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Bihar Mahila Yojana : बिहार मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना... इन महिलाओं को अब मिलेंगे 2 लाख, डॉक्यूमेंट्स रखे

Bihar Mahila Rojgar Yojana :सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, पहले चरण में इस योजना के तहत लगभग 75 लाख से अधिक महिलाओं को 10,000 रुपये की सहायता दी जा चुकी है.

Bihar Mahila Yojana : बिहार मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना... इन महिलाओं को अब मिलेंगे 2 लाख, डॉक्यूमेंट्स रखे
Mukhyamantri Mahila Rojgar Yojana: . पहले चरण में 10,000 रुपये की राशि सीधे महिलाओं के बैंक खातों में भेजी गई
पटना:

Bihar Women Scheme 2026:  बिहार सरकार ने महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना को अब नए और बड़े चरण में आगे बढ़ाने का फैसला किया है. इस योजना के तहत पहले चरण में महिलाओं को 10,000 रुपये की सहायता दी गई थी, ताकि वे कोई छोटा काम शुरू कर सकें. अब सरकार ने यह स्पष्ट किया है कि जिन महिलाओं ने इस राशि का सही उपयोग किया है और जिनका छोटा व्यवसाय जमीन पर चलता दिख रहा है, उन्हें आगे अपना काम बढ़ाने के लिए चरणों में कुल मिलाकर 2 लाख रुपये तक की सहायता दी जाएगी. यह राशि एक साथ नहीं, बल्कि अलग-अलग किश्तों में दी जाएगी.

सरकार का कहना है कि इस योजना का उद्देश्य सिर्फ आर्थिक मदद देना नहीं है, बल्कि महिलाओं को स्थायी रोजगार से जोड़ना है. शुरुआती 10,000 रुपये की सहायता से कई महिलाओं ने सिलाई-कढ़ाई, ब्यूटी पार्लर, ठेला, किराना दुकान, डेयरी, मुर्गी पालन, सब्जी बेचने और घर में खाद्य सामग्री तैयार करने जैसे छोटे काम शुरू किए हैं. सरकारी स्तर पर यह दावा किया जा रहा है कि बड़ी संख्या में महिलाओं की आमदनी में शुरुआती तौर पर बढ़ोतरी भी हुई है.

 किश्तों में दी जाएंगी 2 लाख रुपए

योजना के तहत पैसे के वितरण की प्रक्रिया भी तय की गई है. पहले चरण में 10,000 रुपये की राशि सीधे महिलाओं के बैंक खातों में भेजी गई. दूसरे चरण में यह देखा जाएगा कि महिला ने पैसा किस काम में लगाया और क्या उसका व्यवसाय वास्तव में चल रहा है या नहीं. इसके लिए पंचायत, प्रखंड और जिला स्तर पर जांच की व्यवस्था की गई है. जांच में संतोषजनक स्थिति मिलने पर ही अगली किश्त दी जाएगी. इसी तरह काम की प्रगति के आधार पर आगे की किश्तें दी जाएंगी और कुल सहायता राशि 2 लाख रुपये तक पहुंच सकती है.

75 लाख से अधिक महिलाओं को मिला योजना का लाभ

सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, पहले चरण में इस योजना के तहत लगभग 75 लाख से अधिक महिलाओं को 10,000 रुपये की सहायता दी जा चुकी है. सिर्फ इस चरण में ही सरकार को करीब 7,500 करोड़ रुपये खर्च करने पड़े हैं. यदि इन सभी महिलाओं को आगे 2 लाख रुपये तक की राशि दी जाए, तो कुल खर्च एक लाख करोड़ रुपये से भी अधिक हो सकता है. यही वजह है कि सरकार ने साफ कर दिया है कि बड़ी राशि केवल सीमित संख्या में उन्हीं महिलाओं को दी जाएगी, जिनका व्यवसाय सफल और टिकाऊ साबित होगा.

योजना को लागू करना सरकार के लिए चुनौती

बिहार सरकार का कुल वार्षिक बजट लगभग 3 लाख करोड़ रुपये के आसपास है. इसमें शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क, बिजली, सामाजिक सुरक्षा पेंशन और अन्य कल्याणकारी योजनाओं पर पहले से ही बड़ा खर्च होता है. ऐसे में महिला रोजगार योजना के लिए अतिरिक्त संसाधन जुटाना सरकार के लिए आसान नहीं है. सरकार को यह भी ध्यान रखना होता है कि राज्य का वित्तीय घाटा तय सीमा के भीतर रहे. इसी वजह से इस योजना को धीरे-धीरे और चरणबद्ध तरीके से लागू किया जा रहा है.

विशेषज्ञों का मानना है कि यह योजना महिलाओं के लिए एक बड़ा अवसर हो सकती है, लेकिन इसके सामने कई चुनौतियां भी हैं. सबसे बड़ी चुनौती सही लाभार्थियों की पहचान और निगरानी की है. अगर जांच और निगरानी व्यवस्था कमजोर रही, तो पैसे के गलत इस्तेमाल की आशंका बनी रहेगी. पहले भी कई योजनाओं में यह देखा गया है कि बिना मजबूत निगरानी के लाभ जमीन तक सही तरीके से नहीं पहुंच पाता.

विपक्षी दल क्यों उठा रहे योजना पर सवाल?

विशेषज्ञ यह भी कहते हैं कि केवल पैसा देने से ही कोई व्यवसाय लंबे समय तक सफल नहीं होता. सरकार ने संकेत दिए हैं कि आने वाले समय में प्रशिक्षण और बाजार से जोड़ने पर भी काम किया जाएगा. विपक्षी दल इस योजना को लेकर सवाल उठा रहे हैं. उनका कहना है कि सरकार ने बड़ी घोषणा तो कर दी है, लेकिन यह साफ नहीं किया है कि आखिर कितनी महिलाओं को 2 लाख रुपये तक की राशि मिलेगी. विपक्ष यह भी पूछ रहा है कि कहीं भविष्य में इस राशि को ऋण की तरह तो नहीं माना जाएगा. सरकार का कहना है कि यह योजना पूरी तरह अनुदान आधारित है और महिलाओं से यह राशि वापस नहीं ली जाएगी.

सरकार के सामने अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि इस योजना को लंबे समय तक कैसे चलाया जाए. यदि बड़ी संख्या में महिलाएं दूसरे और तीसरे चरण तक पहुंचती हैं, तो बजट पर दबाव और बढ़ेगा. ऐसे में केंद्र सरकार से अतिरिक्त मदद, दूसरी योजनाओं के साथ तालमेल और निजी क्षेत्र के सहयोग जैसे विकल्पों पर भी विचार करना होगा.

कुल मिलाकर, मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना बिहार की महिलाओं के लिए एक नया रास्ता खोलती है. 10,000 रुपये से शुरू होकर 2 लाख रुपये तक की यह सहायता तभी सफल होगी, जब इसका लाभ सही महिलाओं तक पहुंचे, निगरानी मजबूत हो और महिलाओं को अपने काम को आगे बढ़ाने के लिए जरूरी सहयोग भी मिले. अगर यह योजना सही तरीके से लागू होती है, तो यह बिहार की ग्रामीण अर्थव्यवस्था और महिलाओं की सामाजिक स्थिति में बड़ा बदलाव ला सकती है.

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