चों के परिधानों की खूब खरीदारी हुई. वहीं, मिट्टी के दीये, लक्ष्मी-गणेश की मूर्तियां, पूजा की थाली, मोमबत्तियां, रंगोली और सजावट की लाइटों की मांग भी बढ़ी. मिठाइयों, ड्राई फ्रूट्स, नमकीन, चॉकलेट और गिफ्ट पैक की बिक्री ने भी कारोबार को गति दी. इसके साथ ही फर्नीचर, रसोई के सामान, घरेलू सजावट की चीजें, खिलौने और उपहारों की खरीदारी भी हुई. कैट के मुताबिक, कार, स्कूटर और मोटरसाइकिल जैसे वाहनों की खरीद में भी लोगों ने दिलचस्पी दिखाई.
छोटे कारोबारियों को मिला फायदा
कैट का कहना है कि त्योहारों पर होने वाली खरीदारी का फायदा सिर्फ बड़े दुकानदारों तक सीमित नहीं रहता. इससे रेहड़ी-पटरी लगाने वाले दुकानदारों, छोटे व्यापारियों, कारीगरों, महिला उद्यमियों और छोटे इंडस्ट्रीज को भी आमदनी का मौका मिलता है. इसके अलावा सामान की ढुलाई करने वाले ट्रांसपोर्ट कारोबारियों, पैकेजिंग कंपनियों, डिलीवरी सेवाओं और लॉजिस्टिक्स से जुड़े लोगों को भी काम मिलता है. इस तरह त्योहारों के दौरान बाजारों में बढ़ी खरीदारी से कई क्षेत्रों में रोजगार और कमाई के अवसर पैदा होते हैं.
छठ पूजा तक बाजारों में बनी रहेगी रौनक
कैट के मुताबिक, दिवाली के बाद भी बाजारों में खरीदारी का सिलसिला जारी रहने की उम्मीद है. अन्नकूट, भैया दूज, छठ पूजा, तुलसी विवाह और 24 नवंबर को गुरु नानक जयंती जैसे त्योहारों के कारण बाजारों में ग्राहकों की आवाजाही बनी रह सकती है. संगठन का मानना है कि आने वाले त्योहारों में पूजा सामग्री, फल, मिठाइयों, कपड़ों, उपहारों और सजावट के सामान की मांग बढ़ेगी. इससे कारोबारियों को दिवाली के बाद भी अच्छी बिक्री की उम्मीद है.
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