भारत के सबसे बड़े ट्रेड पार्टनर के तौर पर चीन ने अमेरिका को पीछे छोड़ दिया है. वित्त वर्ष 2026-27 की पहली छमाही यानी अप्रैल से सितंबर के दौरान भारत और चीन के बीच कारोबार 29% बढ़कर 91.76 अरब डॉलर पर पहुंच गया. वहीं, इसी दौरान भारत और अमेरिका के बीच व्यापार 16.5% बढ़कर 83.14 अरब डॉलर रहा. वाणिज्य मंत्रालय के आंकड़ों के मुताबिक, पिछले वित्त वर्ष की पहली छमाही में चीन के साथ भारत का कारोबार 71.24 अरब डॉलर था.
चीन को भारत का एक्सपोर्ट 36% बढ़ा
चीन के साथ कारोबार बढ़ने की एक बड़ी वजह वहां होने वाले भारतीय निर्यात में तेजी है. अप्रैल-सितंबर 2026 के दौरान भारत से चीन को होने वाला निर्यात 36% बढ़कर 11.41 अरब डॉलर हो गया. पिछले वित्त वर्ष की इसी अवधि में यह 8.38 अरब डॉलर था.हालांकि, चीन से भारत का आयात भी तेजी से बढ़ा है. इस दौरान आयात 27.82% बढ़कर 80.34 अरब डॉलर पर पहुंच गया, जो पिछले साल इसी अवधि में 62.86 अरब डॉलर था.
चीन के साथ बढ़ा ट्रेड डेफिसिट
चीन के साथ कारोबार बढ़ने के बावजूद भारत का व्यापार घाटा भी बढ़ गया है. अप्रैल-सितंबर 2026-27 में यह बढ़कर 68.93 अरब डॉलर हो गया, जबकि पिछले वित्त वर्ष की पहली छमाही में 54.06 अरब डॉलर था. इसकी बड़ी वजह चीन से भारत का आयात, निर्यात के मुकाबले काफी ज्यादा होना है.
अमेरिका के साथ भी बढ़ा कारोबार
अमेरिका अब भारत का दूसरा सबसे बड़ा ट्रेड पार्टनर है. दोनों देशों के बीच अप्रैल-सितंबर 2026-27 में कारोबार 83.14 अरब डॉलर रहा, जबकि पिछले साल इसी अवधि में यह 71.39 अरब डॉलर था.
इन देशों के साथ भी बदला व्यापार
वाणिज्य मंत्रालय के आंकड़ों के मुताबिक, अप्रैल-सितंबर 2026-27 में सिंगापुर को भारत का निर्यात 103% और तंजानिया को निर्यात 122.5% बढ़ा. दूसरी ओर, संयुक्त अरब अमीरात (UAE), नीदरलैंड और सऊदी अरब जैसे देशों को निर्यात में गिरावट दर्ज की गई. आयात की बात करें तो ओमान से भारत का आयात 210.9% बढ़ा. ब्राजील से आयात में भी तेजी आई, जो आंकड़ों के मुताबिक 143.13% बढ़ा. वहीं, UAE, सऊदी अरब और स्विट्जरलैंड से भारत का आयात घट गया.
चीन के साथ रिश्ते सुधारने की कोशिश
भारत और चीन के बीच व्यापार बढ़ने के साथ दोनों देशों के रिश्तों को सुधारने पर भी बातचीत चल रही है. 14 अक्टूबर को वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने कहा था कि भारत चीन के साथ अपने संबंधों को फिर से बेहतर बनाने पर काम कर रहा है, हालांकि इस प्रक्रिया का अंतिम नतीजा अभी तय नहीं है.
वाणिज्य सचिव राजेश अग्रवाल ने भी कहा कि दोनों देश संपर्क में हैं और व्यापार से जुड़े मुद्दों पर बातचीत चल रही है. उनके मुताबिक, लगातार बातचीत से दोनों देशों के बीच व्यापारिक रिश्ते बेहतर बनाने में मदद मिलेगी.
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