- गौतम अदाणी और सागर अदाणी ने अमेरिकी SEC द्वारा दायर प्रतिभूति धोखाधड़ी केस खारिज करने की अर्जी लगाई है
- याचिका में कहा गया है कि मामला अमेरिकी क्षेत्राधिकार से बाहर है और SEC ने कोई गलत गतिविधि साबित नहीं की है
- वकीलों का दावा है कि आरोपों का कोई भरोसेमंद सबूत नहीं है और बॉन्ड की राशि ब्याज सहित चुका दी गई है
अदाणी ग्रुप के चेयरमैन गौतम अदाणी और उनके भतीजे सागर अदाणी ने अमेरिकी प्रतिभूति एवं विनिमय आयोग (SEC) की तरफ से दायर प्रतिभूति धोखाधड़ी (Securities Fraud) के मुकदमे को खारिज करने का अदालत से अनुरोध किया है. 30 अप्रैल को केस खारिज करने की याचिका से पहले, अदालत में दाखिल अर्जी में दलील दी गई है कि यह मामला अमेरिका के क्षेत्राधिकार से बाहर है और SEC कोई भी गलत गतिविधि साबित नहीं कर पाया है.
अर्जी में कहा गया है कि अदाणी ग्रीन एनर्जी लिमिटेड (AGEL) की 2021 में बॉन्ड बिक्री को लेकर SEC के दावे में कई कानूनी कमियां हैं. वकीलों का तर्क है कि इस मामले की सुनवाई के लिए कोर्ट के पास व्यक्तिगत क्षेत्राधिकार नहीं है क्योंकि उनका न तो अमेरिका के साथ कोई पर्याप्त संपर्क रहा है और न ही बॉन्ड जारी करने की प्रक्रिया में इनकी कोई सीधी भागीदारी थी.
बता दें SEC ने नवंबर 2024 में अमेरिका के प्रतिभूति कानूनों के तहत दर्ज कराए मामले में आरोप लगाया था कि अदाणी ने भारत के सरकारी अधिकारियों से संबंधित कथित रिश्वतखोरी मामले की जानकारी न देकर निवेशकों को गुमराह किया था. अदाणी ग्रुप आरोपों को खारिज करता रहा है.
अर्जी में अदाणी के वकीलों का कहना है कि 750 मिलियन डॉलर की बॉन्ड सेल अमेरिका से बाहर रूल 144ए के तहत नियम एस की छूट के अंतर्गत की गई थी. इस दौरान प्रतिभूतियां गैर अमेरिकी अंडरराइटर्स को बेची गई थीं, जिन्हें बाद में क्वालिफाइड इंस्टिट्यूशनल बायर्स को री-सोल्ड किया गया था.
दलील दी गई है कि SEC की शिकायत में ऐसा कोई आरोप नहीं है कि गौतम अदाणी ने बॉन्ड जारी करने की मंजूरी दी थी, किसी प्रमुख बैठक में हिस्सा लिया या फिर अमेरिकी निवेशकों से संबंधित किसी गतिविधि का निर्देश दिया था. SEC ने ऐसे मामले को आधार बनाया है, जो अमेरिकी धरती पर हुआ ही नहीं है.
अदाणी के वकीलों ने अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट के पिछले फैसलों का हवाला देते हुए कहा कि SEC अमेरिका में हुए किसी भी लेनदेन का सबूत नहीं दिखा पाया है, जो कि अमेरिका में सुनवाई के लिए अनिवार्य होती है. इसके अलावा SEC ने ये भी नहीं कहा कि किसी निवेशक को नुकसान हुआ हो. ये बॉन्ड 2024 में मैच्योर हो गए थे और ब्याज समेत पूरा पेमेंट किया जा चुका है.
अर्जी में यह भी कहा गया कि जिस कथित रिश्वतखोरी के आरोपों को आधार बनाकर ये मुकदमा किया गया था, उसे साबित करने का भी कोई भरोसेमंद सबूत नहीं है. इन दलीलों के साथ इस मामले को पूरी तरह खारिज करने का अनुरोध किया गया है.
देखें- जेपी इन्फ्राटेक पर अदाणी समूह के हक पर मुहर, सुप्रीम कोर्ट का स्टे से इनकार
(Disclaimer: New Delhi Television is a subsidiary of AMG Media Networks Limited, an Adani Group Company.)
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