Dhanteras Gold Silver Investment: धनतेरस पर सोना-चांदी खरीदना भारतीय परिवारों के लिए पुरानी परंपरा है. इस मौके पर सोना-चांदी खरीदना बेहद शुभ माना जाता है. पिछले 15 सालों के आंकड़े बताते हैं कि सोना-चांदी केवल परंपरा निभाने का जरिया नहीं, बल्केकि निवेश के लिहाज से भी अच्छे रिटर्न देने वाले ऑप्शन रहे हैं. केडिया एडवाइजरी की हालिया रिपोर्ट के अनुसार, साल 2012 से लेकर साल 2026 तक के डेटा पर नजर डालें तो सोने और चांदी ने निवेशकों को मालामाल बना दिया है. पिछले 15 सालों में सोना-चांदी की कीमतों में रिकॉर्ड तेजी देखने को मिली है.
कमोडिटी एक्सपर्ट केडिया एडवायजरी के एमडी अजय केडिया ने बताया कि सोने-चांदी में पॉजिटिव ट्रेंड बना हुआ है. उन्होंने गिरावट पर खरीदारी की सलाह देते हुए बताया कि सोना अगले साल 1.80 लाख रुपये तक जा सकता है, जो कि मौजूदा भाव 141,590 रुपये से करीब 27 फीसदी का मुनाफा दिखा रहा है. वहीं चांदी के अगले साल 3 लाख रुपये तक पहुंचने के अनुमान हैं. ये मौजूदा भाव 183,505 रुपये से करीब 63 फीसदी अपसाइड दिखा रहा है. केडिया के मुताबिक, सोने-चांदी में निवेश कर अगले साल तक होल्ड किया जा सकता है.
15 सालों में सोने की कीमतों में ऐतिहासिक तेजी
अगर हम साल 2012 की बात करें, तो 11 नवंबर 2012 को धनतेरस के दिन सोने की कीमत प्रति 10 ग्राम केवल 31,643 रुपये थी. इसके बाद बाजार में कई उतार-चढ़ाव आए, लेकिन सोने की चमक कभी फीकी नहीं पड़ी. साल 2020 में कोविड के समय सोने ने 32.22 फीसदी की शानदार बढ़त के साथ 50,600 रुपये का आंकड़ा छुआ. इसके बाद 29 अक्टूबर 2024 को सोना 79,233 रुपये पर बंद हुआ और 17 अक्टूबर 2025 को इसने 60.30 फीसदी की सालाना छलांग लगाते हुए 1,27,008 रुपये का जादुई आंकड़ा पार कर लिया. वहीं, 5 नवंबर 2026 तक सोना 1,46,109 रुपये के लेवल पर पहुंच गया.
चांदी ने भी दिखाई अपनी चमक, रिटर्न में सोने को पछाड़ा
केवल सोना ही नहीं, बल्कि चांदी ने भी निवेशकों को अमीर बनाने में कोई कसर नहीं छोड़ी. साल 2012 में चांदी की कीमत 60,920 रुपये प्रति किलोग्राम थी. उतार-चढ़ाव के लंबे दौर के बाद, साल 2024 में चांदी 98,730 रुपये पर पहुंच गई, जिसमें करीब 40.98 फीसदी की सालाना तेजी दर्ज की गई. साल 2025 में चांदी ने 58.62 फीसदी के धमाकेदार रिटर्न के साथ 1,56,604 रुपये का लेवल छुआ. वहीं, 5 नवंबर 2026 को चांदी का भाव बढ़कर 1,90,946 रुपये प्रति किलोग्राम हो गया. इन आंकड़ों से पता चलता है कि अगर आपने भी पिछले सालों में धनतेरस के दिन निवेश किया होता, तो आज आपकी संपत्ति कई गुना बढ़ चुकी होती.
(डिस्क्लेमर: ये निवेश की सलाह नहीं है. सोना-चांदी में निवेश बाजार के जोखिमों के अधीन है. निवेश से जुड़े फैसले करने से पहले अपने एडवाइजर से सलाह जरूर लें.)
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