विज्ञापन

भारत-चीन ने 6 साल बाद खोले बॉर्डर, उत्तराखंड और सिक्किम के रास्ते आज से कारोबार, 36 सामानों की मंजूरी

India China Border: भारत और चीन के सीमापार व्यापार 1 अगस्त से उत्तराखंड के लिपुलेख दर्रे और सिक्किम के नाथू ला दर्रे के जरिये फिर शुरू हो गया है. कोरोना काल में छह साल यह कारोबार बंद रहा.

भारत-चीन ने 6 साल बाद खोले बॉर्डर, उत्तराखंड और सिक्किम के रास्ते आज से कारोबार, 36 सामानों की मंजूरी
India China Trade
NDTV
नई दिल्ली:

भारत और चीन के बीच उत्तराखंड के लिपुलेख दर्रे और सिक्किम के नाथू ला दर्रे के जरिये आज से फिर व्यापार के रास्ते खुल रहे हैं.सिक्किम से सिल्क रूट 1 अगस्त से फिर खुल गया है.इससे सीमापार व्यापार को रफ्तार मिलेगी और पूर्वोत्तर में सीमावर्ती अर्थव्यवस्था को बढ़ावा मिलेगा.पुराने सिल्क रूट के जरिये दोनों देशों में सीमा व्यापार 6 बाद फिर शुरू होगा, जो कोरोना महामारी में रुक गया था. नाथू ला से सीमा व्यापार पहली बार 6 जुलाई 2006 को शुरू हुआ था.ये पुराना सिल्क रूट है, जहां सदियों से दोनों देशों के बीच व्यापार होता रहा है. 

छह महीने खुला रहेगा नाथू ला बॉर्डर

ये बॉर्डर मई से नवंबर के बीच छह महीने खुला रहेगा. इसके लिए गाइडलाइन तय हो गई है. व्यापार के लिए सीमा सोमवार से गुरुवार तक होगा और दोनों देश 36 मंजूर सामानों की मौजूदा सूची को ही बनाए रखेंगे. नाथू ला इंटीग्रेटेड चेक पोस्ट जो लंबे समय तक बंद रहने और हिमालय की कठोर सर्दियों से खराब हो गई थी. उसे मरम्मत कर फिर चालू कर दिया गया है. भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (ITBP) नाथू ला में अतिरिक्त जवान तैनात रहेंगे. पहली बार सीमापार कारोबार में मदद के लिए महिलाओं की एक पूरी पलटन भी सुरक्षा में शामिल होगी.

कोरोना काल में बंद हुआ था व्यापार

1962 के भारत-चीन युद्ध के बाद 44 सालों तक ये रूट बंद रहा था, जिसे जुलाई 2006 में फिर खोला गया था. गलवान युद्ध के बाद दोनों देशों के रिश्तों में तनाव के बाद इसे विश्वास बहाली के बड़े कदम के तौर पर देखा जा रहा है. कोविड-19 के प्रकोप के बाद 2020 में नाथू ला के जरिये व्यापार और कैलाश मानसरोवर यात्रा को रोक दिया गया था.नाथू ला के जरिये कैलाश मानसरोवर यात्रा कुछ हफ्तों पहले ही शुरू हो चुकी है.

Latest and Breaking News on NDTV

इन सामानों का व्यापार

भारत 36 स्वीकृत उत्पादों का चीन को निर्यात कर सकता है.इनमें हैंडीक्राफ्ट, हैंडलूम के सामान, कंबल, खेती के औजार, प्रोसेस्ड फूड, सूखी सब्जियां, मसाले, रेडीमेड कपड़े, बर्तन और पारंपरिक धार्मिक सामान शामिल हैं. तिब्बत की तरफ से होने वाले इंपोर्ट में रेडीमेड कपड़े, जूते, याक के उत्पाद, मक्खन, बोरेक्स, बकरियां, रजाइयां और दूसरे स्वीकृत सामान शामिल हैं. एक ट्रेडिंग सीजन के दौरान 400 व्यापारियों को परमिट जारी होने हैं. मगर अधिकारियों का कहना है कि अब तक कुछ ही पास मंजूर किए गए हैं. 

लिपुलेख दर्रे से भारत-चीन बॉर्डर ट्रेड 1 अगस्त से

उत्तराखंड के लिपुलेख दर्रे से भारत-चीन बॉर्डर ट्रेड भी 1 अगस्त से शुरू हो रहा है. चीन ने 20 भारतीय व्यापारियों को पुरांग तकलाकोट जाने की मंजूरी दी है.व्यापारी बिना किसी सामान के बॉर्डर पार करेंगे ताकि वे वहां की व्यवस्थाओं का जायजा ले सकें और उस स्टॉक की जांच कर सकें जिसे वे पहले वहीं छोड़ आए थे.धारचूला के एसडीएम और ट्रेड अफसर आशीष जोशी ने कहा कि बॉर्डर ट्रेड ऑर्गनाइजेशन इसकी जिम्मेदारी संभाल रहा है.

तकलाकोट तक जाने को मंजूरी

भारत-चीन बॉर्डर ट्रेड एसोसिएशन ने फैसला किया है कि पहले बैच में उन 20 व्यापारियों को प्राथमिकता दी जाएगी जिनका सामान 2019 में तकलाकोट के किराए के गोदामों में रह गया था. तब कोविड-19 के कारण बॉर्डर ट्रेड अचानक रोक दिया गया था. एसोसिएशन प्रेसिडेंट जीवन सिंह रोंगकाली का कहना है कि भारत से नया सामान लेने से पहले हम तकलाकोट के गोदामों में रखे पुराने और बिना बिके स्टॉक की जांच करना चाहते हैं. 

लिपुलेख दर्रे से भारत-चीन सीमा व्यापार

लिपुलेख दर्रे से भारत-चीन सीमा व्यापार 1992 में फिर से शुरू हुआ था. उससे पहले 1962 के भारत-चीन युद्ध के बाद यह व्यापार पूरी तरह से बंद हो गया था. यह व्यापार मुख्य रूप से पिथौरागढ़ जिले की व्यास, दारमा और चौदास घाटियों के भोंतिया व्यापारी करते हैं.1962 से पहले इन समुदायों के पश्चिमी तिब्बत के साथ सदियों पुराने व्यापारिक संबंध थे. इस व्यापार के बंद होने से उन्हें भारी आर्थिक नुकसान हुआ था. 
 

पूरी स्टोरी पढ़ें

NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं

फॉलो करे:
India China Border, India China Trade, Lipulekh Pass Trade Reopening, India China Trade In Nathu La Pass Sikkim, India China Relation
Listen to the latest songs, only on JioSaavn.com