पटना हाई कोर्ट.
- मामले की सुनवाई एक सदस्यीय बेंच करेगी
- वकीलों ने ब्रजेश ठाकुर की नेताओं से सांठ गांठ की भी जांच की मांग की
- सीबीआई ने पटना से मुजफ्फरपुर तक जांच तेज़ कर दी
पटना:
पटना हाई कोर्ट ने मुजफ्फरपुर सेक्स कांड की विधिवत मॉनिटरिंग सोमवार से शुरू कर दी. पहली सुनवाई में इस मामले की जांच कर रही सीबीआई को दो हफ्ते में जांच की प्रगति और उसकी दिशा के बारे में रिपोर्ट देने का आदेश जारी हुआ.
मामले की सुनवाई करते हुए मुख्य न्यायाधीश राजेंद्र मेनन और राजीव रंजन प्रसाद से खंडपीठ ने कहा कि इस मामले की सुनवाई एक सदस्यीय बेंच करेगी जिसकी विधिवत अधिसूचना जारी की जाएगी. बेंच इस मामले से सम्बंधित सभी सुनवाई जैसे जमानत और मामले से सम्बंधित अन्य पहलुओं के बारे में सुनवाई करेगी.
सुनवाई के दौरान एडवोकेट जनरल ललित किशोर ने कहा कि इस मामले में लापरवाही के आरोप में बारह अधिकारियों को निलम्बित किया गया है. सुनवाई में मौजूद अन्य वकीलों ने एनजीओ के माध्यम से पूरे घोटाले की और मुख्य आरोपी ब्रजेश ठाकुर की राजनेताओं से सांठ गांठ की भी जांच की मांग की. हालांकि इन मांगों पर कोर्ट ने कोई कमेंट नहीं किया.
यह भी पढ़ें : मुजफ्फरपुर रेप कांड : नीतीश ने कहा- किसी को अकारण जिम्मेदार ठहराकर इस्तीफा कैसे ले लें?
हालांकि इस मामले का संज्ञान लेते हुए सर्वोच्च न्यायालय ने भी राज्य और केंद्र सरकार को नोटिस जारी किया है. लेकिन माना जा रहा है कि कोर्ट की मॉनिटरिंग होने के कारण नीतीश कुमार की सरकार न केवल अधिकारियों के खिलाफ बल्कि ब्रजेश ठाकुर पर कृपा रखने वालों पर भी कार्रवाई करेगी. लेकिन कोर्ट की मॉनिटरिंग के बाद राज्य में विपक्षी दलों की एक मुख्य मांग मान ली गई है. विधान परिषद में उप मुख्यमंत्री सुशील मोदी ने कोर्ट से मॉनिटरिंग कराने की घोषणा की थी.
VIDEO : हाईकोर्ट की निगरानी में होगी जांच
इस बीच जांच एजेन्सी सीबीआई ने पटना से मुजफ्फरपुर तक जांच तेज़ कर दी है. सोमवार को मुजफ्फरपुर में उसने फिर बाल गृह का निरीक्षण किया.
मामले की सुनवाई करते हुए मुख्य न्यायाधीश राजेंद्र मेनन और राजीव रंजन प्रसाद से खंडपीठ ने कहा कि इस मामले की सुनवाई एक सदस्यीय बेंच करेगी जिसकी विधिवत अधिसूचना जारी की जाएगी. बेंच इस मामले से सम्बंधित सभी सुनवाई जैसे जमानत और मामले से सम्बंधित अन्य पहलुओं के बारे में सुनवाई करेगी.
सुनवाई के दौरान एडवोकेट जनरल ललित किशोर ने कहा कि इस मामले में लापरवाही के आरोप में बारह अधिकारियों को निलम्बित किया गया है. सुनवाई में मौजूद अन्य वकीलों ने एनजीओ के माध्यम से पूरे घोटाले की और मुख्य आरोपी ब्रजेश ठाकुर की राजनेताओं से सांठ गांठ की भी जांच की मांग की. हालांकि इन मांगों पर कोर्ट ने कोई कमेंट नहीं किया.
यह भी पढ़ें : मुजफ्फरपुर रेप कांड : नीतीश ने कहा- किसी को अकारण जिम्मेदार ठहराकर इस्तीफा कैसे ले लें?
हालांकि इस मामले का संज्ञान लेते हुए सर्वोच्च न्यायालय ने भी राज्य और केंद्र सरकार को नोटिस जारी किया है. लेकिन माना जा रहा है कि कोर्ट की मॉनिटरिंग होने के कारण नीतीश कुमार की सरकार न केवल अधिकारियों के खिलाफ बल्कि ब्रजेश ठाकुर पर कृपा रखने वालों पर भी कार्रवाई करेगी. लेकिन कोर्ट की मॉनिटरिंग के बाद राज्य में विपक्षी दलों की एक मुख्य मांग मान ली गई है. विधान परिषद में उप मुख्यमंत्री सुशील मोदी ने कोर्ट से मॉनिटरिंग कराने की घोषणा की थी.
VIDEO : हाईकोर्ट की निगरानी में होगी जांच
इस बीच जांच एजेन्सी सीबीआई ने पटना से मुजफ्फरपुर तक जांच तेज़ कर दी है. सोमवार को मुजफ्फरपुर में उसने फिर बाल गृह का निरीक्षण किया.
पूरी स्टोरी पढ़ें
NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं
Muzaffarpur Child Rapes