भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (UIDAI) ने स्पेशल अभियान के तहत स्कूली बच्चों के आधार कार्ड (Aadhaar Card) में 2 करोड़ से अधिक अनिवार्य बायोमेट्रिक अपडेट (MBU) पूरे किए. इसमें देश भर के लगभग 1.6 लाख स्कूलों ने हिस्सा लिया. इलेक्ट्रानिक्स एवं आईटी मंत्रालय ने मंगलवार (18 अगस्त) को यह जानकारी दी है. मंत्रालय की ओर से जारी बयान में कहा गया, UIDAI ने अनिवार्य MBU के लिए राष्ट्रव्यापी मिशन-मोड अभियान में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है. इसके तहत देश भर के स्कूली बच्चों के लिए 2 करोड़ से अधिक MBU पूरे किए जा चुके हैं.
सितंबर 2025 में शुरू किए गए इस विशेष अभियान ने अब तक 1.56 लाख से अधिक स्कूलों को कवर कर लिया है. इससे स्कूली बच्चे समर्पित स्कूल-स्तरीय शिविरों और यूआईडीएआई तथा राज्य/केंद्र शासित प्रदेश शिक्षा विभागों के समन्वित प्रयासों के माध्यम से आसानी से अपने आधार बायोमेट्रिक अपडेट करवा पा रहे हैं. इससे MBU सेवा बच्चों तक सीधे उनके स्कूलों में पहुंच सकी है, इससे करोड़ों छात्रों के लिए यह प्रक्रिया अधिक आसान और सुविधाजनक हो गई है.
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5 साल से कम आयु के बच्चों बयोमैट्रिक नहीं
मंत्रालय ने बताया कि 5 साल से कम आयु के बच्चों के आधार रजिस्ट्रेशन में पंजीकरण में डेमोग्राफिक जानकारी और फोटो इकट्ठा किया जाता है. उंगलियों के निशान और आंखों की पुतली जैसी बायोमेट्रिक्स उस उम्र में एकत्र नहीं की जाती है, क्योंकि ये बायोमेट्रिक्स अभी विकसित हो रही होती हैं. MBU यह सुनिश्चित करने में मदद करता है कि बच्चे के आधार कार्ड में बायोमेट्रिक जानकारी हमेशा अपडेटेड रहे.
5 साल की आयु प्राप्त करने पर और फिर 15 वर्ष की आयु प्राप्त करने पर MBU जरूरी है. समय पर इसे पूरा करने से बच्चों के स्कूल और उच्च शिक्षा में आगे बढ़ने और विभिन्न सेवाओं और लाभों का फायदा उठाने के दौरान आधार प्रमाणीकरण की प्रक्रिया सुचारु रूप से चलती है, जहां आधार प्रमाणीकरण की आवश्यकता हो सकती है.
किस तरीख तक बायोमैट्रिक अपडेट मुफ्त होगा
समय पर परीक्षा पूरी करने को प्रोत्साहित करने और सेवा को अधिक सुलभ बनाने के लिए, UIDAI ने 1 अक्टूबर 2025 से एक साल की अवधि के लिए 7-15 वर्ष आयु वर्ग के बच्चों के लिए MBU शुल्क माफ कर दिया था. 5-7 वर्ष और 15-17 साल आयु वर्ग के बच्चों के लिए MBU अभी भी फ्री है. इसलिए, तकनीकी रूप से 30 सितंबर 2026 तक 5-17 वर्ष की आयु के बीच MBU फ्री है. यानी यह मुफ्त MBU 31 सितंबर 2026 तक लागू है. इसके बाद सरकार इस पर फैसला ले सकती है.
मंत्रालय ने बताया कि आधार कार्ड में एमबीयू न होने से विभिन्न सरकारी योजनाओं के तहत लाभ प्राप्त करने, नीट, जीईई, सीयूईटी जैसी प्रतियोगी और विश्वविद्यालय परीक्षाओं में पंजीकरण कराने आदि के दौरान प्रमाणीकरण में कठिनाइयां आ सकती हैं. यूआईडीएआई माता-पिता और अभिभावकों से अपने बच्चों के आधार कार्ड में एमबीयू पूरा करने का आग्रह कर रहा है.
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