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सीतामढ़ी कैश कांड में डीएम का बड़ा एक्शन, पंचायत सचिव पर गिरी गाज; मुखिया को हटाने के निर्देश

डीएम ने बताया कि सरकारी राशि की निकासी कर उसे निजी उपयोग में खर्च किए जाने की शिकायत मिली थी. जिसके बाद अब बड़ी कार्रवाई हुई है. डीएम की इस कार्रवाई से हड़कंप मच गया. 

सीतामढ़ी कैश कांड में डीएम का बड़ा एक्शन, पंचायत सचिव पर गिरी गाज; मुखिया को हटाने के निर्देश
सीतामढ़ी कैश कांड में डीएम का बड़ा एक्शन

बिहार के सीतामढ़ी जिले के बोखड़ा प्रखंड के ग्राम पंचायत चकौती में वित्तीय अनियमितता के मामले में डीएम ने कड़ा रुख अपनाते हुए बड़ी कार्रवाई की है. जांच में मुखिया और पंचायत सचिव द्वारा नियमों को ताक पर रखकर लाखों रुपये की अवैध नगद निकासी और निजी उपयोग का मामला सही पाया गया. इस गंभीर वित्तीय अनियमितता पर डीएम ने पंचायत सचिव को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर प्राथमिकी दर्ज करने और राशि वसूली का आदेश दिया है. साथ ही, दोषी मुखिया को पद से हटाने (डिस्मिसल) की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है.

निजी उपयोग में सरकारी धन के खर्च की शिकायत

डीएम रिची पांडेय के मुताबिक, मिली शिकायत के आधार पर कराई गई जांच में सरकारी राशि की अवैध निकासी और उसके दुरुपयोग का मामला सामने आया है. बिना किसी स्वीकृत विभागीय दिशा-निर्देश के खिलाफ सरकारी राशि की निकासी कर उसे निजी उपयोग में खर्च किए जाने की शिकायत मिली थी. इस पर प्रखंड विकास पदाधिकारी, बोखड़ा को जांच का जिम्मा सौंपा गया. 

जांच के दौरान योजना पंजी के निरीक्षण में पाया गया कि दो योजनाओं की राशि क्रमशः 1 लाख और 2 लाख रुपये के चेक अभिकर्ता द्वारा ग्राम पंचायत चकौती के मुखिया अशोक कुमार को दिए गए. मुखिया द्वारा इन चेकों के माध्यम से नगद निकासी तो कर ली गई, लेकिन निकासी के बाद राशि के इस्तेमाल को लेकर कोई जानकारी नहीं दी गई. 

कम वसूली के साथ पंचायत सचिव पर FIR के निर्देश

इसके अलावा एक दूसरे चेक के जरिए 50,000 रुपये की राशि ‘कार्यालय व्यय' के नाम पर निकाली गई, जिसका उपयोग भी नगद रूप में किया गया. जांच में यह स्पष्ट हुआ कि इस प्रकार की नगद निकासी विभागीय नियमों और दिशा-निर्देशों के खिलाफ है. प्रखंड विकास पदाधिकारी द्वारा प्रस्तुत जांच प्रतिवेदन के आधार पर डीएम रिची पांडेय ने सख्त कार्रवाई करते हुए पंचायत सचिव को निलंबित करने और उसके खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराने का निर्देश दिया है. साथ ही नीलामपत्र वाद दायर कर दो सप्ताह के भीतर राशि वसूली का निर्देश दिया है.

साथ ही पंचायत सचिव के खिलाफ विभागीय कार्रवाई भी शुरू करने का आदेश दिया गया है. वहीं, ग्राम पंचायत चकौती के मुखिया अशोक कुमार के खिलाफ बिहार पंचायत राज अधिनियम की धारा 18(5) के तहत पदच्युत (हटाने) की प्रक्रिया प्रारंभ करने का निर्देश जारी किया गया है. डीएम की इस कार्रवाई से हड़कंप मच गया. 

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