भारत चीन से कारोबार बढ़ाने के लिए तैयार है, लेकिन किसी चाइनीज प्रॉडक्ट की कीमतों में गड़बड़ी या अनुचित व्यापार स्वीकार नहीं किया जाएगा. ऐसी शिकायत मिलने पर तय कानूनी प्रक्रिया के तहत कार्रवाई होगी. केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने नीदरलैंड के हेग में मीडिया से बातचीत के दौरान ये बात कही.
उन्होंने कहा कि चीन भारत को कई जरूरी कच्चे माल और इंटरमीडिएट गुड्स की आपूर्ति करता है. भारत दुनिया के सभी देशों के साथ निष्पक्ष और खुले व्यापार को बढ़ावा देना चाहता है.
इसी बीच भारत और यूरोपीय संघ (EU) के बीच मुक्त व्यापार समझौते (FTA) को लेकर भी अहम बयान आया है. नीदरलैंड के विदेश व्यापार मंत्री स्जोर्ड स्जोर्ड्समा ने उम्मीद जताई कि समझौते पर इस साल दिसंबर तक हस्ताक्षर हो जाएंगे और इसे अगले साल वसंत तक लागू किया जा सकता है.
चीन से व्यापार पर क्या बोले पीयूष गोयल?
हेग में मीडिया ब्रीफिंग के दौरान पीयूष गोयल ने कहा कि चीन भारत को महत्वपूर्ण कच्चे माल और ऐसे उत्पादों की आपूर्ति करता है, जिनकी जरूरत भारतीय उद्योगों को होती है.
उन्होंने कहा, 'अगर किसी खास उत्पाद में हमें लगता है कि निष्पक्ष प्रतिस्पर्धा या कीमत तय करने की प्रक्रिया सही नहीं है, तो उसके लिए एक स्थापित न्यायिक प्रक्रिया है. इसके अलावा, हम निष्पक्ष व्यापार और खुले कारोबार के नियमों में विश्वास करते हैं.'
गोयल ने कहा कि भारत की बढ़ती जरूरतों को पूरा करने के लिए आपूर्तिकर्ताओं का स्वागत है. भारत दुनिया के साथ स्वतंत्र और निष्पक्ष व्यापार को बढ़ावा देने के लिए तैयार है.
उनके बयान का संकेत है कि भारत चीन से जरूरी सामान की आपूर्ति जारी रखने के पक्ष में है, लेकिन किसी उत्पाद की कीमतों या व्यापारिक तौर-तरीकों पर सवाल उठने पर संबंधित प्रक्रिया अपनाई जाएगी.
चीन और आसियान देशों को निर्यात बढ़ाना चाहता है भारत
पीयूष गोयल ने कहा कि भारत दूसरे देशों में अपने सामान और सेवाओं के लिए बाजार खोलने की दिशा में काम कर रहा है. इसके लिए पारस्परिक आधार पर अवसर तलाशे जा रहे हैं, ताकि भारतीय कंपनियों को भी दूसरे देशों के बाजारों तक बेहतर पहुंच मिल सके.
उन्होंने उम्मीद जताई कि आने वाले वर्षों में भारत चीन और आसियान क्षेत्र में वस्तुओं और सेवाओं का बड़ा निर्यातक बनेगा.
गोयल ने बताया कि उन्होंने कैमरून के याउंडे और नई दिल्ली में ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के दौरान अपने चीनी समकक्ष के साथ बैठकें की थीं.
भारत के लिए चीन से कच्चे माल और जरूरी औद्योगिक उत्पादों की आपूर्ति अहम है. वहीं, भारतीय कंपनियों के लिए चीन और दक्षिण-पूर्व एशियाई देशों में अपने उत्पादों और सेवाओं का बाजार बढ़ाना भी एक बड़ा अवसर हो सकता है.
दिसंबर तक भारत-EU ट्रेड डील पर हस्ताक्षर की उम्मीद
भारत और यूरोपीय संघ के बीच ट्रेड डील को लेकर नीदरलैंड के विदेश व्यापार एवं विकास सहयोग मंत्री स्जोर्ड स्जोर्ड्समा ने कहा कि उन्हें उम्मीद है कि समझौते पर दिसंबर 2026 तक हस्ताक्षर हो जाएंगे.
हेग में सोमवार को मीडिया से बातचीत के दौरान NDTV के सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि उम्मीद है कि भारत-EU एफटीए पर इस साल दिसंबर तक हस्ताक्षर हो जाएंगे और अगले साल वसंत तक इसे लागू किया जा सकेगा.
इससे पहले पीयूष गोयल भी उम्मीद जता चुके हैं कि भारत और यूरोपीय संघ के बीच इस बड़े व्यापार समझौते पर कैलेंडर वर्ष 2026 के भीतर हस्ताक्षर हो सकते हैं. इसे 'मदर ऑफ ऑल डील्स' भी कहा जा रहा है.
अगले वित्त वर्ष की शुरुआत तक लागू हो सकता है समझौता
भारत-EU एफटीए के लागू होने की समयसीमा को लेकर दोनों पक्षों की ओर से उम्मीद जताई गई है. उपलब्ध बयानों के मुताबिक, समझौते पर इस साल दिसंबर तक हस्ताक्षर हो सकते हैं, जबकि इसे अगले साल वसंत यानी मार्च-अप्रैल के आसपास लागू किए जाने की संभावना है.
इससे पहले समझौते के अंतिम कानूनी प्रारूप और जरूरी औपचारिकताओं को पूरा करना होगा. इसलिए हस्ताक्षर और लागू होने की तारीख को अभी अंतिम नहीं माना जा सकता.
भारत और यूरोपीय संघ के बीच समझौते से वस्तुओं और सेवाओं के व्यापार, निवेश, तकनीकी सहयोग और कारोबार के नए अवसरों को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है.
यह भी पढ़ें | भारत-अमेरिका ट्रेड डील पर बड़ी खबर, बातचीत का बड़ा हिस्सा पूरा, पीयूष गोयल और मार्को रुबियो ने दिया अपडेट
यह भी पढ़ें | भारत-EU व्यापार समझौते पर हस्ताक्षर 2027 से पहले; NDTV से बोले पीयूष गोयल- दोनों पक्षों के लिए फायदे का सौदा
NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं